एनटीपीसी सिंगरौली के परियोजना प्रमुख ने दी जानकारी
Newspost, Corporate Desk. @RohitGupta
सिंगरौली विद्युत गृह एनटीपीसी का पहला पावर प्लांट होने के बावजूद आज भी पीएफ के मामले में देश के ऊर्जा संयंत्रों में तृतीय स्थान पर है। इसके लिए सिंगरौली विद्युत गृह के अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।
एनटीपीसी सिंगरौली- शक्तिनगर के परियोजना प्रमुख राजीव अकोटकर ने बताया कि एनटीपीसी के मदर प्लांट सिंगरौली विद्युत गृह की उत्पादन क्षमता में विस्तार किया जाएगा। तृतीय चरण में 800 मेगावाट की दो इकाइयों का निर्माण होगा। इन इकाइयों की औपचारिक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और इसके लिए निविदाएं भी खोली जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि सिंगरौली विद्युत गृह एनटीपीसी का मदर प्लांट है। पहला पावर प्लांट होने के कारण इस संयंत्र में काम करने का अवसर मिलना बेहद खुशी का विषय है।
अकोटकर ने बताया कि संयंत्र में ऊर्जा उत्पादन के दौरान निकलने वाली फ्लाई ऐश का शत प्रतिशत उपयोग करना हमारी पहली प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि फ्लाई ऐश के अधिकतम उपयोग के लिए एनटीपीसी सिंगरौली ने एनसीएल के साथ एमओयू किया है जिसके तहत एनसीएल की गोरबी माइंस में फ्लाई ऐश का अधिकतम भराव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी सिंगरौली ने एनसीएल की कृष्णशिला माइंस जो वर्ष 28 में पूर्ण हो जाएगी उसमें भी फ्लाई ऐश भराव की योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त सिंगरौली विद्युत गृह द्वारा फ्लाई ऐश की आपूर्ति सड़क निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश को भी दी जा रही है।
इस दौरान सिद्धार्थ मण्डल विभागाध्यक्ष मानव संसाधन, कार्यपालक जनसंपर्क रिंकी गुप्ता, सतीश कुमार गुजरानिया महाप्रबंधक प्रचालन एवं अनुरक्षण डॉ. एस के खरे महाप्रबंधक चिकित्सा सेवाएं एलके बेहरा महाप्रबंधक परियोजना अशोक कुमार सिंह महाप्रबंधक प्रचालन अमरीक सिंह भोगल महाप्रबंधक अनुरक्षण जोसेफ बास्टियन महाप्रबंधक ऐश डाइक प्रबंधन सहित उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
संजीवनी चिकित्सालय का होगा विस्तार
परियोजना प्रमुख राजीव अकोटकर ने बताया कि एनटीपीसी चिकित्सीय सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संजीवनी चिकित्सालय का विस्तार किया जा रहा है और चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के साथ-साथ अत्याधुनिक उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सी सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि सिंगरौली विद्युत गृह ग्रामीण विकास एवं कल्याण के साथ-साथ विस्थापितों के सर्वांगीण विकास के प्रति भी अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहा है।
