लगभग 18 साल बाद हो सकती है बीजेपी में वापसी
Newspost, Political Desk, Rohit Gupta.
सीधी, मध्य प्रदेश। भाजपा छोड़कर उमा भारती द्वारा बनाई गई पार्टी में चले गए लालचंद गुप्ता ने बाद में कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे श्री गुप्ता ने गत मंगलवार को तमाम आरोपों के साथ कांग्रेस पार्टी और उसकी प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करने के साथ ही प्रेस मीडिया को भी यह जानकारी दी। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वे अब कहाँ जाएंगे। फिर भी अंदर खाने चल रही बातों से ऐसा कयास लग रहा है कि वे लगभग 18 साल बाद फिर से भाजपा में लौट सकते हैं, वे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के हाथों सदस्यता ले सकते हैं।

एक रोचक राजनीतिक कहानी:
वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उमाश्री भारती के नेतृत्व में कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार को उखाड़ फेंका था और भारी बहुमत से प्रदेश की सत्ता में आई थी। तब संयुक्त जिला सीधी के लालचंद गुप्ता भाजपा के जिलाध्यक्ष थे। कुछ समय बाद ही तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा जी को एक राजनीति प्रेरित कानूनी मामले में त्याग पत्र देना पड़ा और तब भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश की गद्दी सौंपी थी। आंतरिक असहयोग और किनाराकशी के विषय को लेकर उमा जी ने पार्टी छोड़कर अपना नया दल बना लिया था जिसमें लालचंद गुप्ता को महामंत्री का दायित्व दिया था।
तब से भाजपा से बाहर रहे लालचंद गुप्ता की राजनीतिक यात्रा का मार्ग लगभग कंटीला ही रहा। वे बीजेपी की धुर विरोधी कांग्रेस पार्टी में चले गए, उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष पद दिया गया था। अब उन्होंने लोकसभा के चुनावी माहौल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपना एक लाइन में लिखा त्याग पत्र भेज कर न केवल पार्टी (कांग्रेस) में हलचल मचा दी है, वरन् सीधी लोकसभा सीट-11 के कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश्वर पटेल की राह में गहरी खाई खोदने का काम भी कर दिया है। फिलहाल आज दिन के 11 बजने और मुख्यमंत्री डॉ यादव के सीधी पहुंचने की प्रतीक्षा है। तब ही लालचंद गुप्ता को लेकर चल रही राजनीतिक कवायदों पर विराम लग सकेगा।
