हत्या का प्रकरण मान रही थी पुलिस, थ्योरी सही निकली
लोकेट किए गए कांड के समय घटनास्थल के समीप एक्टिव फोन से भी मिली सहायता
Newspost, Regional Desk MP. Special Correspondent.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। जिले के बरगवां थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ोखर में एक मकान के सेप्टिक टैंक में चार लोगों के शव मिलने से शनिवार का दिन पूरे क्षेत्र, प्रदेश व देश के लिए सनसनी से भरपूर रहा। जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व जांच एजेंसियों से जुड़े लोग घटनास्थल पर पहुंच गए थे। रात्रि करीब 8 बजे जेसीबी की मदद से चैनल खोदकर चारों शवों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इनमें तीन लोगों की शनिवार रात ही पहचान कर ली गई थी। चौथे मृतक की पहचान रविवार सुबह हो सकी। जांच में पुलिस को मिले साक्ष्य एवं पोस्टमार्टम रपट के बाद यह जानकारी छन कर आई है कि चारों की हत्या देसी तमंचे से की गई। गोली मारने के बाद मृतकों के शव को उसी घर के सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया था।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान मकान मालिक हरिप्रसाद प्रजापति के पुत्र सुरेश प्रजापति निवासी जयंत सेक्टर 3 व अन्य उसके दोस्त एनपीसीसी कॉलोनी जयंत निवासी करण साहू, उसका साला जोगेंद्र उर्फ पप्पू साहू एवं राकेश कुमार सिंह निवासी दरिया थाना मझौली सीधी हाल मुकाम अलंकार भवन के पीछे जयंत के रूप में हुई है।
चारों युवकों के शवों को कल रात ट्रॉमा सेंटर में रख दिया गया था। इसके बाद रविवार सुबह सभी का पोस्टमार्टम कराया गया है।
देर रात पहुंचे थे डीआईजी
घटना की सूचना मिलने के बाद शनिवार को ही देर रात रीवा डीआईजी साकेत पांडेय ने भी घटनास्थल का दौरा किया था तथा छानबीन कर रही टीम को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से कुछ आपत्तिजनक चीजें प्राप्त हुई हैं, इसके विषय में विवेचना की जा रही है। उन्होंने बताया कि घर में दो तीन चारपाई से अधिक कुछ ज्यादा सामान नहीं मिला है और ना ही डकैती हुई है। ऐसे में पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है।
घटना की जानकारी मिलने पर विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम, सिंगरौली विधायक राम निवास शाह, कांग्रेस के पूर्व विधायक और सीडब्लूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल भी देर रात घटनास्थल पर पहुंच गए थे। इन नेताओं ने परिजनों का ढांढस बंधाते हुए जल्द न्याय का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों से इस मामले में जल्दी खुलासा करने के लिए कहा था।
रीवा से एफएलएल टीम, साइबर एक्सपर्ट का भी लिया जा रहा सहारा
घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित करने के लिए देर रात रीवा से एफएसएल टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। जिनके द्वारा पूरे घटना स्थल का वीडियोग्राफी कर सूक्ष्म तरीके से साक्ष्य को बटोरने का कार्य देर रात तक किया गया। वहीं इस घटना में एक या ज्यादा लोगों का हाथ होने के एंगल पर साइबर एक्सपर्ट का सहारा लिया जा रहा है। अनुमान लगाया गया है कि घटना 2 व 3 जनवरी की मध्य रात्रि की हो सकती है। ऐसे में वहाँ उस लोकेशन पर तब एक्टिव मोबाइल फोन्स की जानकारी एकत्र कर जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस के लिए थी चुनौती, लेकिन आश्वस्त रहे अधिकारी
साल के शुरुआत में ही जिले में सामूहिक हत्या का यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। जिसे पूरा करने के लिए पुलिस के सभी अधिकारी जुटे हुए हैं। एक और जहां मामले के खुलासे के लेकर पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री द्वारा कई टीमें गठित की गई हैं। वहीं इस घटना के खुलासे के लिए अनुविभागीय अधिकारी मोरवा कृष्ण कुमार पाण्डेय कल रात से ही बरगवां में डटें हैं। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल दो लोगों के सर पर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं। पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है।
कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर की गई पूछताछ
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैढ़न क्षेत्र के दो से तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। संभवना व्यक्त की जा रही है कि इस घटना में तीन से चार लोग शामिल हो सकते हैं। आज सिंगरौली पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा करेगी।
