Newspost, National Desk. @RohitGupta

कोलकाता, पश्चिम बंगाल। गत 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर (R.G. Kar) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ट्रेनी रेज़िडेंट महिला चिकित्सक के साथ घटित हिंसक बलात्कार और निर्मम हत्याकांड का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कोलकाता हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद ममता बनर्जी सरकार द्वारा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने के लिए बाध्य होना पड़ा। इसके तुरंत बाद हजारों की संख्या में दंगाइयों ने आरजी कर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर हमला कर दिया। साथ ही अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, सर्वर रूम, सीसी टीवी में तोड़फोड़ की। दंगाई क्राइम सीन के साक्ष्यों को क्यों और किसके इशारे पर मिटाना चाहते थे। यह सब गहन जांच का विषय है।

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बलात्कार और निर्दयतापूर्वक महिला चिकित्सक की हत्या के मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों के समर्थन में अब आम जनता विशेषकर महिलाएं कोलकाता की सड़कों पर हैं। वे प्रदर्शनकारी लोगों के लिये खाना पानी भी लेकर जा रही हैं। भाजपा महिला मोर्चा की सभी राज्यों की इकाइयों द्वारा कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं। जगह जगह चिकित्सकों के विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। लेकिन सबसे अधिक हैरानी की बात यह है कि सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिनके पास गृह एवं स्वास्थ्य दोनों विभाग हैं अब वे किसके खिलाफ रैली निकाल रही हैं ?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा रैली निकाले जाने पर भाजपा सांसद संगीता यादव ने कहा, “इससे बड़ा नाटक और क्या हो सकता है कि जिसकी सरकार है वही विरोध रैली निकाल रहा है… यह एक महिला का मामला है और (प्रदेश में) महिला मुख्यमंत्री हैं। उन्हें(ममता बनर्जी) नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए और इस मामले की जांच करके सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देकर न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश में मिसाल पेश करना चाहिए।”

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