भूमि के बंटनवार और नक्शा तरमीम के लिए पटवारी ने मांगा था 30 हजार का रिश्वत, भ्रष्ट अन्य पटवारी भी सकते में…
Newspost, Regional Desk. Singrauli, MP.
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में लोकायुक्त रीवा की टीम द्वारा की गई ट्रैप कार्रवाई से फिर सुर्खियों में है। रविवार, 1 फरवरी को लोकायुक्त की टीम ने आर्थिक भ्रष्टाचार से जुड़ी एक शिकायत पर जाल बिछाया और ट्रेप कार्रवाई करते हुए चुरकी हलका के पटवारी अम्बरीष कुमार वैश्य को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। इस जिले में बड़े पैमाने पर चल रहे भूमि अधिग्रहण के कार्य के कारण विस्थापित होने वालों से सामान्य कार्य के लिए पैसों की मांग करने वाले विभिन्न हलकों के भ्रष्ट पटवारी एवं राजस्व विभाग के लोग सकते में आ गए हैं।
यह थी शिकायत
लोकायुक्त टीम में शामिल अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ता महेंद्र प्रसाद यादव, निवासी ग्राम चुरकी, तहसील दुधमनिया, जिला सिंगरौली ने लोकायुक्त कार्यालय में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उनकी जमीन के बंटनवारा और नक्शा तरमीम करने के एवज कथित पटवारी तीस हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
ऐसे पकड़ा गया भ्रष्ट पटवारी
उक्त शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई कर दी। लोकायुक्त की टीम ने सिंगरौली मेन रोड स्थित प्रताप ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने जाल बिछाया और आरोपी ने केमिकल लगे 10 हजार रुपये की जैसे ही पहली किस्त ली, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के अधीन मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

लोकायुक्त दल में ये रहे शामिल
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व लोकायुक्त निरीक्षक संदीप भदौरिया कर रहे थे। निरीक्षक उपेंद्र दुबे और अन्य अधिकारी इस ट्रैप दल में शामिल रहे। स्वतंत्र शासकीय गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी कर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त संगठन ने आम अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो लोकायुक्त कार्यालय को तुरंत सूचना दें और भ्रष्टाचार निवारण करने में सहयोग करें। इस कार्रवाई के बाद जिले में भ्रष्टाचारियों के लिए सख्त संदेश गया है। जबकि आम नागरिकों का हौसला बढ़ा है।
