🔸डरा धमकाकर ब्याहता से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने मझौली से किया गिरफ्तार
🔸बरगवां पुलिस ने पुराने कानून भादवि, नये कानून बीएनएस एवं एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में दर्ज किया है प्रकरण
Newspost, MP Regional Desk.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। तब युवती किशोरी थी जब वह अपनी माँ के साथ मझौली, जो सिंगरौली व सीधी जिले का सीमावर्ती एक कस्बा है, यहाँ एक किराए के मकान में रहती थी। मालिक मकान के भाई के लड़के का उसके प्रति आकर्षण बढ़ा और दोनों के बीच पहचान विकसित हो गई। इसी बीच 11 फरवरी 2024 को वह युवक वासना के बहाव में उस किशोरी के साथ यौनाचार कर डाला। यह बलपूर्वक किया गया कृत्य था जिसे तब किशोरी ने किसी से नहीं कहा, उसे लोक लाज का भय था। कुछ समय बाद सजातीय युवक के साथ उसकी शादी हो गई और बीती घटनाओं को बिसार कर वह अपने पिया के गांव, अपने ससुराल चली गई।
फिर क्या हुआ..?
उस युवती की शादी के बाद भी वासना में अंधे युवक ने फिर दुस्साहस किया और उसके ससुराल पहुंचा। यहाँ एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद फिर से वह युवती उस युवक के साथ जाने के लिए विवश हो गई। फिर से उसका यौन शोषण किया गया और फिर……. पुलिस अधीक्षक निवेदिता गुप्ता के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा के मार्गदर्शन व एसडीओपी कृष्ण कुमार पाण्डेय के सतत निगरानी में निरीक्षक कपूर त्रिपाठी व उनकी टीम द्वारा डरा घमका कर अवैध संबंध बनाने एवं जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी नारायण प्रसाद बैस को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की कार्यवाही-
पुलिस सूत्रों के अनुसार ग्राम उज्जैनी निवासी 20 वर्षीय फरियादिया द्वारा बरगवां थाने में 23 अगस्त को दिए गये लिखित तहरीर पर अवलोकन के पश्चात बरगवां निरीक्षक शिवपूजन मिश्रा द्वारा नारायण प्रसाद बैस एवं मिथिलेश वैस दोनों निवासी मझौली थाना बरगवां के विरुद्ध अपराध धारा 376 (1), 506 भा.द.वि., 64 (2)(ड), 351(3), 140(3) बी.एन.एस., 3(2)(v), 3(1)(डब्ल्यू) (ii) एस.सी./एस.टी. एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर-
फरियादिया ने अपने तहरीर में बताया था कि उसकी शादी प्रिंस कोल निवासी नगवा थाना माडा के साथ 12 जुलाई को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार हुई थी। इसके बाद वह अपने ससुराल में रह रही थी। इससे पूर्व करीब 2 साल पहले ग्राम मझौली में उसकी मां ने नारायण प्रसाद वैस के बड़े पिता के यहां किराये से दुकानें ली थी तथा वह अपनी मां के साथ वहीं पर रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान नारायण प्रसाद वैस से हो गई। बीते 11 फरवरी की दोपहर नारायण प्रसाद बैस ने उसके आवास पर जबरन धमकाते हुए उसके साथ दुराचार किया। इस घटना को भूलकर किसी तरह पीड़िता ने शादी की। जिसके बाद 27 जुलाई को आरोपी उसके ससुराल के बाहर आ धमका और आत्महत्या की धमकी देने लगा। डर के कारण पीड़िता घर से बाहर निकली तब नारायण बैस ने उसे अपने वाहन पर बैठाकर बैढन के पचखोरा में नारायण प्रसाद वैस के किराये के मकान में ले गया। वहाँ उसके साथ दो दिनों तक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं इसके बाद आरोपी ने उससे दूसरी शादी कर अपने गांव दुधमनियां लेकर गया। उसके साथ उसके अन्य लोग भी गए थे परंतु शादी के बाद आरोपी के पिता ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह पुनः अपने ससुराल नगवा चली गई। जहां आप बीती बताने पर ससुराल वालों के साथ बरगवां थाने पहुंची और मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध बलात्कार समेत एससी एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत के मामला दर्ज किया था। जिसमें शनिवार, 24 अगस्त 2024 को आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई।
इनकी रही भूमिका
उक्त कार्यवाही में मोरवा थाना प्रभारी निरीक्षक कपूर त्रिपाठी, उप निरीक्षक आराधना तिवारी, रामजी त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक अजीत सिंह, प्रधान आरक्षक अनूप सिंह, अरुणेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही।
