🔹विंध्यनगर पुलिस ने 4 चोरियों का किया खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार, 12 लाख रु का मशरुका जप्त
Newspost, Regional Desk.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। कहा जाता है कि अपराध अपने पद चिन्ह जरूर छोड़ देता है। इस कथन की पुष्टि शनिवार को पुलिस अधीक्षक सिंगरौली मनीष खत्री ने प्रेस वार्ता में की है। लगातार हो रही चोरियों से परेशान विंध्यनगर पुलिस को AI ने ऐसा साक्ष्य दे दिया जिससे एक्सपर्ट चोरों का गिरोह पकड़ा गया। इस प्रकरण की व्यापक चर्चा हो रही है।
इस प्रकरण के विषय में…
पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा के निर्देशन व नगर पुलिस अधीक्षक पीएस परस्ते के नेतृत्व में गठित विशेष टीम जिसमें थाना प्रभारी विंध्यनगर, निरीक्षक अर्चना द्विवेदी, निरीक्षक यूपी सिंह, निरीक्षक जितेन्द्र भदौरिया व पुलिस बल ने सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह सभी शातिर आरोपी बताए गए हैं जो परफेक्ट क्राइम की तर्ज पर पहले घरों की रेकी करते थे, फिर उसे अपना निशाना बनाते थे। पकड़े गए आरोपियों से उनके द्वारा की गई 4 चोरियों का खुलासा पुलिस ने किया है। आरोपियों से ₹ 12 लाख का चोरी गया सामान बरामद किये जाने की जानकारी है। बताया गया है कि रेकी करने के बाद यह गिरोह मोबाइल स्विच ऑफ कर इत्मीनान से चोरी को अंजाम देता था।
इन आरोपियों के परफेक्ट क्राइम प्लान पर उस समय पानी फिर गया, जब सिर पर चोट लगने के बाद एक व्यक्ति ने अपना मास्क उतार दिया। उसका चेहरा और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। हालांकि आरोपी सजग थे, उन्होंने सीसीटीवी समझ कर जिसे तोड़ा असल में वह वाईफाई का राउटर था। उनकी यही गलती उन पर भारी पड़ गई।
जानकारी के अनुसार गुरुवार 26 दिसम्बर को फरियादी सतीश प्रसाद ने विन्धनगर थाने में तहरीर दी कि उनके सूने आवास को चोरों ने निशाना बना लिया है। वह बीते 18 दिसंबर को घर से बाहर गए थे उन्हें पड़ोसी द्वारा पता चला कि उनके आवास में चोरी हुई है। घर का ताला टूटा व अलमाली का लाक टूटा था। अलमारी में रखे सोने चांदी के आभूषण, चेक बुक, आधार कार्ड, पासबुक नहीं थे।
इस घटना के बाद शहर में हो रही चोरियों को देखते हुये पुलिस अधीक्षक सिंगरौली मनीष खत्री द्वारा गंभीरता से लिया गया तथा आरोपियों की त्वरित पतासाजी के निर्देश दिये गए। उक्त निर्देश के तारतम्य में अति. पुलिस अधीक्षक सिंगरौली शिवकुमार वर्मा के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक पीएस परस्ते के नेतृत्व में थाना प्रभारी विन्ध्यनगर अर्चना दिवेदी, निरी. यू.पी. सिंह, निरी. जितेन्द्र भदौरिया, उनि संदीप नामदेव, उनि अमन वर्मा आदि की एक विशेष टीम का गठन किया गया और मौके पर जाकर जांच कार्यवाही की गई। तकनीकी सहायता से संदेहियों की पहचान सुनिश्चित की गई। उसके उपरांत शनिवार को आरोपी कादर उर्फ रोहित शाह पिता सुरेश कुमार शाह उम्र 26 वर्ष निवासी जमुआ थाना वैढन, अश्वनी सोनी निवासी बैढन को गिरफ्तार एवं 2 विधि विरुद्ध बालकों को कादर का ढाबा नामक ढाबे से दस्तयाब किया गया।
ऐसे खुला चोरी की घटनाओं का भेद
गिरोह के सदस्य प्रायः मास्क पहनकर चोरी करते थे। एक चोरी के दौरान गिरोह के एक सदस्य के चेहरे व सिर में चोट लगी जिसे देखने के लिये उसने अपना मास्क उतार दिया। वह सीसीटीवी कैमरे के सामने उजागर हो गया। हालांकि चोरों ने उस घर में लगे वाई फाई सिस्टम के राउटर को सीसीटीवी का डीवीआर समझकर तोड़कर फेंक दिया था। परन्तु एक स्पाई कैमरा जिस पर चोरों की नजर नहीं पड़ सकी थी उसने घटना को कैद कर लिया। उस फुटेज के आधार पर पुलिस ने अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। तकनीकी सहयोग प्राप्त कर आरोपीगण को चिन्हित किया फिर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने इन चोरियों को दिया था अंजाम
दिनांक 18 दिसम्बर को सतीश प्रसाद के घर में सोने चांदी के जेवरात चोरी करना। जिसमें पुलिस द्वारा अप.क्र.698/24 धारा 331(4),305(ए) बीएनएस कायम की गई थी।
दिनांक 8 दिसम्बर की रात ढोंटी मेन रोड पर महावीर नागर के घर में सोने चांदी के जेवरात, सोने के सिक्के चोरी करना। जिसमें विन्धनगर पुलिस द्वारा अप.क्र.685/24 धारा 331 (4),305 (ए) बीएनएस कायम की गई थी।
बीते माह 13 नवंबर की रात ढोंटी मेन रोड में पंजाब नेशनल बैंक के ऊपर दिनेशचंद जायसवाल के घर सोने चांदी के जेवरात चोरी की गई। जिसकी सूचना पर पुलिस द्वारा अप.क्र.430/ 24 धारा 331 (4), 305 (ए) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया।
वहीं इसी वर्ष जुलाई माह में एनटीपीसी के अंदर अच्छेलाल पटेल के घर में सोने के सिक्के व चांदी जेवर चोरी करना पर विन्ध्यनगर पुलिस ने अप.क्र.628/24 धारा 331 (4), 305 (ए) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया था।
पकड़े गए आरोपियों में गिरोह के रोहित शाह उर्फ कादर के थाना बैढ़न व माड़ा में चोरी सहित अन्य धाराओं के 08 प्रकरण पंजीबद्ध हैं। इसी प्रकार विधि विरुद्ध बालकों के विरुद्ध भी 01-01 अपराध पंजीबद्ध है।
ऐसे देते थे घटनाओं को अंजाम
आरोपी सूने घरों को निशाना बनाते थे। एक घर क़ी 3-4 बार घूम-घूम कर रेकी करते थे व बडे ताला बंद सूने घरों को निशाना बनाते थे। प्रायः घटनास्थल के सामने से तेजी से गुजरते थे और तिरछी निगाहों से देखते थे। चिन्हित घर की घटना करने के ठीक पहले रात 12 बजे तक भी रेकी करते थे। घटनास्थल से थोड़ी दूर जाकर या बगल से सूने घर की अच्छी से रेकी करते और देखते थे।
घटनास्थल रवाना होने से पूर्व अपने मोबाइल को या तो स्विच ऑफ कर लेते थे या फ्लाइट मोड में डाल देते थे। मोबाइल का उपयोग सिर्फ टॉर्च के रूप में करते थे। अलमारी आदि को धीरे से जमीन पर लिटाकर सब्बल और हथोड़े की मदद से उसके दरवाजों को खोल देते थे। आलमारी की आवाज से बचने के लिये उसके नीचे गद्दा या तकिया का इस्तेमाल करते थे।
इतनी सतर्कता बरतते थे ये शातिर...
घटना के समय गिरोह के साथी घर के बाहर नजर रखते और मोटर साइकिल में भागने की तैयारी में रहते थे। वहीं घटनास्थल से सीसीटीवी कैमरा/ डीवीआर आदि उखाड़कर ले जाते थे। आरोपियों का घटना करने का औसतन समय रात्रि 1 से 3 बजे का रहता था। गैंग का मुख्य सरगना कादर उर्फ रोहित शाह द्वारा गिरोह के नाबालिग बच्चों को गाड़ी देकर सूने घरों की रैकी हेतु भेजा जाता था, उन्हें पैसे भी दिये जाते थे।
अंतिम रेकी के बाद देर रात्रि आरोपी कादर उर्फ रोहित, विधि विरुद्ध बालकों व अन्य आरोपी कादर के ढाबा में एकत्रित होते थे। वहाँ योजना बनाते फिर ये लोग दो मोटर साईकल से चिन्हित घर के आगे या पीछे जाते थे। कादर उर्फ रोहित उक्त गैंग का मुख्य लीडर था जो ताला तोड़ना, अलमारी का लॉक तोड़ने का काम करता था। उसके साथ में विधि विरुद्ध बालक घर के अंदर चोरी करने में साथ में रहते थे। इसके अलावा अन्य चार लोगों में से घर के आगे 2 लोग व 2 पीछे रहते थे और चोरी करने के बाद सभी मोटरसाईकल से कादर के ढाबा पहुंचते और हिस्सा बांट करते थे।
सोने को पिघलाकर बदला आकार
बैढन निवासी अश्वनी सोनी द्वारा 2 सिक्के खरीदे गये थे। जिसके द्वारा सिक्कों को गलाकर उनका आकार बदल दिया था, उसे भी जप्त किया गया है। अश्वनी सोनी की भी संलिप्तता होने पर संबंधित सुसंगत धारा का इजाफा किया गया है।
इस मामले में तीन आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।

आरोपियों से जप्त हुई सामग्री
छानबीन के दौरान पकड़े गए आरोपियों के पास से 145 ग्राम सोने के जेवरात व सिक्के, 1 किलो चांदी कीमत करीब 11 लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त दो मोटर सायकल कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपये की एवं घटना को कारित करने हेतु इस्तेमाल किये गये हथियार 2 सब्बल भी जप्त हुए हैं।
इस खुलासे में अहम भूमिका
चोरी के इन मामलों के खुलासे में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विन्धनगर प्रभारी, निरीक्षक अर्चना द्विवेदी, निरीक्षक यू.पी. सिंह, निरीक्षक जितेन्द्र भदौरिया, उप निरीक्षक संदीप नामदेव, उप निरीक्षक अमन वर्मा, उनि शीतला यादव, सउनि रमेश प्रजापति, सुनील दुबे, संतोष साकेत, प्रआर. पंकज सिंह, रमागोविन्द, श्याम सुंदर, हेमराज, मुनेन्द्र, विजय, नूर, संदीप, बृजेश, नीतिन, म.आर.रुकमणी, रामनिरंजन वैश्य आर. राजकुमार, अशोक, प्रताप, समीर, मनोहर, अमलेश, राहुल, भोले की उल्लेखनीय भूमिका रही।
