ओबरी मार्ग के बकहुल जंगल की घटना, अगला टायर फट जाने से पलटा ट्रैक्टर, इंजन में भड़की आग से हुई दर्दनाक घटना

Newspost, Regional Desk, NPG Media Report.

सरई, सिंगरौली, मध्य प्रदेश। गत मंगल- बुध की रात लगभग 11:30 बजे सरई थाना क्षेत्र मकरी गांव निवासी गुप्ता परिवार के लिए काली रात बनकर आई। ओबरी मार्ग पर स्थित बकहुल के जंगल से होकर गुजर रही सड़क पर माता-पिता, बड़े भाई व भतीजी के आँखों के सामने उनके परिवार का नौजवान युवक नरेन्द्र गुप्ता धू धू कर जलता रहा और अंत में दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना को सूनने वालों की रूह तक कांप गई।

ऐसे हुई यह दर्दनाक घटना-

यह घटना सरई थाना क्षेत्र के ओबरी मुख्य मार्ग के बकहुल के समीपी नागपानी जंगल में घटित हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार साप्ताहिक बाजार अपने ही ट्रैक्टर से कैलाश गुप्ता का परिवार घर वापस आ रहा था। बताते हैं कि उनके चलते ट्रैक्टर का अगला टायर फट गया और ट्रैक्टर पलट गया। ट्रैक्टर के पलटते ही उसके इंजन में आग लग गई। इस घटना में चालक नरेन्द्र गुप्ता उम्र 24 वर्ष ट्रैक्टर इंजन की आग के चपेट में आ गया। देखते ही देखते वह धू-धूकर घटनास्थल पर ही जल गया जिससे उसकी हृदयविदारक मृत्यु हो गई।

बताया गया है कि ग्राम मकरी निवासी कैलाश प्रसाद गुप्ता हमेशा की तरह साप्ताहिक बाजार करने के लिए ट्रैक्टर में कपड़े लेकर सरई गया हुआ था। साप्ताहिक बाजार में उसकी पत्नी मुन्नी देवी उम्र 55 वर्ष, दो बेटे अरुण उम्र 40 वर्ष, नरेन्द्र गुप्ता उम्र 24 वर्ष एवं पौत्री खुशी उम्र 12 वर्ष भी साथ में गये हुये थे। मंगलवार की रात करीब 11:30 बजे ट्रैक्टर में कपड़े का बंडल को लेकर सपरिवार वापस घर आ रहे थे। इसी बीच ट्रैक्टर का अगला टायर ब्लॉस्ट हुआ और इंजन पलट गया। ट्रैक्टर के पलटते ही उसमें आग लग गई जिसने नरेन्द्र गुप्ता को अपनी पकड़ में ले लिया। आननफानन नरेन्द्र को बचाने के क्रम में ट्रैक्टर में सवार उसके माता-पिता, भाई व अन्य गंभीर रूप से घायल हो ग‌ए, फिर भी चीख चीखकर हर संभव कोशिश करते रहे। लेकिन नरेन्द्र को बचाने के सारे प्रयास विफल हो गये। माँ-पिता, भाई एवं भतीजी के नजरों के सामने नरेन्द्र धू-धूकर जलकर काल के गाल में समा गया। इस हादसे में कैलाश गुप्ता का हाथ, मृतक की माँ के हाथ-पैर दोनों टूट गये। शेष अन्य को भी गंभीर चोटें आई हैं।

राहगीरों ने नहीं दिखाई मानवता

मृतक नरेन्द्र के परिजनों के अनुसार घटना के समय परिजन बचाव के लिए चीख पुकार करते रहे। लेकिन मार्ग से गुजरने वाले राहगीर अनसुनी कर चलते गये। अंतत: जब आस-पास के गांव के लोगों को आवाज सुनाई दी तब ग्रामीण घटनास्थल पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गये। लेकिन तब तक नरेन्द्र इस दुनिया को छोड़कर चला गया था। घायलों को पुलिस एवं ग्रामीणों के द्वारा उपचार के लिए सरई अस्पताल भेजा गया। बताया गया है कि घटना के आधा घंटे बाद स्थल पर पहुंचे गामीणों द्वारा तकरीबन 12 बजे जेपी के साथ-साथ पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन रात करीब 3 बजे जेपी मझौली का फायर बिग्रेड पहुंचा। लेकिन तब तक सब कुछ नष्ट हो चुका था। घटनास्थल पर कंकाल के अलावा कुछ भी नजर नही आया। इधर ग्रामीण का कहना है कि यदि थाना या पुलिस चौकी में एक भी फायर बिग्रेड होती तो आगजनी की घटना पर समय रहते काबू पाया जा सकता था। लोग इसे प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों की नाकामी का दुष्परिणाम बता रहे हैं।

इन्होंने बताया-
बकहुल के जंगल में ट्रैक्टर के टायर के ब्लॉस्ट होने से पलट गया और इंजन के नीचे नरेन्द्र गुप्ता दब गया और इसी दौरान ट्रैक्टर में आग लगी। जहां नरेन्द्र की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच बचाव कार्य में जुट गई। इस हादसे में मृतक के परिवार के सदस्य भी घायल हुये हैं।
ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह
निरीक्षक, थाना सरई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *