- सीधी के जघन्य कांड से हटने लगा है पर्दा, दर्दनाक है यह कहानी…
सीधी/भोपाल। मध्य प्रदेश के सीधी में वाइस चेंजर ऐप से महिला प्राचार्य की आवाज में बात कर छात्राओं को बुलाने और दुष्कर्म मामले के आरोपित छात्राओं से मारपीट करने के साथ ही उनके मोबाइल और रुपये छीन लेते थे। इससे पीड़ित छात्राएं किसी से संपर्क भी नहीं कर पाती थीं। रुपये न होने के कारण वे घर भी मुश्किल से पहुंच पाती थीं। पहली शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपित कांड कर भाग गए। वह रात भर भटकने के बाद किसी तरह अपने रिश्तेदार के घर पहुंची।
आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद धीरे-धीरे घटनाक्रम की परतें खुल रही हैं। पीड़ित छात्राओं ने लगभग एक ही तरह का बयान दिया है। आरोपित हेलमेट लगाए होते थे। वारदात के समय अंधेरा रहता था और वे चेहरा भी ढंक लेते थे। आरोपितों से पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपित बृजेश प्रजापति ने एसआईटी को बताया कि उसने कई छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया है। आरोपित ने मडवास चौकी क्षेत्र के अकला गांव के छरहरी टोला में ले जाकर सभी के दुष्कर्म किए हैं। एक पीड़ित छात्रा ने बताया कि दुष्कर्म के बाद रात करीब 8 बजे युवक ने मोटरसाइकिल पर बिठाकर अकला गांव से एक किमी पहले छोड़ दिया और छीने गए पैसे और मोबाइल वापस नहीं किए। पांच किमी पैदल चलकर करीब 10 बजे रात पीड़िता एक अनजान घर पहुंची और सुबह आटो से अपने घर पहुंची।
पीड़िता ने बताया कि कालेज की पढ़ाई करने के लिए पहली बार गांव से शहर आई और किराए के मकान में रहती है। स्काॅलरशिप (छात्रवृत्ति) के लिए आवेदन किया था लेकिन एक वर्ष बाद भी पैसा खाते में नहीं आया। 13 मई को अचानक दिन में बारह बजे एक फोन आया, जिसमें मैडम (अर्चना) ने स्कालरशिप के बारे में पूछा और कहा कि आपकी स्कालरशिप के पांच हजार रुपये आ गए हैं।
मैडम ने बताया कि वह किसी काम से अपने गांव टिकरी (जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर) आ गई हैं अत: अपना आधार कार्ड, स्कालरशिप आवेदन की फोटो कापी आदि दस्तावेज लेकर यहीं आ जाओ। मैडम ने बताया कि आज स्कालरशिप मिलने की अंतिम तारीख है। अत: रजिस्टर में हस्ताक्षर कर दो ताकि खाते में पैसा भेजा जा सके। पीड़िता ने बताया कि करीब 10 मिनट तक बातचीत होने के बाद लगा कि मैडम कालेज में काम करती हैं।
पीड़ित छात्रा ने बताया कि मैडम का फोन आने के बाद वह करीब साढ़े छह बजे टिकरी पहुंची और उस नंबर पर काल किया, इस पर मैडम ने कहा कि हम कालेज का काम कर रहे हैं। बेटे को भेज रहे हैं, साथ आ जाना।
बातचीत के 10 मिनट बाद टिकरी बाजार से कुछ दूर मड़वास मार्ग पर काले रंग की मोटर साइकिल में हाथ में ग्लब्स पहने और हेलमेट लगाए हुए एक युवक मिला, जिसके साथ करीब दस किलोमीटर तक चलने के बाद जब मैंने पूछा कि हम कहां जा रहे हैं तो जवाब मिला जल्दी घर पहुंचा देंगे। पीड़िता ने जैसे ही मोबाइल निकाला तो बाइक चालक ने छीनकर उसे फ्लाइट मोड़ पर डाल दिया। चिल्लाने पर वह जान से मारने की धमकी देने लगा। इस बीच हम करीब तीन किमी चलकर खंडहर जैसे मकान में पहुंच गए थे, वहां अंधेरा था, वहां उसने तीन बार दुष्कर्म किया।
पुलिस महानिरीक्षक रीवा, महेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि लगभग तीन माह पहले भी आरोपित ने एक अन्य युवती से दुष्कर्म किया था। हालांकि, उसने तब वाइस एप का उपयोग नहीं किया था। इस मामले में अभी पीड़िता सामने नहीं आई है, जिससे पुलिस ने नई एफ़आईआर दर्ज नहीं की है। सरकारी कालेज की प्राचार्य की आवाज में सात लड़कियों को बुलाकर दुष्कर्म की बात आरोपितों ने मानी है। उन्होंने बताया कि आरोपित लड़कियों से मारपीट भी करते थे, इस कारण वे डरी हुई हैं। उनकी मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग भी कराई जा रही है, जिससे उनका डर निकाला जा सके। एक लड़की से आरोपितों ने ज्यादा मारपीट की थी। इस कारण दूसरी लड़कियां भी बहुत ज्यादा डरी हुई हैं। पूरा घटनाक्रम लगभग दो माह के भीतर का है।
इस पूरे मामले की पुलिस मुख्यालय द्वारा निगरानी की जा रही है। डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना रीवा जोन के आईजी, डीआईजी और सीधी के एसपी से अपडेट्स ले रहे हैं। एडीजी (महिला सुरक्षा) प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने भी एसपी व अन्य अधिकारियों से बात कर जांच और साक्ष्य संकलन के संबंध में मार्गदर्शन किया है। बता दें कि मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने इस मामले में आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपितों के घर गिरा दिए गए हैं।
वाइस चेंजर एप पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने की पहल
मप्र के एडीजी साइबर अपराध योगेश देशमुख ने बताया कि वाइस चेंजर ऐप से स्कूल प्रिंसिपल की आवाज में छात्राओं को बुलाकर दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद प्रदेश सरकार इस तरह के मोबाइल एप्लीकेशन को बंद करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखेगी। पुलिस मुख्यालय इस तरह के ऐप की सूची तैयार कर रहा है। केंद्र इसका परीक्षण कर प्रतिबंध लगा सकता है। रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक महेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया गिरफ्तार चारों आरोपितों के मोबाइल जब्त किए गए हैं। इनकी जांच में सामने आएगा कि आरोपितों ने अपने मोबाइल में कौन-कौन से वाइस चेंजर एप इंस्टाल किए थे।पुलिस मुख्यालय इस तरह के ऐप की सूची तैयार कर गृह विभाग के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगा। केंद्र इसका परीक्षण कर प्रतिबंध लगा सकता है। इसके बाद प्ले स्टोर में ये ऐप नहीं मिलेंगे न ही पहले इंस्टाल एप काम करेंगे। एडीजी साइबर अपराध योगेश देशमुख ने बताया कि वाइस चेंजर ऐप्स का दुरुपयोग किया जा रहा है। आराेपित दुष्कर्म, लूट जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।• एडीजी, एमपी
एक नाबालिग छात्रा को भी बनाया था शिकार
जिन 7 छात्राओं से दुष्कर्म करने का सनसनीखेज खुलासा शनिवार शाम पुलिस ने किया, उन पीड़िताओं में एक नाबालिग भी शामिल है। मुख्य आरोपित बृजेश प्रजापति व उसके दो अन्य साथियों राहुल और संदीप प्रजापति को पुलिस ने चार दिन के रिमांड पर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि दुष्कर्म से पीड़ित छात्राओं की संख्या 30 तक जा सकती है।
सीधी के अलावा सिंगरौली जिले की छात्राओं ने भी की शिकायत– मामले की पहली रिपोर्ट 16 मई को सीधी के मझौली थाने में की गई थी। इस मामले से जुड़ी अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मुख्य आरोपित बृजेश मोबाइल के जरिए वाइस चेंजिंग एप डाउनलोड कर पीड़िताओं से संजय गांधी कालेज की मैडम बनकर बात करता था। उनकी समस्याओं के निदान के लिए उनके घर से नजदीकी स्थान पर बुलाता था। इसके बाद मोटर साइकिल पर बैठाकर जंगल में बने एक खंडहर में ले जाकर दुष्कर्म करता था और उनसे उनका मोबाइल फोन छीन लेता था। रीवा रेंज के आइजी महेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि आरोपितों के विरुद्ध दुष्कर्म, लूट सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। एसडीओपी रोशनी ठाकुर के नेतृत्व में एसआइटी का गठन भी किया गया है, रिपोर्ट सात दिन में मांगी गई है।
घरों पर की गई बुलडोजर कार्यवाही
पुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपित बृजेश के जमोड़ी थानांतर्गत ग्राम नवगवां दर्शनसिंह में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। दूसरे दिन यानी रविवार को अन्य आरोपितों के घर पर भी बुलडोजर चलाने की कार्यवाही की गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपित बृजेश पर 30 हजार का इनाम भी घोषित किया था।

वह मोबाइल वाइस एप के जरिए छात्राओं को कालेज में मिलने वाली छात्रवृत्ति आवेदन पर हस्ताक्षर कराने और पैसा नहीं निकलने की स्थिति की जानकारी लेकर बुलाता था। आरोपित के पास से अपराध से संबंधित चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही लूट की 16 मोबाइल फोन भी उसके पास से मिले हैं। आरोपित लड़कियों से बात करने के लिए वह सिम और मोबाइल बदल लेता था।
पीड़िताओं की संख्या 30 तक पहुंच सकती है
गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस पड़ताल में फिलहाल 7 छात्राओं से रेप करना बताया, साथ ही यह भी कहा कि उसे पूरी संख्या याद नहीं है, यह 30 तक हो सकती है। हैरानी की बात है कि सीधी जिले के जमोड़ी थाना निवासी आरोपित अनपढ़ और पेशे से मजदूर है। उसने लड़कियों के नंबर पाने के लिए 8 छात्राओं से मोबाइल छीने थे। शिकार फंसाने के लिये उन्हीं का उपयोग करता था।
ऐसे हुआ था राजफाश
बीते सप्ताह मड़वास पुलिस चौकी में एक लड़की ने मोबाइल लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसे ट्रेस किया गया। तब बृजेश प्रजापति गिरफ्त में आया और यह मामला खुल गया। आरोपित के दोनों हाथ और पैर एक लोहा फैक्ट्री में कार्य के दौरान जल गए थे। इसीलिए वह हमेशा ग्लव्स पहनता था। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने बताया कि यह सब यू-ट्यूब में देखकर सीखा। वह पढ़ा-लिखा नहीं है। वह राहुल प्रजापति और संदीप प्रजापति के सहयोग से अपने मोबाइल में वाइस एप डाउनलोड कराया था।
ऐसा कार्य करने वाले समाज के दुश्मन: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि ऐसा निंदनीय कार्य करने वाले समाज के दुश्मन हैं। आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने और ठोस साक्ष्य संकलित करने के लिए एसआइटी का गठन कर दिया गया है।
🔸डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश
विपक्ष ने सरकार को घेरा
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरते हुए कहा कि मामले की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मुख्यमंत्री से पीड़ित छात्राओं को समुचित आर्थिक सहायता दिए जाने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
धोखाधड़ी से बचने के लिए साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी:
- वाइस चेंजर एप्लीकेशन से बदली आवाज बेहद सुरीली और कंप्यूटराइज्ड होती है। ध्यान से सुनें कहीं ये आवाज बनावटी तो नहीं लग रही।
- किसी अनजान नंबर से आई काल पर कतई विश्वास नहीं करें।
- यदि कोई सुनसान जगह पर मिलने के लिए बुलाता है तो नहीं जाए या स्वजन को साथ लें।
- कभी ऐसी कोई काल आए तो तुरंत नजदीकी साइबर सेल या पुलिस को सूचना अवश्य दें।
आजकल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई एप उपलब्ध हैं, जिनके जरिए आवाज को बदला जा सकता है। सजग, सावधान रहने से ही ऐसे धोखों से बचा जा सकता है। जब भी ऐसी कोई काल आती है तो सबसे पहले उसे काट दें, फिर स्वयं लगाकर देखें। तब वास्तविक स्थिति का पता चल जाता है। घबराए बिना निर्णय लें। डिजिटल अरेस्ट होने से बचें। - 🔸रश्मि खरया, एसपी साइबर सेल, जबलपुर.
