📌घटना माड़ा थाना क्षेत्र के बहेरी खुर्द गांव की, मृतका के शव पर बिलखते रहे बच्चे, पिता रायपुर में करता है ड्राइवरी
Newspost, MP Regional Desk.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। माड़ा थाना क्षेत्र का एक गांव बहेरी खुर्द 3 बच्चों की माँ एवं उसके कथित विवाहित प्रेमी द्वारा एक साथ आत्महत्या कर लेने से चर्चा में आ गया है। दोनों के शव घर की शीट की छत पर लगे लोहे के पाइप पर लटकते मिले हैं। युवती तीन बच्चों की माँ थी। घटनास्थल पर पहुंची माड़ा पुलिस टीम ने पंचनामा के बाद शवों को नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
घटना विस्तार से-
सिंगरौली जिला मुख्यालय वैढ़न से लगभग 30 किमी दूर ग्राम बहेरी खुर्द के एक घर में एक युवक और युवती ने सीट से बने घर की छत में लगे पाइप पर फांसी का फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। मृतका का पति रायपुर में ड्राइवरी का काम करता था। जबकि मृतक की करीब 6 महीने पहले ही शादी हुई थी।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बहेरी खुर्द निवासी 28 वर्षीय राधिका पनिका अपने घर में थी। जहां कोयलखूंथ निवासी 26 वर्षीय अजय सिंह पिता बंशी सिंह शराब के नशे में उससे मिलने पहुंचा। दोनों के बीच लम्बें समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। माना जा रहा है कि रात को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा। जिससे प्रेमी युवक ने देर रात उसी के घर में फांसी का लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रेमी को फांसी के फंदे में लटकता देख युवती डर गई और लोक लाज की डर से वह भी फांसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को फांसी के फंदे से उतार कर पंचनामा बनाया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस अब जांच के दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
बच्चों के क्रंदन से लोग हुए विह्वल
मृत युवती का पति रायपुर में ड्राइवर का काम करता है। पत्नी अपने दो बेटियों और एक दो साल के बेटे के साथ गांव में रह रही थी। सुबह बच्चे उठे और अपने बीच माँ को नहीं पाया तब वे व्याकुल हो गए और अपनी माँ के लिए बिलखने लगे। मासूम बच्चों के विलाप से मौके पर मौजूद लोग सिहर उठे। अवैध प्रेम प्रसंग ने मासूम बच्चों को अनाथ बना दिया। इन मासूमों की आंखें अब भी अपने माँ को तलाश रही हैं। इनमें सबसे बड़ी 6 वर्षीय बेटी तो इस सच्चाई को स्वीकार कर बिलखती दिखी। जबकि 4 वर्षीय उसकी छोटी बहन को इस बात पर यकीन नहीं हो पा रहा है। अब कभी उसके मम्मी उसे गोद में उठाने और दुलार करने लौटकर नहीं आएंगे। वहीं 2 साल का मासूम अपनी मम्मी के लिए लगातार रोता जा रहा था। हालांकि बेटे को रिश्तेदारों ने संभाल लिया है।
