एक बार फिर मध्य प्रदेश में गठित भाजपा की मोहन सरकार के मंत्रिमंडल में नहीं मिली सीधी को जगह, भाजपा द्वारा ठेंगा दिखा दिया गया है।
Newspost, Political Desk, RB Singh ‘Raaz’.
मध्य प्रदेश में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के उपरांत जहां मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों की तो शपथ हो चुकी थी परंतु मंत्रिमंडल का गठन नहीं हुआ था। ऐसे में मंत्रियों के नाम की घोषणा पर सबकी नजर थी। लेकिन सोमवार को जब नए मंत्रिमंडल के गठन के लिए मंत्रियों के नाम की घोषणा किये जाने के साथ ही सीधी जिले के लोगों ने अपने आप को फिर से ठगा महसूस किया।
सीधी जिले से विधायक श्रीमती रीती पाठक एवं चौथी बार चुनाव जीतकर आए धौहनी से वरिष्ट विधायक कुंवर सिंह टेकाम के नाम की चर्चा मंत्री बनने को लेकर लगातार चल रही थी। सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक का नाम उप मुख्यमंत्री के लिए भी प्रबल दावेदारों में शामिल था। दो बार सांसद रहीं श्रीमती रीती पाठक को इस बार सीधी विधानसभा क्षेत्र से विधायक पद के लिए चुनाव मैदान में उतारा गया था। उन्होने यहां से ऐतिहासिक जीत भी दर्ज कराई थी। जिसके बाद यह माना जा रहा था कि सांसद पद छोंडक़र विधायक का चुनाव लडऩे के कारण उन्हें प्रदेश मंत्रिमंडल में बड़ा पद मिलेगा। विडंबना ये रही कि उन्हें मंत्री पद भी नहीं दिया गया। जबकि प्रदेश के विधानसभा चुनाव मैदान में उतरकर जीत हांसिल करने वाले अन्य चार सांसदों को प्राथमिकता से जगह दी गई है।
वहीं सीधी जिले के धौहनी विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार निर्वाचित होने वाले विधायक कुंवर सिंह टेकाम को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है।
भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं में मायूसी
भाजपा सरकार के मंंत्रिमंडल में वरिष्ठता के आधार पर सीधी जिले के दोनों विधायकों को जगह न मिलने से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में काफी मायूसी बनी हुई है।
चर्चा के दौरान कई भाजपाईयों ने इस बात को लेकर असंतोष भी जाहिर किया कि भाजपा की सरकार लगातार पांचवी मर्तबा प्रदेश में बनी है लेकिन सीधी को मंत्रिमंडल में जगह देने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। इससे स्पष्ट है कि सीधी की लगातार उपेक्षा भाजपा सरकार में हो रही है।
सारे दिन टीवी से चिपके रहे लोग
बताते चलें कि कल सोमवार को 25 दिसंबर होने से क्रिसमस का अवकाश था जिसके कारण ज्यादातर लोग घरों में ही थे और दोपहर 3.30 बजे नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण होना था। इस वजह से लोगों की निगाहें लगातार टीवी में लगी हुई थीं कि संभवत: सीधी जिले को 18 वर्ष बाद मंत्रिमंडल में जगह मिले। किंतु जब 28 मंत्रियों के नामों की घोषणा हुई तो उसमें सीधी जिला का नाम गायब था। इस वजह से जिलेवासियों में भी मायूसी दौड़ गई।
लोगों का कहना था कि भाजपा सरकार में 18 वर्ष से सीधी के साथ भेदभाव किया जा रहा है। आज मुख्यमंत्री मोहन यादव के मंत्रिमंडल में कुल 28 विधायकों ने मंत्रिपद की शपथ ली। इनमें 18 कैबिनेट, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्री शामिल हैं। प्रदेश मंत्रिमंडल में सीधी जिले की लगातार उपेक्षा की जा रही है। 18 वर्ष से भाजपा की सरकार में सीधी जिले को जगह नहीं मिल सकी है। जबकि कांग्रेस की सरकार में सीधी जिले को एक साथ दो-दो मंत्रियों की सौगातें मिलती रही हैं।
सीधी की उपेक्षा से लोगों में आक्रोश
प्रदेश मंत्रिमंडल में सीधी को जगह न मिलने से लोगों में आक्रोश है। चर्चा के दौरान कुछ लोगों का कहना था कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी उस दौरान सीधी को काफी प्राथमिकता मिलती रही है। सीधी से एक साथ दो-दो कैबिनेट मंत्री भी दो पंचवर्षीय कार्यकाल में कांग्रेस सरकार में थे। वहीं भाजपा को सीधी जिले से लगातार तीन सीटें मिल रही हैं। इसके बाद भी यहां के भाजपा विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह देने की जरूरत नहीं समझी जा रही है।
सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक के दो बार सांसद रहने के बाद उन्हें इस बार विधायक का चुनाव लड़ाया गया। इससे उम्मीदें थी कि उन्हें उप मुख्यमंत्री का पद यदि नहीं भी मिलेगा तो कैबिनेट मंत्री बनना तय है। उनके साथ मध्य प्रदेश में पांच सांसदों द्वारा विधायक का चुनाव लडऩे के बाद जीत हांसिल की गई थी। श्रीमती रीती पाठक को छोंडक़र अन्य सभी चारों संसद से विधायक बने नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। और उन्हें अच्छे विभाग मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। वहीं लगातार धौहनी विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार विधायक निर्वाचित होने के बाद भी वरिष्ट विधायक कुंंवर सिंह टेकाम को आदिवासी कोटे से भी मंत्री पद में जगह नहीं दी गई है।
