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आदमी पार्टी के अन्दर ही घमासान मच गया है। आप के प्रदेश संयुक्त सचिव एवं जिला पंचायत सदस्य संदीप शाह ने बैढऩ- विंध्यनगर मार्ग स्थित एक होटल में पत्रकारों के समक्ष एक नहीं अनेकों बिन्दुओं को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं सिंगरौली विधान सभा प्रत्याशी रानी अग्रवाल को घेरते हुये परिवारवाद एवं भेदभाव तथा उपेक्षा का आरोप लगाया है।
आप प्रदेश संयुक्त सचिव संदीप शाह ने रविवार को दोपहर एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि मैं अंन्ना हजारे आंदोलन से पार्टी से जुड़ा हुआ हूं। जिसमें मैंने नगर निगम सिंगरौली में भाजपा कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़कर रानी अग्रवाल को महापौर बनवाया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव में रानी अग्रवाल ने वादा किया था कि मै महापौर चुनाव जीतती हूँ तो अगला विधानसभा चुनाव इन्द्रेश पाण्डेय को मौका दूंगी। यही नहीं महापौर चुनाव में मदद करने वाले नेता कुन्दन पाण्डेय को अपमानित कर पार्टी से निकाला गया जो बेहद दु:खद और चिंताजनक है।संदीप शाह ने साहू समाज को लेकर सोसल मिडिया में जातिगत टिप्पणी को लेकर भी आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल की करनी -कथनी पर सवाल उठाया है। सोशल मिडिया में जातिगत टिप्पणी करने वाले के खिलाफ प्रदेश अध्यक्ष कार्रवाई क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सिंगरौली की जनता ने भाजपा कांग्रेस के खिलाफ आम आदमी पार्टी को नगर निगम में महापौर और 10 पार्षदों को चुनाव जिताया लेकिन महापौर ने नगर निगम में भी भाजपा कांग्रेस से सांठगांठ कर पार्टी कार्यकर्ताओ और जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई हैं। श्री शाह ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सत्ता और संगठन के कई पद परिवार वालों में ही रेवड़ी की तरह बाटती रही हैं। नगर परिषद बरगवा में अपनी बहु को उम्मीदवार बनाया और बहु को साँठ गांठ कर नगर परिषद का उपाध्यक्ष बनाया बेटे को भी पार्टी में पदाधिकारी बनाया गया हैं। जबकि पार्टी में कई कर्मठ और सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद हैं। जिनकी उपेक्षा कर भेदभाव कर उनको पार्टी में तवज्जों नहीं दिया जा रहा है।

सिंगरौली के आप में परिवारवाद हावी
संदीप शाह ने एक कहावत भी सुनाया और कहा कि यहां परिवार वालों में ही रेवड़ी की तरह पद बांटे जा रहे हैं। खुद महापौर एवं प्रदेशाध्यक्ष होना कोई गलत नहीं था। लेकिन अपने ही पुत्र को उपाध्यक्ष एवं बहूू को प्रदेश सचिव के पद पर नियुक्ति कर दी। यह चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि मेयर एवं प्रदेशाध्यक्ष रीतू अग्रवाल गठजोड़ के माध्यम से नगर परिषद बरगवॉ की उपाध्यक्ष भी हैं। क्या संगठन का पद एक ही परिवार के पास होना चाहियें। आम आदमी पार्टी में और कार्यकर्ता नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि इस तरह के सवाल पार्टी के कर्मठ एवं संघर्ष कर पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाने वाले इन दिनों उपेक्षित कार्यकर्ता ही कर रहे हैं जिन पर कई बार मुकदमे तक दर्ज हुए है,और ये मुकदमे पार्टी के माध्यम से जनता की हक के लड़ाई के बाद ही दर्ज हुए है।

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