विंध्य के लोक कलाकार एसपी व आईजी रीवा को सौंपेंगे ज्ञापन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात को बनाया मुद्दा

Regional Desk, R.B. Singh ‘Raaz’, सीधी, मध्य प्रदेश.  

ख्यातिप्राप्त भोजपुरी लोकगायिका नेहा सिंह राठौर के जिस सोशल मीडिया के पोस्ट पर सिटी कोतवाली सीधी में पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया है उसका अब विंध्य के लोक कलाकार खुलकर विरोध दर्ज करा रहे हैं और नेहा सिंह पर जबरन सीधी, सिंगरौली, छतरपुर, भोपाल, में दर्ज किए गए पुलिस प्रकरण के विरोध में पुलिस अधीक्षक व रीवा आईजी को लोक कलाकारों के द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा। 

वहीं विधि के जानकारों के अनुसार भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए उस व्यक्ति के ऊपर दर्ज की जाती है जिसके बयान व कार्य से किसी धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और सद्भाव बिगाडऩे का प्प्रयास किया हो। इसमें 3 साल तक के कारावास या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। 

जिले के वरिष्ट अधिवक्ता अरविंद शुक्ला ने बताया कि लोक गायिका नेहा सिंह ने जिस कार्टून को सोशल मीडिया में पोस्ट किया है उसमें किसी धर्म, किसी संस्था, भाषा अथवा किसी व्यक्ति विशेष की कोई जन हानि नहीं होती और न ही सामाजिक सौहार्द पर कोई असर पड़ता है। उनके कार्टून में कुछ भी ऐसा नहीं लिखा है जिससे यह सिद्ध हो कि उनके द्वारा किसी व्यक्ति या संस्था को अपमानित किया गया है। 

उधर लोक कलाकार हरिश्चन्द्र मिश्रा ने कहा कि लोक कलाकारों के अभिव्यक्ति को दबाने के लिए इस तरह से पुलिस प्रकरण दर्ज कर लोक कलाकारों को डराया, धमकाया जा रहा है जो न्यायसंगत नहीं है।

नेहा सिंह राठौर के द्वारा सोशल मीडिया में किए गए पोस्ट से किसी व्यक्ति व संस्था का संबंध इंगित नहीं होता। इसके बावजूद उनके विरुद्ध प्रदेश के चार-चार थाने में एक ही मामले को लेकर प्रकरण दर्ज किया जाना दूषित मानसिकता का परिचायक है।

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