आज का संदेश
Newspost, Spiritual Desk. Presenter – Swami Dayanand Sharma.
निश्चित ही मानव जीवन की प्राप्ति अति दुर्लभ है और उससे भी अधिक दुर्लभ है इस जीवन को किसी श्रेष्ठ लक्ष्य की प्राप्ति में लगा देना। जीवन मिलने से भी महत्वपूर्ण बात है, श्रेष्ठ मार्ग का मिल जाना। सेवा में अपने समय का निवेश कीजिए क्योंकि सेवा ही वो निवेश है जो कभी विफल नहीं होता और जिसमें शत प्रतिशत लाभ भी सुनिश्चित है।
हमारे पास जो भी है और जितना भी है सब उस प्रभु का दिया ही है। हमारे कोठी-बंगला, मकान-दुकान ही नहीं अपितु एक-एक स्वांस भी प्रभु की कृपा से ही प्राप्त है। पुरुषार्थ हमारा है पर पुरुषार्थ का बल प्रभु द्वारा प्रदत्त है एवं ज्ञान हमारा हो सकता है पर ज्ञान अर्जन की बुद्धि प्रभु द्वारा प्रदत्त है।
बिना विद्युत ऊर्जा के बड़े से बड़ा यंत्र भी निष्क्रिय ही है और बिना ईश्वरीय ऊर्जा के हमारा जीवन भी निष्क्रिय ही है। सब जीवों में प्रभु की उपस्थिति का बोध करते हुए उनकी सेवा और सहयोग का भाव ही इस मानव जीवन की मानवता और श्रेष्ठता है।
सुरपति दासइस्कॉन/भक्तिवेदांत हॉस्पिटल
