सात माह पूर्व भाजपा पार्षद पति व अन्य पर एसआई ने वर्दी फाड़ने आदि का लगाया था आरोप, अब हुआ पटाक्षेप…
Newspost, MP Desk. Crime Reporter.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। कोतवाली वैढ़न के नगर निरीक्षक (Town Inspector) कक्ष में 7 माह पूर्व, 02 फरवरी 2024 को नगर निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 41 में एक नाली के निर्माण के संबंध में उपजे विवाद की आड़ में वहाँ पदस्थ एसआई (Sub Inspector) विनोद मिश्रा ने भाजपा पार्षद श्रीमती गौरी गुप्ता के पति अर्जुन गुप्ता आदि पर वर्दी फाड़ने का गंभीर आरोप लगाया था। लेकिन थाने में लगे सीटीसीवी के इसी दिन यानी दिनांक 02 फरवरी 2024 की रिकॉर्डिंग के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब स्थिति पलट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्दी को फाड़ने, टोपी को उतार कर स्वयं फेंकने तथा बेल्ट खोलने को दर्शाते इस वीडियो क्लिप के वायरल होने के बाद अब बाजी पलट गई बताई जा रही है। अब एसआई पर पुलिस की वर्दी का स्वयं अपमान करने एवं झूठा आरोप लगाने के मामले में कठोर कार्यवाही की मांग की जा रही है।
वायरल क्लिप में क्या है ?
सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो में विवादित एसआई विचलित है और अपनी वर्दी व टोपी उतार कर टीआई चैम्बर में फेंकते हुए वीडियो में दिख रहा है। इस वीडियो क्लिप में वहां मौजूद संभ्रान्त लोग व नगर निगम के अधिकारी जिनमें कुछ महिलाएं भी दिखाई दे रही हैं, सभी हतप्रभ दिख रहे हैं। वीडियो में ऑडियो नहीं है। कमेंट बॉक्स में एसआई द्वारा स्वयं वर्दी फाड़ने की कड़ी निंदा भी की गई है।
यहाँ से उपजा यह विवाद…
सोशल मीडिया में वायरल हो रहा वीडियो 2 फरवरी 2024 का बताया गया है। यह कोतवाली टीआई के चैम्बर में लगे सीसीटीवी कैमरा में कैद हुआ है। वीडिओ की पुस्टि में मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला वार्ड 41 के गौतम बुद्धनगर में एक नाली निर्माण को लेकर है। बताया गया है कि कोतवाली में पदस्थ एसआई विनोद मिश्रा द्वारा अपनी वर्दी व पुलिसिया रौब की वजह से उक्त वार्ड में नाली निर्माण कार्य को रोका गया था। इसको लेकर वार्ड पार्षद गौरी अर्जुन गुप्ता, ननि तत्कालीन ईई श्री उपाध्याय, तत्कालीन टीआई सुबोध तिवारी व अन्य सभ्रान्त लोगों की मौजूदगी में वार्ड विकास पर समझौता चल रहा है। तभी अचानक आवेशित एसआई ने अपनी वर्दी फाड़ दी और टोपी बेल्ट फेंक दिया। यहाँ तक तो ठीक है जो वीडियो में दिख रहा है। लेकिन इस वीडियो के सार्वजनिक होने से पूर्व पार्षद के ऊपर वर्दी फाड़ने व एसआई को धमकाने का आरोप फर्जी व मनगढंत साबित हो गया। इसका पटाक्षेप घटना के 7 माह बाद स्वयं ही हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद जहाँ पार्षद पति अर्जुन गुप्ता ने राहत की सांस ली वहीं अब मुखर होकर एसआई के खिलाफ वर्दी का अपमान करने व झूठा आरोप लगाने के लिए उन पर कार्यवाही की मांग करने लगे हैं।
ध्यान देने योग्य तथ्य
जानकारी के अनुसार वार्ड 41 गौतम बुद्धनगर में ही एसआई विनोद मिश्रा ने अपना घर बनवाया है। वहां पर लम्बे समय से नाली नहीं होने की वजह से स्थानीय लोगों को खासतौर से बरसात के दिनों मे पानी निकासी की समस्या से दो चार होना पड़ता रहा है। जनता की मांग पर पार्षद ने निगामायुक्त व अन्य अधिकारियों को समस्या से अवगत कराकर उक्त बस्ती में नाली निर्माण का टेंडर करवाया। लेकिन पिछले डेढ़ दशक से निवासरत दबंग एसआई मिश्रा अपने घर के आगे से नाली नहीं बनाने देना चाहता था। नाली निर्माण कार्य का संविदाकार वहाँ टेंडर अवार्ड होने के बाद गया था जिसे बैरंग लौटा दिया गया। एसआई मिश्रा का कहना था कि वहां पर नाली की जरुरत नहीं है। जबकि बस्ती के हजारों लोगों को नाली के अभाव में काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एसपी व निगमायुक्त के स्थल निरीक्षण व आदेश को भी नहीं माना
बताया जाता है कि जब एसआई नाली निर्माण शुरू नहीं होने दिया तो पार्षद ने इसकी शिकायत एसपी व निगमायुक्त से की थी, जिसके बाद तत्कालीन एसपी व निगमायुक्त ने स्थल निरीक्षण कर दोबारा टीम को नाली निर्माण के लिए भेजा था। लेकिन एसआई मिश्रा ने उक्त अधिकारियों के आदेश को धता बताकर कार्य शुरू ही नहीं करने दिया। मामला गरमाने के बाद आपसी सुलह समझौते व बीच का कोई सरल रास्ता निकालने के लिए 2 फरवरी 2024 को टीआई के चैम्बर में सभी पक्ष बैठे थे। तभी अचानक आवेश में आकर उक्त एसआई ने अपनी वर्दी टोपी निकाल कर जमीन पर फेंक दी। जिसे थोड़ी देर बाद ब्लड प्रेशर की शिकायत होने का कारण बताकर मिश्रा पोलिक्लिनिक में भर्ती कराया गया था।
वीडियो वायरल होने से दर्जनों ने ली राहत की सांस
स्वयं वर्दी को कलंकित कर पार्षद पर वर्दी को फाड़ने का आरोप लगाने की वजह से पार्षद, उनके पति व अन्य डरे सहमे हुए थे। क्योंकि उनके पास इस आरोप को निराधार सिद्ध करने का कोई सबूत नहीं था। हालांकि वहां मौजूद ननि के श्री उपाध्यक्ष, टीआई व अन्य लोग थे, लेकिन फिर भी पार्षद कहीं न कहीं इस आरोप से सशंकित थे। बताया गया कि दबंग एसआई द्वारा बस्ती में अपनी पुलिसिया धाक दिखाकर लगभग दर्जन भर लोगों के ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। एसआई के इस व्यवहार से परिचित पार्षद पति अर्जुन गुप्ता भी सहमे हुए थे कि कहीं उनके ऊपर भी देर सवेर वर्दी फाड़ने के फर्जी आरोप आरोप में कहीं मुकदमा दर्ज न कर दे। लेकिन 7 माह बाद अचानक घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने से पार्षद ने राहत की सांस ली और अब मुखर होकर पलटवार किया है। पार्षद की मांग है की वर्दी का अपमान करने और जन प्रतिनिधि पर झूठा आरोप लगाने के लिए एसआई के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही हो।
एसआई ने किया है बेजा कब्जा
विवादित एसआई की कारगुजारियों काय उदाहरण उनका जमीन व निर्माणाधीन मकान दे रहे हैं। बताया गया कि एसआई मिश्रा ने केवल पांच डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री कराया है और कब्ज़ा 7 डिसमिल जमीन पर किया है। जिन्होंने अपनी जमीन बिक्री की है वह लोग इनका कुछ कर नहीं सकते। सो इस मामले को ठन्डे बस्ते में डाल केवल वहां से नाली निकालने में सहयोग की मांग कई वर्ष से कर रहे हैं। समाजसेवी अर्जुन गुप्ता जो उनके सुख दुख के साथी रहे हैं, इनके पार्षद बनने पर फिर नाली निर्माण की मांग उठने लगी। उसका टेंडर तो हुआ लेकिन इस नाली को एसपी, निगामायुक्त, पार्षद व अन्य लोग बनवा नहीं सके। बल्कि नाली के पक्षधर बस्ती के दर्जन भर लोगों को एसआई ने झूठे आपराधिक मुकदमों में उलझाकर उनका मुँह बंद कर दिया था।
कार्यवाही की प्रतीक्षा-
अब पुलिस विभाग और प्रदेश सरकार की ओर लोगों की नज़र है। लोगों का कहना है कि एक लोक सेवक के ऐसे बर्ताव, प्रशासन वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना, सम्मानित वर्दी के सरेआम अपमान, जन प्रतिनिधि व वार्डवासियों पर फर्जी आरोप और भू माफिया की तरह अवैध कब्जा कर विकास कार्यों को प्रभावित करने के मामले में पुलिस विभाग और प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार क्या कार्यवाही करती है, इसकी सभी को प्रतीक्षा रहेगी।
