हिंडालको महान के चौथे दिन की राम लीला में माता सीता के हरण से लेकर लंका दहन प्रसंग का हुआ मंचन
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हिंडालको महान कर्मियों द्वारा मंचित चौथे दिन की रामलीला पक्षीराज जटायु के निर्वाण से प्रारंभ हुआ, फिर माता शबरी से श्रीराम जी की भेंट हुई और प्रभु द्वारा शबरी को नवधा भक्ति प्रदान की गई तत्पश्चात सुग्रीव से प्रभु राम की मित्रता, बाली वध, सीता खोज, रावण- सीता संवाद, हनुमान जी की माता सीता से भेंट, अक्षय कुमार का वध, मेघनाथ हनुमान युद्ध, रावण हनुमान संवाद और फिर हनुमान जी द्वारा लंका दहन के दृश्य के साथ चौथे दिन की लीला संपन्न हुई।
चौथे दिन की लीला का विधिवत शुभारंभ हिंडालको महान कॉस्ट हाउस प्रमुख संजय चतुर्वेदी, सी.एस.आर. प्रमुख संजय सिंह, प्रमुख मैकेनिक रिडक्शन पीके बोस तथा वरिष्ठ महाप्रबंधक सी.एच.पी. अनिल सिंह द्वारा सपरिवार मां चंद्रघंटा, श्री गणेश तथा भगवान श्रीराम के पूजन के साथ किया गया।

रामलीला के कलाकारों के उन्नत प्रदर्शन ने जैसे दृश्य में एक नव प्राण का संचार कर दिया हो। उपस्थित जनसमूह मंत्र मुक्त होकर इस लीला को बस देखता ही रह गया। रामलीला के अंत में लंका दहन के जीवंत दृश्य ने एक अलग ही रोमांच पैदा कर दिया। रावण का सारा अहंकार धरा का धरा रह गया और पाप अनाचार की प्रतीक लंका धू धू कर जल गई।
कार्यक्रम में हिंडालको महान के मानव संसाधन प्रमुख बिश्वनाथ मुखर्जी ने रामलीला के पात्रों की खूब प्रसंशा की। उन्होंने कहा कि हर वर्ष के रामलीला में तकनीकी रूप से बेहतर होता जा रहा है। महान रामलीला के उपाध्यक्ष सुशांत नायक ने सभी कलाकारों को इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बहुत-बहुत बधाई दी तथा उनके अभिनय की सराहना की। उन्होंने रामलीला के निर्देशक अभिषेक उपाध्याय की रामलीला परिषद के विकास के कार्यों और रामलीला के प्रति उनके समर्पण के लिए उन्हें बहुत-बहुत साधुवाद दिया।
महान रामलीला परिषद के सचिव रामजतन गुप्त जी ने उपस्थित अधिकारी गण और जनसमूह सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा पंचम दिन में दिखाए जाने वाले प्रसंग के विषय में जानकारी दी।
इस अवसर पर महान परियोजना के प्रमुख एस सेंथिल नाथ अनेक वरिष्ठ अधिकारियों सहित महान आवासीय परिषद के निवासी बड़ी संख्या में सपरिवार उपस्थित रहे और इस रामलीला के साथ ही उपलब्ध फुड स्टॉल से अनेक सुस्वादु व्यंजनों का भी आनंद लिया।
