अमिलई के चरकी घाटी में अवैध नाका लगाकर वाहनों से की जाती थी वसूली
Regional Newspost, RB Singh ‘Raaz’,सीधी,MP.
एमपी के सीधी जिले के रामपुर नैकिन थानांतर्गत ग्राम अमिलई के चरकी घाटी में लगभग 2 वर्षों से अवैध नाका लगाकर वाहनों से चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली की जाती थी। ग्रामीण जनों की शिकायत के बाद भी नाका का संचालन बंद नहीं किया गया। जिसके कारण ग्रामीण जन काफी परेशान थे और वाहनों से अवैध वसूली करते पुलिस कर्मियों का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले से संबंधित एएसआई एवं दो सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई की है।
वीडियो में क्या है ?
चचाई शहडोल निवासी एक युवक नैकिन अपने ननिहाल आया हुआ था। सोमवार को ग्राम नैकिन थाना रामपुर नैकिन से अपने गृह ग्राम चचाई की ओर अपनी मोटर साइकिल से जा रहा था। जैसे ही अमिलई चरकी घाटी पहुंचा तो वहां तैनात सैनिक द्वारा उसको रोका गया और वाहन के कागजात मांगे गए। युवक ने कहा कि मेरे पास कागजात नहीं हैं तो सैनिक ने 500 रुपए का चालान कटाने को कहा जिस पर युवक ने कहा कि मेरे पास 500 रुपए नहीं हैं 100 रुपए ही हैं। तब सैनिक ने कहा कि 100 रुपए ही दे दो। लेन देन का पूरा मामला कैमरे में कैद हो गया।
कोरोना काल में स्थापित किया गया था यह बैरियर
बताया गया है कि कोरोना काल से यहां चेेकिंग के नाम पर पुलिस कर्मियों द्वारा ग्रामीण जनों से वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली की जाती थी। शहडोल से रीवा जाने वाले कोयला एवं रेत के वाहनों से भी इंट्री वसूली जाती थी। पुलिस के इस कृत्य से आसपास के गांव के लोग जो अपने निजी वाहन से आते-जाते थे काफी परेशान रहते थे। कई बार इसकी शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से की गई किंतु नाका का संचालन नहीं रुक पाया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर भी बंद नहीं हुआ था नाका
पिपरांव चौकी के अंतर्गत अमिलई चरकी घाटी के नीचे रामपुर नैकिन पुलिस के द्वारा अवैध रूप से वाहन चेकिंग नाका लगाने की शिकायत मीडिया कर्मियों के द्वारा पुलिस अधीक्षक डॉ. रवीन्द्र वर्मा से की गई थी। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी रामपुर नैकिन को अमिलई में संचालित अवैध वाहन चेकिंग नाके को बंद करने एवं नाका में तैनात पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश के बाद भी नाका का संचालन बंद नहीं हुआ था। पूर्व में भी तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के द्वारा भी थाना प्रभारी रामपुर नैकिन को उक्त अवैध नाके को बंद करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत करीब 15 दिन तक नाका को बंद कर दिया गया था। उसके बाद पुन: चालू कर दिया गया जो अनवरत रूप से चल रहा था।
बताया जाता है कि उक्त नाके से प्रति दिन हजारों रुपए की अवैध वसूली पुलिस कर्मियों के द्वारा की जाती थी। जिसके कारण रामपुर नैकिन थाने की उक्त नाके से अच्छी खासी आमदनी हो जाती थी। यही कारण था कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद भी उक्त नाके का संचालन बंद नहीं किया गया था। हालांकि पुलिस के द्वारा वाहन चेकिंग के नाम पर की जा रही अवैध वसूली से पुलिस की अच्छी खासी बदनामी हो रही थी। किंतु पैसे के लालच के चलते रामपुर नैकिन पुलिस सब कुछ झेलने के लिए तैयार रहती थी।
