Newspost, Regional Desk, Ashish Soni, Singrauli, MP
नेशनल लोक अदालत का आयोजन आज शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर बैढऩ एवं देवसर में आयोजित होगा। जहां आपसी सुलह से विवादित प्रकरणों का निपटारा होगा। वहीं एमपीईबी बकायेदारों को बिल जमा करने पर छूट का भी प्रावधान रखा गया है। नेशनल लोक अदालत के लिए बैढऩ, देवसर समेत कुल 14 खण्डपीठ गठित की गयी हैं।
एमपीईबी शहरी क्षेत्र बैढऩ के कार्यपालन अभियंता अजीत सिंह बघेल ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदाय निर्देश के तहत विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 138 एवं 126 के अन्तर्गत लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु कम्पनी द्वारा निर्णय लिया गया है कि आज 9 दिसम्बर शनिवार को आयोजित वृहद लोक अदालत में निम्नदान श्रेणी के उपभोक्ताओं को छूट दी जावेगी। जिसमें समस्त घरेलू उपभोक्ता, समस्त कृषि उपभोक्ता, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू उपभोक्ता, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ता, प्री-लिटिगेशन के स्तर पर कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व राशि 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छ: माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। वहीं आगे बताया कि लिटिगेशन स्तर पर कम्पनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छ: माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी।
आज 9 दिसम्बर को आयोजित होने वाली लोक अदालत में उपरोक्तानुसार दिये जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्व राशि रुपये 50000 तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। आवेदक को निर्धारित छूट के उपरान्त शेष राशि देय आंकलित सिविल दायित्व की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता,उपयोगकर्ता की विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन,संयोजनों के विरुद्ध देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरुद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। कार्यपालन अभियंता ने आगे कहा कि नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक विद्युत चोरी,अनाधिकृत उपयोग पहली द्वारा में ही चोरी, अनाधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत, अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता, उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे।
