शादी समारोह में की गई बेइज्जती का आरोपी भाइयों ने लिया था बदला, सरई पुलिस ने रहस्य से हटाया पर्दा, एक गिरफ्तार

Newspost, Regional Desk MP, Rep-Bihari Lal Gupta. Editor- Rohit Gupta.

सरई, सिंगरौली। वर्ष 2023, तारीख 29 अगस्त को एमपी के सिंगरौली जिले की सरई थाने की पुलिस ने ग्राम साजापानी के चरका घटिया पहाड़ी से एक युवक का शव बरामद किया था। युवक के सिर व चेहरे को पत्थरों से कुचलकर उसकी निर्मम हत्या की गई थी। मृतक की पहचान रंगदेव सिंह गोंड निवासी साजापानी के रुप में हुई थी। शव का पंचनामा कर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या तथा सिर को कुचलकर पहचान मिटाने का प्रयास संबंधित अपराध की धारा 302, 201 ताहि. कायम कर विवेचना में लिया गया था।

उक्त घटना के बाद पुलिस अधीक्षक सिंगरौली निवेदिता गुप्ता द्वारा अंधे कत्ल के मामलों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए दिये गये विशेष दिशा निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अनु. अधि. (पुलिस) देवसर राहुल कुमार सैयाम द्वारा उक्त मामले का खुलासा करने हेतु टीम का गठन किया गया जिसका नेतृत्व स्वयं अनु.अधि. पुलिस देवसर राहुल कुमार सैयाम स्वयं कर रहे थे।

विवेचना में मिला एक सूत्र जिससे खुला राज

विवेचना में सभी सूक्ष्म बिंदुओं का गहन अध्ययन व साक्षियों से पूछताछ पर पता चला कि घटना दिनांक के बाद से ही गांव के दो लोग गांव से कहीं बाहर चले गए थे जो वापस नहीं आये हैं। यह विवेचना कर रही पुलिस के लिये एक अंधा सूत्र था। विवेचक टीम ने हल्के मन से उन दोनों व्यक्तियों को संदेही सूची में डाला और जुट गई उनके तलाश में। तलाश के दौरान पता चला कि एक संदेही गोपाल बैगा ग्राम पुट्टूपानी अपनी ससुराल में ही रह रहा है। उसे दस्तयाब कर सूक्ष्मता से पूछताछ शुरू कर दी गई। पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि कुछ वर्ष पहले गावं के एक शादी समारोह में रंगदेव (मृतक) द्वारा उसके छोटे भाई श्रीपाल बैगा के साथ गाली गलौज व मारपीट कर उसकी सबके सामने बेइज्जती कर उसे शादी समारोह से भगा दिया था। 

फिर उन्होंने ऐसे शांत कर दी अपने रंजिश की आग

शादी समारोह में रंगदेव द्वारा की गई बेइज्जती को वह भूल नहीं पा रहा था और तभी से श्रीपाल बैगा उससे रंजिश रखने लगा था। समय बीतता गया और आ गई दिनांक 27 अगस्त 2023 की रात। इस रात के 10-11 बजे के दरमियान श्रीपाल बैगा ने गांव के पास वाले कुंए के रास्ते पर रंगदेव को अकेला जाता देखतो उसे पुरानी अदावत की याद बिजली की तरह उसके जेहन में कौंध गई और उसने डंडे से रंगदेव के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया जिससे रंगदेव वहीं बेहोश हो गया। तब श्रीपाल बैगा अपने भाई गोपाल बैगा को साथ लिया और बेहोश रंगदेव सिंह को चरका घटिया पहाड़ी पर लेकर गए। वहां दोनों ने रंगदेव के सिर को पत्थरों से कुचलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी और शव को वहीं फेंक दिया था।

उक्त अंधे कत्ल का खुलासा एसडीओपी राहुल कुमार सैयाम के कुशल मार्गदर्शन में निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उनि सूर्यपाल सिंह, उनि मनोज सिंह, उनि अरुण सिंह, सउनि कमलेश प्रजापति, प्र.आर. 418 विजय तिवारी, आर. अशोक यादव, आर. प्रभात दुबे, आर. अंकित शुक्ला की टीम ने करते हुए एक आरोपी गोपाल बैगा को गिरफ्तार कर लिया तथा दूसरे की गिरफ्तारी के लिये पुलिस प्रयास कर रही है।

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