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शहर में स्थित पेंटियम प्वाइंट ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन के पेंटियम प्वाइंट टेक्निकल कॉलेज (कॉलेज ऑफ़ लॉ ) में विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय में स्थित लॉ विभाग द्वारा आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से महाविद्यालय के मुख्य प्रबंध संचालक बी एन त्रिपाठी, शैक्षणिक संचालक एसके त्रिपाठी, पेंटियम प्वाइंट टेक्निकल कॉलेज (कॉलेज ऑफ़ लॉ ) के प्राचार्य डॉ पी एन शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
10 दिसंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है। दस दिसंबर 1950 को संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार दिवस घोषित किया था,जिसके बाद से लगातार इन दिन मानवाधिकार के लिए जागरूकता लाने का काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में छात्र -छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि मानवाधिकार दिवस का उद्देश्य विश्वभर के लोगों को मानवाधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना और इसके पालन के प्रति सजग रहने का संदेश देना है।भारत सहित दुनियाभर के देशों में प्रत्येक नागरिकों के अपने अधिकार है। ऐसे में लोगों को उनके पालन के लिए जागरूक करना इसका मकसद है। भारत में मानवाधिकार कानून 28 सितंबर 1993 में अमल में आया। जिसके बाद सरकार ने 12 अक्टूबर 1993 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन किया। मानवाधिकार आयोग राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य क्षेत्रों में भी काम करता है। जैसे मजदूरी, HIV एड्स, हेल्थ, बाल विवाह, महिला अधिकार. मानवाधिकार आयोग का काम ज्यादा से ज्यादा लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम का सफल संचालन विधि विभाग की प्रो.विधि संभरकर द्वारा किया गया। उपस्थित छात्रों द्वारा भी मानवाधिकार के संदर्भ में अपनी बातों द्वारा प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधि विभाग से प्रो जितेंद्र सिंह परिहार, डॉ सविता शुक्ला, डॉ अर्चना पटेल,प्रो रत्नेश मोहन मिश्रा, प्रो दीपक शुक्ला, प्रीति गुप्ता तथा विधि के छात्र मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
