सतत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, डिजिटलीकरण व अत्याधुनिक तकनीकी रहे विमर्श के प्रमुख विषय
एनसीएल में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “आइकॉम्स संपन्न
Newspost, Corporate Desk. @RohitGupta
सिंगरौली, एमपी। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ओपन कास्ट माइनिंग टेक्नालॉजी एण्ड सस्टेनिबिलिटी “आइकॉम्स-2023” शनिवार को सम्पन्न हुई।
विगत दो दिनों में कॉन्फ्रेंस के दौरान देश-विदेश के प्रतिष्ठित खनन पेशेवरों, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं ने ओपन कास्ट खदानों में सतत खनन, पर्यावरण प्रबंधन के लिए संसाधनों व तकनीकी का प्रयोग, उत्पादन, उत्पादकता, सुरक्षा, नवाचार, खदान के संचालन पैमानों का मानकीकरण जैसे अनेक विषयों पर मंथन किया गया।

समापन सत्र में एनसीएल के सीएमडी भोला सिंह, निदेशक (कार्मिक) मनीष कुमार, निदेशक (वित्त) रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन) जितेंद्र मलिक, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) सुनील प्रसाद सिंह, प्रोफेसर (आईआईटी-खड़गपुर) देवाशीश देव, प्रोफेसर एस एस राय (आईआईटी-आईआईएसएम धनबाद), विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से शिक्षाविद, एनसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण व अन्य उपस्थित रहे।
समापन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए सीएमडी एनसीएल श्री सिंह ने कंपनी के 100 मिलियन टन उत्पादन पूरा करने पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने एनसीएल की उत्कृष्ट मशीनीकृत खदानों के परिपेक्ष्य में आइकॉम्स जैसी कॉन्फ्रेंस को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा एनसीएल के पास बेहतरीन ओपनकास्ट खदानें व इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो खनन उद्योग के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ हेतु आह्वान किया, साथ ही मशीनों के लिए स्पेयर्स की अच्छी गुणवत्ता हेतु भी ज़ोर दिया। उन्होंने एनसीएल की सतत खनन प्रथाओं को आगे बढ़ाने हेतु एक बार फिर प्रतिबद्धता जताई। सीएमडी श्री सिंह ने खदान संचालन में कार्य क्षमता बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया।
“आइकॉम्स 2023” के समापन समारोह में प्रदर्शनी में शामिल कंपनियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने आइकॉम्स 2023 से संबन्धित विभिन्न सुझाव भी रखे।
विदित हो कि विगत वर्षों की भांति नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में 22 व 23 दिसंबर, 2023 को इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ओपन कास्ट माइनिंग टेक्नॉलॉजी ऐंड सस्टेनेबिलिटी “आइकॉम्स” का आयोजन किया गया था जिसमें खनन उद्योग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विमर्श हुआ तथा देश विदेश के विशेषज्ञों ने इस संबंध में प्रचलित आधुनिकतम तकनीकियों व नवाचारों पर अपने विचार व सुझाव रखे तथा गहन विमर्श किया।
