Newspost, Regional Desk, Ashish Soni, Singrauli, MP
जिले में लगातार 2 दिन से बेमौसम बरसात ने सामान्य जन जीवन को प्रभावित किया है लगातार हो रही बूंदाबांदी एवं सर्द हवाओ के चलने से ठिठुरन बढ़ गयी है।
बंगाल की खाड़ी में उठा में चक्रवाती तूफान मिंग जाब के आंध्र प्रदेश के बापटला में तट से टकराने के बाद इसका असर ऊर्जाधानी में भी व्यापक पैमाने पर दिख रहा है। दिन बुधवार की सुबह से ही आसमान में जहॉ बादल छाये रहे। वहीं रिमझिम फुहारों का दौर जारी रहा। इस बारिश से ठण्ड भरी ठिठुरन बढ़ गयी है। सर्द हवाओं का भी व्यापक असर दिखाई दिया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री एवं न्यूनतम 9 डिग्री पर आ गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी इसी तरह का बेरूखी भरा मौसम बना रह सकता है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से मौसम साफ हो सकता है। दरअसल चक्रवाती तृूफान साइक्लोन मिचौंग का असर इस कदर दिखा कि सुबह से ही रिमझिम फुहारे शुरू हो गयी। आम जन अनुमान लगा रहे थे कि रिमझिम फुहारों से राहत मिल सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पूरे दिन बारिश का क्रम चलता रहा। जिससे लोगों के राजमर्रा के काम काज पर भी व्यापक असर दिखा। बच्चे, बूढ़े इस बेरूखे मौसम से परेशान दिखे वहीं स्कूली बच्चे भी मजबूर होकर छाता लेकर विद्यालय आते जाते दिखे।
जिले में सर्द हवाओं से गलन बढ़ी
ऊर्जाधानी में रिमझिम फुहारों के साथ सर्द हवाओं का दौर जारी है। सुबह से ही शीतलहर जैसे हालात बने हुये है। तकरीबन 10 किलोमीटर प्रति घण्टे की बेग से हवा चल रही है। वहीं पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहने के कारण गलन बढ़ गयी है। आलम यह है कि लोगबाग गर्म कपड़ों के साथ घरों के अन्दर दुबके रहे। जरूरत सामान खरीदने के लिये ही लोग घरों से बाहर निकले। इस दौरान लोगबाग बारिश सीजन के बाद आज छाता लेकर बाजार निकलने के लिये विवश हुये। इधर मौसम विभाग ने अनुमान जताया कि कल दिन गुरूवार को भी बारिश की पूरी संभावना है और सर्द हवाओं का बेग बढ़ता-घटता रहेगा। दोपहर के समय हवा का वेग अधिकतम 15 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकता है। हालांकि शुक्रवार एवं शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाये रह सकते हैं। बारिश की संभावना कम है।
रिमझिम फुहारों से किसानों में खुशी
जिले में चक्रवाती तूफान के चलते हो रही रिमझिम बारिश से अन्नदाताओं में खुशी का माहौल है। उनके चेहरे पर खुशी झलक रही थी। अन्नदाताओं का मानना है कि यह बारिश रबि फसल गेहूॅ के अलावा जौ एवं दलहनी फसल चना, मसूर, अरहर, मटर के अलावा तिलहन फसल के काफी फायदेमंद साबित होगी। अभी किसान रबि फसल गेहॅू बुवाई के कार्य में किसान लगे हुये हैं और यह बारिश पलेवा के हिसाब हुई है। जहॉ उक्त फसलों के लिये काफी फायदेमंद दिख रही है। वहीं अब कुछ दिनों तक फसलों की ङ्क्षसचाई भी नहीं करनी पड़ेगी। इसी बात से अन्नदाता काफी खुश नजर आ रहे हैं।
