कार्यालय में मदिरापान करने के मामले में किया गया था सेवामुक्त, दंपति द्वारा फांसी लगाने की घटना से सनसनी, जांच में जुटी कोतवाली पुलिस
Newspost, Regional Desk, MP.
सिंगरौली/वैढ़न। डीएफओ कार्यालय द्वारा पहले निलंबित, फिर सेवामुक्त किए गए लिपिक शिवराज सिंह ने अपनी पत्नी के साथ एक ही फंदे से फांसी लगाकर जीवन लीला का अंत कर लिया। लिपिक शिवराज को कार्यालय में मदिरापान करने के मामले में हाल ही सस्पेंड किया गया था, जिसे बाद में कार्यवाही करते हुए बर्खास्त कर दिया गया था। आज शुक्रवार को लिपिक शिवराज सिंह व उनकी पत्नी का शव घर के रोशनदान से फांसी के फंदे पर झूलता हुआ मिला।
घटना के संबंध में मृतक शिवराज सिंह के बड़े भाई पुष्पराज सिंह ने बताया कि शिवराज के बच्चे पीएनबी (बैंक) में कार्यरत हैं। वे लगातार उन्हें फोन कर रहे थे, लेकिन कोई फोन नहीं उठा रहा था। तब उन्होंने मुझे सूचित किया। अपने भाई का हाल जानने जब उनके घर पहुंचा तो घर का दृश्य देखकर आवाक रह गया। आनन फानन में उन्होंने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। जिसके बाद कोतवाली प्रभारी सुदेश तिवारी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव का पंचनामा तैयार कर पीएम हेतु भिजवा दिया तथा जांच शुरू की।
मृतक के बड़े भाई के अनुसार कुछ दिन पूर्व रजनी गुप्ता ने शिवराज का कार्यालय में शराब पीते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया। नौकरी से निकाले जाने को लेकर पति-पत्नी अवसाद में चले गए थे। कयास लगाया जा रहा है कि इन्हीं कारणों से शिवराज और उसकी पत्नी ने यह कदम उठाया है।
