सड़क के बनने तक टूटे फूटे एनएच 39 पर ही मनाता रहूंगा जन्मदिन- राजेश
Newspost, Regional Desk, Singrauli, MP.
रीवा- रांची हाईवे, NH 39 के सिंगरौली जिले के हिस्से की सड़क डेढ़ दशक से भी अधिक समय में आज तक नहीं बन सकी है। इसकी दुर्दशा और बदहाली ने सैकड़ों निर्दोष जिंदगियों को काल कवलित तथा उनके परिवारों को तबाह कर दिया है। ऐसा नहीं कि इस मुद्दे को लेकर विरोध नहीं हुआ। वर्षा काल में कांग्रेस के लोगों ने राजेश सिंह के नेतृत्व में धान रोपा था। कभी धरना दिया तो कभी सत्ताधारी नेताओं के विरोध में सभाएं की और अपनी नाराजगी भी जताई। परंतु वर्षों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व और देश को बिजली से जगमग करने वाला जिला सबसे अधिक बदहाल
मध्य प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देने वाले सिंगरौली जिले में एनएच 39 की हालत सबसे अधिक खराब है। खस्ताहाल एनएच 39 के इस मुद्दे पर कोई सुध लेने वाला नहीं है। बरसात के दिनों में हालात बद से बदतर हो जाते हैं। विचारणीय विषय यह भी है कि सड़क बनना तो दूर, जानलेवा बन चुकी सड़क का पैच वर्क भी नहीं किये जाने से सिंगरौली से बरगवां के बीच तो स्थिति और भयावह बन चुकी है। परेवा नाला पुल पर बने गड्ढे कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का सबब बन सकते हैं।
कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या, यहां आने से कतराते हैं लोग
एनएच की इस स्थिति का अनूठा विरोध करने का काम सिंगरौली ट्रक एसोसिएशन एवं कांग्रेस परिवहन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेश सिंह ने किया है। वे पिछले कई वर्षों से अपने जन्मदिन पर इस सड़क के बीच केक काट रहे हैं। उन्होंने गत गुरुवार, 8 अगस्त को अपने जन्मदिन पर फिर से केक काटकर विरोध प्रकट किया। राजेश सिंह का कहना है कि जब तक यह सड़क बनकर तैयार नहीं हो जाती तब तक अनवरत हर साल वे जन्मदिन ऐसे ही मनाएंगे। गुरुवार दोपहर सड़क के बीच में स्थानीय लोगों के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाते हुए राजेश सिंह ने बताया कि यह इस जिले की दुर्भाग्य है कि भारत को जगमगाने वाला ऊर्जांचल स्वयं ही अंधेरों से घिरता जा रहा है। कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण लोग यहां आने से कतराते हैं। बरसात के महीनों में हालत बद से बदतर हो जाते हैं। बीते एक माह से गोपद पुल की दुर्दशा जनता झेल रही है। अक्सर आवागमन बाधित रहता है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग खतरों के बीच अपनी जिंदगी जीने को बेबस हैं। इस सड़क के कारण ही हर हफ्ते किसी न किसी घर का चिराग बुझ जाता है।
सत्ता पक्ष पर किया कटाक्ष
उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज करते हुए कहा कि इस सड़क के निर्माण को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने त्राहि माम कह दिया है। श्री गडकरी का कहना है कि यह एनएच एक फेलियर प्रोजेक्ट है, जिस पर एक किताब लिखी जा सकती है। राजेश सिंह का कहना है कि मंत्री जी को यह किताब जल्द ही लिखनी चाहिए। इस किताब के लिखे जाने तथा उसके विमोचन का यहां के लोगों को इंतजार रहेगा। एमपीआरडीसी के अधिकारियों पर उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस सड़क का पहला ही टेंडर ₹ 900 करोड़ का हुआ था। अब तक करोड़ों रुपये इस सड़क पर खर्च हो चुके हैं फिर भी सड़क नहीं बन सकी, लेकिन जानलेवा गड्ढे बनते गए हैं। इस हाईवे की हालत सूखे दिनों में भारी प्रदूषण के लिए भी जिम्मेदार है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि करोड़ों रुपए कहां गए। उन्होंने स्थानीय नेताओं में इच्छा शक्ति की कमी को इस सड़क की हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया।
•Rajesh Singh, President- Singrauli Truck Association.
