??? बसंत पंचमी की शुभकामना ???
Newspost, Spiritual Desk, Swami Dayanand Sharma.
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता,
सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाड्यापहा ।
भारत में छ: मुख्य ऋतु हैं, जिनमें से बसंत ऋतु को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन ही भगवान ब्रह्मा जी के जिह्वा से वाणी, ज्ञान और बुद्धि की देवी माता सरस्वती प्रकट हुई थीं। यही कारण है कि इस दिन माता सरस्वती की विशेष पूजा का विधान है। साथ ही मान्यता यह भी है कि इस विशेष दिन पर शिक्षा या संगीत से संबंधित चीजों की पूजा करने से भी व्यक्ति को लाभ मिलता है और उसे इन क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही इस दिन से पृथ्वी पर नवीनता का पुनः सृजन होता है। पेड़-पौधों में नए और सुन्दर पुष्प आने शुरू हो जाते हैं।
बसंत पंचमी से ठंड की अनुभूति कम होने लगती है और मौसम में संतुलन बना रहता है। इसके साथ बसंत पंचमी पर्व के दिन पीले रंग का प्रयोग सर्वाधिक किया जाता है। हिन्दू धर्म में इस रंग का महत्व बहुत अधिक है।
