मुआवजा, पुनर्वास व पुनर्स्थापन को लेकर हुई रणनीतिक चर्चा

Newspost, Corporate Desk, Rohit Gupta.

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। एनसीएल द्वारा सिंगरौली नगर पालिक निगम के मोरवा जोन में बसे घने शहर के विस्थापन के विषय के साथ ही संपत्ति- परिसंपत्ति के मुआवजे की गणना हेतु पत्रक की विवेचना खुले मंच पर करने व पुनर्वास- पुनर्स्थापन, सामाजिक- आर्थिक सुरक्षा के विषयों को लेकर सिंगरौली पुनर्स्थापन मंच द्वारा वृहद बैठक की गई। बैठक में प्रमुख वक्ताओं ने एनसीएल द्वारा इससे संबंधित अपनी सभी नीतियों- योजनाओं को सार्वजनिक करने की मांग की।

एनसीएल द्वारा ननि मोरवा जोन के सात वार्डों में रहने वाले हजारों परिवारों के वर्तमान व भविष्य के हितों का ध्यान रखते हुए सुव्यवस्थित व सुन्दर विस्थापन एवं पुनर्स्थापन के विषय पर सिंगरौली पुनर्स्थापन मंच के अध्यक्ष सतीश उप्पल द्वारा सोमवार सायं आहूत की गई बैठक में सैकड़ों की संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। 

मंच के उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने बैठक की प्रक्रिया प्रारम्भ की तथा मंच द्वारा अब तक किये गए प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि एनसीएल सीएमड़ी बी. साईराम से किये गए मुलाक़ात के पश्चात सीएमड़ी द्वारा पुनर्वास हेतु दोनों स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया गया। एनसीएल प्रबंधन का यह सकारात्मक रुख है कि बैढ़न परिक्षेत्र अथवा वर्तमान हेडक्वार्टर के समीपवर्ती क्षेत्र में ही विस्थापित परिवारों को बसाया जाए।

उक्त बैठक में नगर निगम द्वारा आवंटित दुकानों व प्लॉट्स का विस्थापन व मुआवजा वितरण किस प्रकार हो, इस पर नगर निगम आयुक्त, स्थानीय प्रशासन व एनसीएल प्रबंधन का रुख स्पष्ट होना चाहिए। इस विषय पर चर्चा हुई एवं एक प्रतिनिधि मण्डल उक्त विषय पर शीघ्र ही आयुक्त व कलेक्टर से मुलाक़ात कर इसकी स्थिति स्पष्ट करने पर जोर देगा।

मंच के वरिष्ठ सदस्य संजय प्रताप सिंह ने एनसीएल प्रबंधन द्वारा तय गणना पत्रक में विस्थापितों के लिए प्रतिकूल बिन्दुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि गणना पत्रक में अनेकों कमियां व्याप्त हैं। फलतः विस्थापितों के भूमि, भवन व भूमि से जुड़ी संपत्तियों के मूल्यांकन हेतु तय गणना पत्रक की विवेचना एनसीएल प्रबंधन एक खुले मंच पर स्थानीय प्रशासन, सर्वे करने वाली टी.आई.एस.एस. संस्था, सिंगरौली विस्थापन मंच के सदस्यों व ज्यादा से ज्यादा मोरवा वासियों के समक्ष पारदर्शी रूप में स्पष्टता के साथ करें। व्यवस्थित पुर्नस्थापन हेतु अपनी योजना को सार्वजनिक करें। भूमि का मूल्यांकन भी सिंगरौली जिले के प्रीमियम वार्ड के सर्वाधिक तीन रजिस्ट्री का औसत निकालकर किया जाए। लार एक्ट के धारा 3पी के अंतर्गत उल्लेखित भूमि के मूल्यांकन में भूमि व भवन दोनों के मूल्यांकन को शामिल कर 12 प्रतिशत का एक्सेलेशन प्रदान किया जाए।

इसके साथ ही मोरवा के सातों वार्डों का विस्थापन एक साथ किया जाए, अंशतः नहीं। पूर्व में एनसीएल कंपनी ने पूर्व विस्थापितों को क्या क्या सुविधायें दी व किस प्रकार से पुनर्स्थापन करवाया है, इसकी स्थिति स्पष्ट हो। ऐसे विस्थापित जिनका विस्थापन पूर्व में भी दो बार हो चुका है तो तीसरे विस्थापन में भी नौकरी सम्बन्धी औपचारिकतायें पूर्ण कर उन्हें नौकरी की सुविधा प्रदान की जाए।

विस्थापन के पूर्व खदानों में हो रही तीव्र ब्लास्टिंग के विषय को भी उठाया गया। इस पर एक पत्र तैयार कर स्थानीय प्रशासन व एनसीएल सीएमडी को मिलकर दिया जाएगा। ब्लास्टिंग की तीव्रता कम न होने की स्थिति में एक उग्र आंदोलन किया जाएगा।

उक्त बैठक में वार्ड क्र.9 के पार्षद शेखर सिंह, सुनील शर्मा, चन्दन सिंह, अमित अग्रवाल, अभ्युदय सिंह, राजेश अग्रहरि, अभय सिकरीवाल, सुदर्शन सिंह, अजय जायसवाल, आशीष टंडन, नारायण दास साहू, पृथ्वीचंद गर्ग, अशोक जैन, मनीष अग्रवाल, राकेश मिश्रा, गोपाल जी श्रीवास्तव व भारी संख्या में मोरवा के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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