? दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं एनडीपीएस प्रकरण
? कांग्रेस के खास राज्य सभा सांसद व शराब माफिया से अब तक बरामद किये गये हैं 351 करोड़ कैश
देश के सभी राज्यों में तरह तरह के नशीले पदार्थों विशेष कर अवैध व प्रतिबंधित पदार्थों को भारत के युवा पीढ़ी को मुहैया कराकर भावी भारत के भविष्य को बिगाड़ने के घृणित कारोबार से जुड़े माफिया एवं उनके नेक्सस (Nexus) को आए दिन पकड़ा जाता है। लेकिन ये लोग विवेचकों को या तो अपने पक्ष में प्रभावित कर लेते हैं या तो विवेचक ही अनुभवहीन होते हैं। एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में विवेचना का स्तर दुरुस्त करने के लिये पुलिस अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन एमपी में किया गया।

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जिलों में NDPS एक्ट के अपराधों व प्रकरणों की विवेचना (Investigation) के लिए सभी इकाई में विवेचकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। सिंगरौली में पुलिस अधीक्षक (SP) यूसुफ कुरैशी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) शिव कुमार वर्मा की उपस्थिति में आज 10 दिसंबर, रविवार को पुलिस अधीक्षक कार्यलय में बने रुस्तमजी कॉन्फ्रेसिंग हॉल में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में जिलों के पुलिस अधिकारियों के लिये एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में गुणात्मक अनुसंधान में विवेचकों एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ विवेक कुमार पाठक (मा. अति. जिला एवं सत्र न्यायाधीश), मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण में प्रमोद कुमार नापित (AGP), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), शिव कुमार वर्मा, पी.एस.परस्ते, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP), विंध्यनगर, कृष्ण कुमार पाण्डेय, एसडीओपी (Sub Division Officer, Police) सिंगरौली, राहुल कुमार सैयाम, एस.डी.ओ.पी. देवसर, आशीष जैन, एस.डी.ओ.पी. चितरंगी, समस्त थाना व चौकी प्रभारी एवं विवेचक उपस्थित रहे।
ASP शिव कुमार वर्मा द्वारा उपस्थित अतिथियों एवं पुलिस अधिकारियों को एनडीपीएस प्रकरणों में गुणात्मक सुधार हेतु आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में उपस्थित पुलिस अधिकारियों से कहा कि यह एक गंभीर विषय है और वर्तमान समय में पुलिस को तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ ही नवीन कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी होना आवश्यक है।
मुख्य अथिति श्री पाठक ने उपस्थित पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ड्रग्स के उपयोग से युवा पीढ़ी का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इसका प्रभाव परिवार के साथ ही समाज पर भी व्यापक रूप से पड़ रहा है। इसलिए एनडीपीएस के प्रकरणों में विवेचना अधिकारी द्वारा न्यायालय के निर्देशानुसार प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए ताकि आरोपी को न्यायालय से सख्त सजा दिलाई जा सके। नवीन टेक्नोलाजी से स्वयं को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। पुलिस अधिकारियों को एनडीपीएस संबंधी प्रकरणों की विवेचना काफी गंभीरता से करनी चाहिए। कभी-कभी विवेचक द्वारा की गई एक छोटी सी चूक के कारण आरोपी न्यायालय से बरी हो जाता है। इसका प्रमुख कारण अनुसंधान के दौरान विवेचना का स्तर कमजोर होना होता है। इसलिए प्रत्येक पुलिस अधिकारी को एनडीपीएस प्रकरण की विवेचना करते समय उसका स्तर उच्च रखना चाहिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण में उपस्थित पुलिसकर्मियों को कहा कि एनडीपीएस संबंधी प्रकरणों की विवेचना के दौरान पूरी कड़ी को उजागर करना होगा तथा उसके स्रोत तक पहुंचना संभव हो। उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुसार एनडीपीएस में ड्रग को जप्त करने के बाद किस प्रकार से ड्रग की पैकिंग और सैंपलिंग करना है, इस प्रक्रिया का पूर्णतः पालन किया जाए। प्रक्रिया का पालन न करने की दशा में आरोपी न्यायालय से बरी हो जाता है। उपस्थित पुलिसकर्मियों से कहा कि एनडीपीएस के प्रकरणों की विवेचना में प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं होनी चाहिए।
प्रशिक्षण में उपस्थित विवेचकों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से एनडीपीएस अनुसंधान के संबंध में विस्तृत जानकारी व विवेचना के दौरान आने वाली समस्याओं के निराकरण के संबंध में जानकारी दी गई।
