आपातकाल लोकतंत्र का काला दिवस’ – राम सुमिरन गुप्ता 

Newspost, Political Desk.

सिंगरौली, मध्य प्रदेश, भारत। 25-26 जून 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गाँधी ने तब आपातकाल लगा दिया था जब हाईकोर्ट ने उनके चुनाव को अवैध घोषित करते हुए उन्हें सांसद होने से भी अयोग्य ठहरा दिया था। भारतीय जनता पार्टी ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। 26 जून 2024 को लोकसभा में ध्वनि मत से फिर से स्पीकर चुने जाने के बाद उन्होंने सबसे पहले इसी इमरजेंसी की याद दिलाते हुए तब काल कवलित हुए लोगों की याद में दो मिनट का मौन रखवाया। तब कांग्रेस भड़क सहित इंडी गठबंधन के नेताओं में उबाल आ गया और वे हंगामा करने लगे। जबकि इंडी गठबंधन के सभी सांसद कल हाथों में संविधान की प्रति लेकर लोकसभा में आए थे और नेता प्रतिपक्ष बने राहुल गांधी ने शपथ के दौरान जय हिन्द और तय संविधान का नारा लगाया था। फिर इन लोगों ने संविधान की घोर उपेक्षा और लोकतंत्र को तानाशाही का शिकार किये जाने की घटना पर मौन क्यों नहीं धारण किया? बहरहाल भाजपा ने आपातकाल लगाने की तिथि को देशभर में काला दिवस के रूप में न केवल मनाया बल्कि आपातकाल के घटनाक्रम को पाठ्यक्रम में शामिल करने का मन भी बना लिया है।

भाजपा ने जिला व मंडल स्तर पर किया कार्यक्रम

इधर इमरजेंसी के 50 साल हो जाने को लेकर सिंगरौली भाजपा कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिलाध्यक्ष राम सुमिरन गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक सिंगरौली राम निवास शाह, प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय तथा मीसाबंदी परिवार के सदस्य संतोष वर्मा, राजकुमार होनी तथा ज्योति शंकर पाण्डेय जी मंचासीन रहे। 

जिला मीडिया प्रभारी नीरज सिंह परिहार ने बताया कि कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ। मीसाबंदी स्वर्गीय मानिक राम वर्मा के पुत्र संतोष वर्मा एवं स्वर्गीय शालिग्राम सोनी के पुत्र राज कुमार सोनी जी तथा स्वर्गीय कपिल देव पांडेय के पौत्र ज्योति शंकर पाण्डेय को जिलाध्यक्ष एवं विधायक जी ने शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान के माध्यम से स्वर्गीय मीसाबंदी त्रय को श्रद्धांजलि दी गई। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा 25 जून 1975 वो काला दिन था जब देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने अपनी स्वसत्ता को संरक्षित करने के लिये देश पर आपातकाल थोपा था। एक ओर लोक नायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में जब देश की युवा तरूणाई अपने अधिकारों के लिये आंदोलनरत थी तथा दूसरी ओर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी के निर्वाचन को शून्य कर दिया था। अपनी सत्ता को‌ बचाने तथा सत्ता विरोधी आंदोलन को दबाने के लिये इंदिरा जी ने देश पर आपातकाल लगाया था। ये जो कांग्रेस के लोग आज संविधान की दुहाई दे रहे‌ हैं उनकी ही प्रधानमंत्री ने संविधान की हत्या की थी अपने उसी कलंक को छिपाने के लिये ये कांग्रेसी संविधान की डफली बजाते रहते‌ हैं। किंतु हम आने वाली पीढ़ी को कांग्रेस के‌ संविधान हत्या की इस बात को बताते रहेंगे तथा आपातकाल की काली सच्चाई को उजागर करते रहेंगे। ये कांग्रेसी कहते हैं कि भाजपा वाले संविधान बदल देंगे उनकी सरकारों में सैकड़ों बार संविधान में बदलाव हुवे। ये कांग्रेसी किस मुंह से भाजपा को दोषी ठहराते हैं मुझे तो समझ में भी नहीं आता। विपरीत नेरेटिव फैला कर ये सत्ता प्राप्त करना चाहते थे पर ऐसा संभव नहीं हो पाया। विघटनकारी और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले ये कांग्रेस के लोग आज भारत को समृद्ध होते और मोदी जी को विश्व का नेता बनते देख नहीं पा रहे हैं इसलिए ये बौखलाये हुये‌ हैं। देश‌ का बंटवारा करने वाले और देश को‌आतंकवाद की आग में झोंकने वाले ये लोग कितना भी प्रयास कर लें पर‌ हम‌ सब इनके विध्वंसकारी इरादों को कामयाब नही होने देंगे। हम राष्ट्र सर्वोपरि विचारधारा वाले लोग हैं और राष्ट्र हित ही हमारा सिद्धांत है, हम‌ सदा ही कांग्रेस के काले कारनामों को देश के सामने उजागर करते रहेंगे तथा आने वाली पीढ़ी को जागरूक करते रहेंगे। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि हम सब उस परिवार के सदस्य हैं पूर्वजों ने वर्षों जेल में रह कर संघर्ष किया । आज उनके ही संघर्ष का परिणाम है कि हम‌ सत्ता में हैं । आज का दिवस उन महापुरूषों के सम्मान और पुण्य आत्माओं को श्रद्धांजलि देने का भी है जिनके तपोबल से आज हम तीसरी बार सरकार में हैं तथा देश के ज्यादातर राज्यों में भी सत्ता में हैं। ये विपक्ष के लोग जब सत्ता में थे तब उन्होंने मनुष्यता को कुचला कर आपातकाल लगाया था और अत्याचारों की पराकाष्ठा कर दी थी। हमारी जिन महान विभूतियों ने जेल में भूखों रह कर हम‌ सबको प्रेरणा दी उनके दिखाए मार्ग पर‌ हम‌ सब चलें यही उनके लिये सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम को मीसा बंदी स्वर्गीय मानिक राम वर्मा के पुत्र संतोष वर्मा ने भी अपने पिता श्री से प्राप्त आपातकाल के अनुभवों को मंच से साझा किया। 

कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष एवं इस कार्यक्रम के प्रभारी अरविंद दुबे ने किया तथा आभार प्रकट पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष कमलेश वैश्य ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला महामंत्री सुंदरलाल शाह, जिला उपाध्यक्ष आशा यादव, सरोज शाह, सरोज सिंह, जिला मंत्री, अरविंद तिवारी, विनोद चौबे, पूनम गुप्ता, बविता जैन, कलावती यादव, द्रौपदी सिंह, कोषाध्यक्ष हरिदास गुप्ता, कार्यालय मंत्री कृष्ण कुमार कुशवाहा, मंडल अध्यक्ष संदीप चौबे‌, भारतेन्दु पांडेय, संदीप झा, शारदा शर्मा, भूपेन्द्र गर्ग, एक्तिस चंद वैश्य, रवि पांडेय, जे पी शाह, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, वरिष्ठ नेता नरेश शाह, मधू झा, आशा गुप्ता, ऋचा सिंह, नम्रता सिंह एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

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