सिंगरौली में दहशत, अफरातफरी. बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े सशस्त्र लूट, बैगों में नकदी और आभूषण लेकर आरोपी फरार 

Newspost, Crime Desk, सिंगरौली, मध्य प्रदेश।

दिन शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 ने मध्य प्रदेश के सबसे अधिक महत्वपूर्ण एवं प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व देने वाले सिंगरौली‌ जिले में दिनदहाड़े हुई बैंक लूटकांड की घटना ने न केवल यहां की कानून व्यवस्था बल्कि प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह दुस्साहसिक घटना सिंगरौली के जिला मुख्यालय बैढ़न में विंध्यनगर मार्ग पर बाजार के मध्य स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में घटित हुई। शुक्रवार को मध्याह्न लगभग साढ़े 12 बजे सशस्त्र बदमाशों ने कानून व्यवस्था को मुंह चिढ़ाते हुए दिनदहाड़े इस बैंक में बड़ी लूट को घटना को अंजाम दे डाला। पिस्तौल और कट्टा से लैस डकैतों ने बैंक कर्मियों के साथ साथ वहां मौजूद ग्राहकों को पहले बंधक बनाया और चंद मिनटों में ही इस बैंक को दिन के उजाले में लूटकर प्रशासन के मुख पर कालिख पोत दिया। घटना के समय बैंक में उपस्थित ग्राहकों की देर तक घिग्घी बंधी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लुटेरों की संख्या 5 थी और सभी हथियारबंद थे। वे अपने साथ लाए दो बैगों में नकदी और सोने के आभूषणों को भरकर वहां से आराम से चले गए। बदमाशों के चले जाने के बाद काफी देर तक वहां उपस्थित लोग स्तब्ध रहे। धीरे धीरे जब वे सामान्य होने लगे, तब वहां भयभीत लोगों में अफरातफरी मच गई।

बतौर प्रत्यक्षदर्शी ऐसे घटी घटना - 

बैंक लूट की यह घटना फिल्मी अंदाज वाली जरूर थी, लेकिन इस घटना में खास बात यह रही कि दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न - विंध्यनगर मार्ग पर स्थित शाखा में डकैती डालने पहुंचे हथियारबंद बदमाश इतने बेखौफ थे कि उन्होंने घटना के समय किसी प्रकार का नकाब तक नहीं लगाया था। उन्होंने अपना चेहरा नहीं ढंका था। उनका यह कृत्य अनेक सवालों को जन्म दे रहा है।
घटना के समय बैंक में मौजूद एक ग्राहक आशीष पांडेय अपनी पत्नी के साथ पैसे निकालने पहुंचे थे। लेकिन उसी समय लुटेरों ने धावा बोल दिया और इन्हें भी होस्टेज बना लिया। आशीष पांडेय के अनुसार बारी बारी से 4 बेनकाब बदमाश पिस्तौल के साथ बैंक के अंदर घुसे और बाहर खड़े ग्राहकों को भी भीतर बुलाया फिर गेट बंद कर दिया। उनमें से एक ने एक हवाई फायर किया और धमकी व गाली गलौज करते हुए सभी ग्राहकों और बैंक स्टाफ के मोबाइल फोन्स को अपने कब्जे में ले लिया तथा उन्हें सिर के पीछे दोनों हाथों को कर बैठने के लिए विवश कर दिया। इस दौरान उनका एक साथी बैंक से बाहर खड़ा रहा। प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि तब सभी की सांसें अटक गई थीं। सभी दम साधे मूर्तिवत सब कुछ होता हुआ देखते रहे।
घटना के समय वहां मौजूद लोगों का कहना है कि लुटेरों ने चंद मिनटों में ही काउंटर से नकदी व सोने के आभूषणों को बटोरा और अपने साथ लाए दो बड़े बैगों में उसे भरकर धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। बताया गया कि वहां से निकलते समय बदमाशों ने सभी के मोबाइल फोन एक स्थान पर छोड़ दिया था। इस घटना से बदहवास लोग जब कुछ सामान्य हुए तब वारदात की सूचना पुलिस को दी जा सकी।

पसरा भय और अशांति का वातावरण 

घटना के बाद जिला मुख्यालय बैढ़न सहित समूचे नगरीय इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल है। लोग पुलिस प्रशासन के क्रिया कलाप और कानून व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति को लेकर मुखर हो ग‌ए हैं। इस दुस्साहसिक घटना को सिंगरौली जिलेक के लिए ऐतिहासिक बताया जा रहा है। पुलिस प्रशासन को लेकर तरह तरह की बातें की जा रही हैं। साथ साथ सत्ता पक्ष पर भी लोग अंगुलियां उठाने लगे हैं। अब

क्षेत्र में चौकसी, नाक बचाने की कवायद में जुटी पुलिस

उक्त घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बैंक के आसपास घेराबंदी तथा विभिन्न मार्गों पर नाकाबंदी कर दी गई। पुलिस दल ने मौके का सूक्ष्म परीक्षण करने के साथ साथ बैंक कर्मियों तथा ग्राहकों के बयान भी लिया है। बैंक एवं आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है तथा अन्य तकनीकी व सायबर साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। फिलहाल बदमाशों की तलाश जारी है। बैढ़न–विंध्यनगर मार्ग पर हाई अलर्ट है। प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक जिले के में दिन के उजाले में हुई इस घटना से राज्य सरकार और प्रशासन पर पड़ने वाला असर अब साफ दिखाई देने लगा है। रीवा रेंज के डीआईजी व आईजी भी बैढ़न पहुंच चुके हैं। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार डीजीपी भी बैढ़न का रुख कर चुके हैं।

देखना यह होगा कि इस कांड का पर्दाफाश कब तक और कैसे होगा। जन सामान्य के साथ साथ जिले के व्यापारी और विशेषकर कॉरपोरेट भी चिंतामग्न देखे जा सकते हैं। ज्ञात हो कि सिंगरौली का जिला मुख्यालय बैढ़न दो राज्यों – उत्तर प्रदेश के सोनभद्र एवं छत्तीसगढ़ के सरगुजा से अपनी सीमाएं साझा करता है।

Photo Caption:

1- घटना के बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बाहर का दृश्य 

2- भुक्तभोगी (प्रत्यक्षदर्शी) ग्राहक आशीष पांडेय 

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