🌞ॐ श्री गणेशाय नमःॐ🌞🌞आपका दिन मंगलमय हो🌞

Newspost, Astrology. Courtesy – Aacharya Vijay.
🌞आज का सनातन पञ्चाङ्ग🌞
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🔻कलियुगाब्द - 5128
🔻संवत - रौद्र
🔻संवत्सर राजा - गुरु
🔻संवत्सर मंत्री - मङ्गल
🔻दिनांक - 02 अप्रैल 2026
🔻दिन - गुरुवार
🔻विक्रम संवत् - 2083
🔻अयन - उत्तरायण
🔻ऋतु - वसंत
🔻मास - चैत्र
🔻पक्ष - शुक्ल
🔻तिथि - पूर्णिमा सुबह 07:41 तक तत्पश्चात् प्रतिपदा
🔻नक्षत्र - हस्त शाम 05:38 तक तत्पश्चात् चित्रा
🔻योग - ध्रुव दोपहर 02:20 तक तत्पश्चात् व्याघात
🔻राहुकाल - दोपहर 02:04 से दोपहर 03:37 तक
🔻सूर्योदय - 06:19
🔻सूर्यास्त - 06:43
🔻दिशा शूल - दक्षिण दिशा में
🔻ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:46 से प्रातः 05:32 तक
🔻अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:06 से दोपहर 12:55 तक
🔻निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:07 से मध्यरात्रि 12:53 तक
🔻व्रत पर्व विवरण - चैत्री पूर्णिमा, श्री हनुमानजी का प्राकट्य दिवस, वैशाख स्नान (02 अप्रैल से 01 मई तक)
🔻विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
🌞हनुमान जन्मोत्सव🌞
🔻जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। कभी कोई विरोधी परेशान करता है तो कभी घर के किसी सदस्य को बीमारी घेर लेती है। इनके अलावा भी जीवन में परेशानियों का आना-जाना लगा ही रहता है। ऐसे में हनुमानजी की आराधना करना ही सबसे श्रेष्ठ है। हनुमानजी की कृपा पाने का यह बहुत ही उचित अवसर है। यदि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में कोई संकट न आए तो नीचे लिखे मंत्र का जप हनुमान जन्मोत्सव के दिन करें। प्रति मंगलवार या शनिवार को भी इस मंत्र का जप कर सकते हैं।
🌞मंत्र🌞
ऊँ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा🌞जप विधि🌞
🔻सुबह जल्दी उठकर सर्वप्रथम स्नान आदि नित्य कर्म से निवृत्त होकर साफ वस्त्र पहनें।
🔻इसके बाद अपने माता-पिता, गुरु, इष्ट व कुल देवता को नमन कर कुश का आसन ग्रहण करें।
🔻पारद हनुमान प्रतिमा के सामने इस मंत्र का जप करेंगे तो विशेष फल मिलता है।
🔻जप के लिए लाल मूँगे की माला का प्रयोग करें।
🔻चैत्र शुक्ल पूर्णिमा से वैशाख मास स्नान आरंभ हो जाता है। यह स्नान पूरे वैशाख मास तक चलता है। इस बार वैशाख स्नान 02 अप्रैल गुरुवार से प्रारंभ होगा जो की 01 मई, शुक्रवार तक रहेगा।
🔻स्कंदपुराण में वैशाख मास को सभी मासों में उत्तम बताया गया है। पुराणों में कहा गया है कि वैशाख मास में सूर्योदय से पहले जो व्यक्ति स्नान करता है तथा व्रत रखता है, वह भगवान विष्णु का कृपापात्र होता है। स्कंदपुराण में उल्लेख है कि महीरथ नामक राजा ने केवल वैशाख स्नान से ही वैकुण्ठधाम प्राप्त किया था। इसमें व्रती को प्रतिदिन प्रात: काल सूर्योदय से पूर्व किसी तीर्थस्थान, सरोवर, नदी या कुएं पर जाकर अथवा घर पर ही स्नान करना चाहिए। स्नान करने के बाद सूर्योदय के समय अर्घ्य देते समय नीचे लिखा मंत्र बोलना चाहिए।
वैशाखे मेषगे भानौ प्रात: स्नानपरायण:।अध्र्यं तेहं प्रदास्यामि गृहाण मधुसूदन।।
🔻वैशाख व्रत महात्म्य की कथा सुनना चाहिए तथा ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का यथासंभव जप करना चाहिए। व्रती को एक समय भोजन करना चाहिए। वैशाख मास में जलदान का विशेष महत्व है। इस मास में प्याऊ की स्थापना करवानी चाहिए। पंखा, खरबूजा एवं अन्य फल, अन्न आदि का दान करना चाहिए।
🔻स्कंदपुराण के अनुसार इस मास में तेल लगाना, दिन में सोना, कांसे के बर्तन में भोजन करना, दो बार भोजन करना, रात में खाना आदि वर्जित माना गया है। वैशाख मास के देवता भगवान मधुसूदन हैं।
🔻रविवार, सप्तमी, नवमी, अमावस्या, सूर्यग्रहण, चन्द्रग्रहण तथा संक्रांति – इन तिथियों को छोड़कर बाकी के दिन आँवले का रस शरीर पर लगाकर स्नान करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है। (स्कंद पुराण, वैष्णव खंड)
🔻क्रोध भस्मासुर है, करा कराया सब खाक कर देता है । जिन्हें क्रोध पर नियंत्रण पाना हो वे नीचे दिये गये सरल एवं कारगर उपायों में से एक या अधिक उपायों का लाभ अवश्य लें ।
🔻(१) एक कटोरी में जल लेकर उसमें देखते हुए ‘ॐ शांति… शांति… शांति… ॐ…’ इस प्रकार २१ बार जप करें और वह जल पी लें तो क्रोधी स्वभाव में बदलाहट आयेगी ।
🔻(२) जब क्रोध आये तो उस समय अपना विकृत चेहरा आईने में देखने से भी लज्जावश क्रोध भाग जायेगा ।
🔻(३) सुबह नींद में से उठते ही बिस्तर पर बैठ के ललाट पर तिलक करने की जगह पर अपने सद्गुरु या इष्ट का ध्यान करें । बाद में संकल्प करते हुए एवं यह मंत्र बोलते हुए क्रोध की मानसिक रूप से अग्नि में आहुति डालें: ॐ क्रोधं जुहोमि स्वाहा ।
🔻(४) एक नग आँवले का मुरब्बा रोज सुबह खायें व शाम को एक चम्मच गुलकंद खाकर दूध पी लें, इससे विशेषकर पित्तप्रकोपजनित क्रोध पर नियंत्रण पाने में सहायता मिलेगी । (शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन न करें ।)
🌞कब्जनाशक प्रयोग🌞
➡️कब्ज अनेक रोगों का गढ है । कब्ज दूर करने के लिए निम्न उपाय करें ।
🔻रात को हरड़ पानी में भिगोकर रखें । सुबह थोड़ी सी हरड़ उसी पानी में रगड़ें और थोड़ा सा नमक मिलाकर पियें ।
🔻सूर्योदय से पहले खाली पेट रात का रखा हुआ पानी आवश्यकतानुसार पियें (गुनगुना हो तो उत्तम) ।
🔻मेथी के पत्तों की सब्जी खायें ।
🔻धनिया, पुदीना, काला नमक व काली मिर्च की चटनी भोजन के साथ लें ।
🔻श्वास बाहर निकालकर गुदाद्वार का संकोचन विस्तरण (अश्विनी मुद्रा) करने को थलबस्ती कहते हैं। यह प्रयोग रोज तीन-चार बार करने से भी कब्ज दूर होता है और वीर्यहानि, स्वप्नदोष एवं प्रदर रोग से रक्षा होती है । व्यक्तित्व विकसित होता है ।
🌞दैनिक राशिफल🌞
02 अप्रेल 2026, गुरुवार
🔻मेष राशि : आज आपके अच्छे कार्यों से आपका व आपके खानदान का गौरव बढ़ेगा। आपकी निर्णय लेने की क्षमता का लाभ भी आपको मिलेगा। आप की रुचि जप-तप, यज्ञ ईश्वरीय भक्ति में अधिक रहती है, अत: आज सामाजिक व धार्मिक कार्यों में सहयोग करेंगे।
🔻वृष राशि : आज आपको संतान पक्ष के श्रेष्ठ आचरण का और उनकी सफलता का यश और हर्ष होगा। माता-पिता सेे आशीर्वाद लेकर घर से निकलें कोई विशेष सफलता मिलेगी। नौकर-चाकर व सांसारिक सुख भोगों का विस्तार होगा। आमदनी के नए मार्ग बनेंगे। सायं काल से रात्रि तक का समय देवदर्शन और पुण्य कार्यों पर व्यतीत होगा।
🔻मिथुन राशि : यदि कोई मुकदमा या कोई अन्य पूछताछ चल रही है तो आज समय आपके लिए अनुकूल नहीं है। त्वरित निर्णय न ले पाने के कारण कार्यों में बाधा व हानि होगी। यदि आप नौकरी करते हैं तो अधिकारियों की कृपा से अधिकारों में वृद्धि हो सकती है।
🔻कर्क राशि : यदि आपकी उन्नति रुकी हुई है तो आज अवश्य हो जाएगी, इसके अतिरिक्त आज आप अपनी वाकपटुता से किसी बहुत बड़े अफसर को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहेंगे। निर्णय लेने की क्षमता का लाभ होगा।
🔻सिंह राशि : यदि आप व्यापारी हैं तो आपके व्यापार में कुछ नए परिवर्तन होंगे। नौकरी पेशा है तो आपके अधिकार बढ़ेंगे, जिससे आपको आर्थिक लाभ व सम्मान मिलेगा। सायंकाल से लेकर रात्रि तक आप सामाजिक कार्य तथा भोग विलास में लिप्त रहेंगे। क्षमता से अधिक धन प्राप्त होने के कारण आपमें अभिमान भर जाएगा।
🔻कन्या राशि : आज आपके अधिकारों में वृद्धि के साथ साथ उत्तरदायित्व भी बढ़ेंगे। अपनी शान-शौकत के लिए आप धन का अपव्यय कर सकते हैं। आप दूसरों की भलाई व सेवा मन लगाकर दिल से करते रहे हैं, इसका लाभ आज आपकी संतान को मिलेगा।
🔻तुला राशि : आज काफी सोच विचार कर काम करने के उपरांत भी नुकसान होने की संभावना रहेगी। अकस्मात कोई राजकीय दंड भी प्राप्त हो सकता है। इसलिए जोखिम के कामों से दूर रहें। सायंकाल से लेकर रात्रि तक भी छोटे-मोटे कष्ट और मानहानि की संभावना बनी रहेगी।
🔻वृश्चिक राशि : आज किसी बहुमूल्य वस्तु से लाभ होने की संभावना रहेगी। यदि आप नौकरी करते हैं तो पद एवं अधिकारों में वृद्धि होगी। आप के साहस एवं पराक्रम के सामने शत्रु नतमस्तक होंगे। नौकर का सुख पर्याप्त मात्रा में मिलेगा।
🔻धनु राशि : आज का दिन गुरु के प्रति निष्ठा एवं भक्तिभाव पूर्ण रहेगा। इस समय में आध्यात्म से तत्व ज्ञान की प्राप्ति होगी। आपकी बुद्धि विवेक नए-नए खोज करने में लगेगी, रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। विश्वास प्राप्त व्यक्ति एवं नौकर चाकर विश्वासघात करने का प्रयास करेंगे सावधान रहें।
🔻मकर राशि : आज आपमें शारीरिक शक्ति एवं उत्साह अधिक रहेगा किंतु ऐसे अनावश्यक खर्च सामने आएंगे, जो कि न चाहते हुए भी मजबूरी में करने पड़ेंगे। यदि आपकी उन्नति रुकी हुई है तो अवश्य प्राप्त हो जाएगी। आपके हाथ में बड़ी मात्रा में पैसा आने से हर्ष होगा। सायंकाल और रात्रि में शुभव्यय तथा कीर्ति में वृद्धि होगी।
🔻कुम्भ राशि : आज आप विशेष धैर्य से काम लें क्योंकि जल्दबाजी में किये गये कार्य से हानि होने की संभावना रहेगी। आपकी भौतिक सुख-सुविधाओं की वृद्धि होगी। नए-नए कार्यों में विनिमय करना पड़े तो अवश्य करें। आगे चलकर लाभ होगा।
🔻मीन राशि : यदि आप किसी वित्तीय संस्था या व्यक्ति से आर्थिक सहायता लेना चाहते हैं तो आसानी से मिल जाएगा। नई-नई योजनाएं बनाकर उन्हें सफल बनाने का पूर्ण प्रयास करें। आपके साहस एवं पराक्रम से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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//जय श्री राम//
साभार: आचार्य विजय जी
