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सिंगरौली जिले के चितरंगी थानांतर्गत सामूहिक बलात्कार की सनसनीखेज घटना में चितरंगी पुलिस ने पीड़िता की नामजद तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नामित दोनों आरोपियों को तीन घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने बताया कि 14 जनवरी 2026 की शाम लगभग 6 बजे वह गांव की किराना दुकान से हल्दी लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान रामचरित के खेत के पास गांव के ही समन सिंह गोंड एवं श्रीराम सिंह गोंड ने उसे जबरन पकड़कर खेत में ले गए और बारी-बारी से दुष्कर्म किया।

फरियादिया के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 22/2026 धारा 137(2), 87, 70(2), 64(1) बीएनएस एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। थाना प्रभारी चितरंगी निरीक्षक सुधेश तिवारी द्वारा पुलिस अधीक्षक सिंगरौली मनीष खत्री एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के निर्देशन तथा एसडीओपी चितरंगी राहुल सैयाम के मार्गदर्शन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सूचना प्राप्त होने के मात्र तीन घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।

इस कार्रवाई में निरीक्षक सुधेश तिवारी के साथ उप निरीक्षक उमेश तिवारी, सतीश दीक्षित, सोहगवती सिंह, प्रधान आरक्षक कैलाश सिंह, सुभाष पाल, सुदर्शन चौहान, अमलेश सिंह एवं सचिन शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, देवसर न्यायालय ने सुनाया फैसला

तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश देवसर विजय कुमार सोनकर के न्यायालय ने थाना सरई क्षेत्र के बहुचर्चित बलात्कार व अपहरण मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ा फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने आरोपी रामायण प्रजापति को भारतीय दंड संहिता की धारा 366, 376(1) व 506 भाग-2 के अंतर्गत दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि आरोपी को दी गई सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अपर लोक अभियोजक मारकण्डेय मणि त्रिपाठी के अनुसार यह मामला थाना सरई के अपराध से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार घटना 7 जनवरी 2023 की है, जब आरोपी ने पीड़ि़ता को बहला-फुसलाकर अपहरण किया और उसके साथ जबरन बलात्कार किया। पीड़ि़ता द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के संबंध में 10 जनवरी 2023 को एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि 21 मार्च 2023 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़ि़ता के बयान धारा 161 एवं 164 दंप्रसं के कथन, चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए माना कि अभियोजन अपना मामला संदेह से परे सिद्ध करने में सफल रहा है। दंड के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के विरुद्ध इस प्रकार के अपराध समाज की मूल संरचना को आघात पहुंचाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में निवारक संदेश जाए। इसी आधार पर आरोपी रामायण प्रजापित पिता स्व. अम्बा लाल प्रजापति उम्र 28 वर्ष निवासी तिनगुड़ी को धारा 366 एवं 376(1)में 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000-3000 अर्थदंड, जबकि धारा 506 भाग-2 में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने आरोपी के जमानत मुचलके को निरस्त करते हुए सजा वारंट जारी करते हुए उसे जेल भेजने के आदेश भी दिए हैं।

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