📌तीन को मारी गोली, एक को धारदार हथियार से मारा, पुरानी रंजिश बनी हत्या का कारण

Newspost, MP State Desk.

सिंगरौली, मध्य प्रदेश। जिले के बरगवां थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ोखर के एक मकान में हुए सामूहिक हत्याकांड एवं शवों को सेप्टिक टैंक में फेंक देने के प्रकरण का खुलासा पुलिस ने 48 घंटे के भीतर कर दिया। पुलिस अधीक्षक सभागार में प्रेस वार्ता कर रीवा जोन के उप महानिरीक्षक साकेत प्रकाश पांडेय ने बताया कि 2 व्यक्तियों से आपसी रंजिश के कारण इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। 

डीआईजी ने बताया कि इस हत्या का मास्टरमाइंड जयंत स्थित नेहरू अस्पताल के पास का रहने वाला राजा रावत है। उसने अपने 5 साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें पांच आरोपियों की गिरफ्तारी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से की गई। जबकि एक आरोपी को आज दोपहर बनारस से गिरफ्तार कर लाया जा रहा है।

बीते शनिवार थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ोखर में हरि प्रसाद प्रजापति के साल भर पहले बने मकान के सेप्टिक टैंक के अंदर चार लोगों के शव मिले थे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने इस मामले में कार्यवाही करते हुए हत्या का प्रकरण, अपराध क्रमांक 16/25 धारा 103 (1) 331, 328, 238, 3(5) बीएनएस कायम कर विवेचना शुरू कर दी थी।

ऐसे दिया घटना को अंजाम

आरोपी राजा रावत घटना की रात पूरी तैयारी से हत्या करने निकला था। उसने मृतकों को पहले पार्टी की सामग्री मुहैया कराई और कुछ देर उनके साथ बीतने के बाद वह अपने साथियों को लेने निकल पड़ा। लौटने पर उसने पहले सुरेश पर दो गोली चलाई, जिससे वह वहीं ढेर हो गया। गोली की आवाज सुनकर करण आया तो करण साहू के सिर पर भी एक गोली मारी गई। इसके बाद राकेश सिंह पर तीन गोली मारकर उसे ढेर कर दिया गया। 

आरोपियों ने इसके बाद जोगेंद्र महतो का गला दबाकर उसके सिर पर धारदार हथियार से वार कर उसे भी मौत की नींद सुला दिया। इसके बाद सभी के शवों को घर के बाहर स्थित सेप्टिक टैंक में फेंक दिया और फरार हो गए।

शवों का पहली बार कराया गया सीटी स्कैन

सिंगरौली जिले में इस प्रकार की घटना पहले कभी नहीं हुई थी। पुलिस के सामने इस मामले को सुलझाने की चुनौती थी। लेकिन मानसिक दबाव में वे किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहते थे। आरोपियों की धर पकड़ के लिए एसआईटी गठित कर जगह-जगह छापेमारी की जा रही थी। वहीं साइबर एक्सपर्ट अपने स्तर पर आरोपियों को ट्रेस करने में जुटे थे। इस दौरान बरगवां निरीक्षक अपनी टीम के साथ शवों के पीएम के लिए दिन भर मुख्यालय में डटे रहे और पोस्टमार्टम के बाद शवों का सीटी स्कैन कराया गया। सीटी स्कैन में यह बात सामने आई की 2 व्यक्तियों के शरीर में बुलेट फंसी हुई है। मृतक सुरेश को लगने वाली गोलियां उसके शरीर को आर पार कर निकल गई थीं।

खून के धब्बों को मिटाने का किया गया था प्रयास

प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला था कि मृतक कमरे में शायद सो रहे होंगे क्योंकि उनके जूते के अंदर मौजे मौजूद व्यवस्थित रखे गए थे, जिससे पुलिस को अंदाजा हुआ कि इनकी यही हत्या कर शव को फेंका गया होगा। साथ ही आरोपियों ने कमरे में खून के धब्बों को मिटाने का भी प्रयास किया था।

पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह

डीआईजी श्री पांडे ने बताया कि आरोपी राजा रावत की मृतक जोगिंदर महतो व सुरेश से जमीन के कब्जे और मकान बनाने को लेकर पुरानी रंजिश थी। साथ ही तीनों गुस्सैल प्रवृत्ति के थे। यही कारण था कि दो हत्याओं के प्रत्यक्षदर्शी दो अन्य की भी हत्या कर दी गई।

झारखंड से खरीदा था हथियार

आरोपी राजा रावत ने झारखंड से पिस्टल व कारतूस खरीदे थे। वह काफी समय से इस घटना को अंजाम देने की तलाश में था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक देशी पिस्टल, चार नग जिंदा कारतूस व एक खाली मैगजीन जप्त की है। वहीं अन्य आरोपियों से मोबाइल समेत अन्य हथियार अभी जप्त किया जाना शेष है।

इनकी की गई गिरफ्तारी

इस मामले में आरोपी राजा रावत पिता अमर रावत उम्र 25 वर्ष निवासी नेहरू अस्पताल गेट के पास, बुद्धसेन साकेत पिता रामदेव साकेत उम्र 20 वर्ष निवासी सिंगाही ग्राम सोलन चौकी गोरबी थाना मोरवा, हरिश्चंद्र साकेत उर्फ शुभम उर्फ छोटू पिता रामधनी साकेत उम्र 21 वर्ष निवासी बरहटी थाना बरगवां, रोहित साकेत पिता रामबिचारे साकेत उम्र 21 वर्ष निवासी नेहरू गेट गर्दा बस्ती चौकी जयंत व एक विधि विरुद्ध बालक की गिरफ्तारी हुई है। वहीं फरार आरोपी नीरज साकेत पिता महेंद्र साकेत उम्र 19 वर्ष निवासी जयंत को सोमवार दोपहर वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया गया।

सभी पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत

48 घंटे के भीतर इस हत्याकांड का खुलासा एवं समय रहते सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीआईजी साकेत प्रकाश पांडेय ने पूरी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने भी पुलिस की तत्परता के लिए पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री व उनकी पूरी टीम को बधाई दी साथ ही टीम को पुरस्कृत करने हेतु आदेशित किया है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

उक्त मामले के खुलासे में एसडीओपी के.के. पाण्डेय, नगर पुलिस अधीक्षक पीएस परस्ते समेत एसडीओपी राहुल सैयाम, निरीक्षक शिव पूजन मिश्रा थाना प्रभारी बरगवा, निरीक्षक अशोक सिंह परिहार, थाना प्रभारी बैढ़न, निरीक्षक यू.पी. सिंह, निरीक्षक ज्ञानेन्द्र सिंह, निरीक्षक राजेन्द्र पाठक, निरी. जीतेन्द्र भदौरिया, उप निरीक्षक सुधाकर सिंह परिहार, विनय शुक्ला, अमन वर्मा, प्रियंका सिंह, प्रियंका मिश्रा, संदीप नामदेव, नीरज सिंह, राम जी त्रिपाठी, आराधना तिवारी, इन्द्रलाल मांझी, एन. पी. तिवारी, सूबेदार आशीष तिवारी, सउनि पंकज सिंह चंदेल, विजय पटेल, विशेषर साकेत, कृष्नेन्द्र सिंह, प्रवीण मरावी, डी.एन सिंह, रवी गोस्वामी, उत्तम सिंह, राजेश दिवेदी, अरविंद दिवेदी, संजय परिहार, कुणाल सिंह, हेमराज पटेल, पंकज सिंह, भगवान दास प्रजापती, राजनारायण, अनुप मिश्रा, धर्मराज रावत, संजय यादव, विक्रम सिंह, मनोज गौतम, नंदकिशोर बागरी, श्यामलाल प्रजापति, आलोक चतुर्वेदी, राहुल सिंह, विवेक पटेल, जितेन्द्र सेंगर, विरेन्द्र पटेल, जतिन दुबे, राहुल, नीरज सिंह, राहुल सिंह, आरक्षक सौरभ, प्रकाश सिंह, महेश पटेल, जीवन भाटी, अशोक यादव, प्रमीष झिल्ले, समीर, शिवनारायण सिंह, प्रतीक कुमार, अरविद यादव, कोशलेन्द्र रावत, अरुणेन्द्र मिश्रा, प्रताप पटेल, समीर धुर्वे, मनोहर देवडा, तुलसीदास प्रजापति, राजेश बर्डे, धीरज, म. आर. कीर्ति कुशवाहा, सिंगरौली सायबर सेल टीम व रीवा सायबर सेल टीम का भी योगदान रहा है।

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