यूपी एसटीएफ पर भी सवालिया निशान
पूर्व से ही सक्रिय है अंतर्राज्यीय शराब तस्कर तंत्र
Newspost.
पंजाब प्रांत से सिंगरौली के रास्ते भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब को ट्रकों में भरकर भेजा जाना सामान्य घटना नहीं है। इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि इसमें कोई पक्ष हैं। पहला खेप भेजने वाला, दूसरा उसे पाने वाला और तीसरा सम्पूर्ण मार्ग की व्यवस्था को देखने वाला। वैसे इस नेक्सस में राज्यवार भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है, यह पुलिस का काम है और सिंगरौली पुलिस अधीक्षक ने तह तक पहुंचेंगे के लिए कहा है तो वे इस माफिया तंत्र का पर्दाफाश भी जल्द ही कर देंगे।
अवैध मदिरा से भरे ट्रक का भंडाफोड़ जियावन पुलिस के मुखबिरों के चलते हो गया। अंतर्राज्यीय शराब तस्करों के इस अभियान का भण्डाफोड़ होने के बाद अब खबरें आ रही हैं कि यह कारोबार आज से नहीं काफी दिनों से चल रहा था और इसमें बड़ा खेल हो रहा था। वहीं यूपी की एसटीएफ टीम की भूमिका पर भी तरह-तरह के सवाल खड़े किये जा रहे हैं।
ज्ञात हो कि 9 अगस्त को जियावन पुलिस ने त्रिपुरा प्रांत के एक ट्रक से करीब 550 पेटी अंग्रेजी शराब कीमत लगभग 60 लाख रुपये जप्त किये जाने की घटना ने पूरे प्रदेश में तहलका मचा दिया।
बड़ी तस्करी की कहानी:
यह शराब पंजाब प्रांत के करतारपुर से बिहार राज्य के लिए रवाना की गई थी। आरोपी करण सिंह एवं फतेह सिंह दावी के यहां एक व्यक्ति का फोन आया था। आरोपी ने जियावन पुलिस के पूछताछ के दौरान इस तरह से कबूलनामा किया है। इसके एवज में 40 हजार रुपये का सौदा तय हुआ था। 3 अगस्त को हरियाणा के जींद के एक मोटर गैरेज से ट्रक दिया गया। दोनों आरोपी करतारपुर के लिए रवाना हो गये थे। इस दौरान फिर से संबंधित व्यक्ति का फोन आरोपियों के पास आया और ट्रक को ढाबा में खड़ाकर होटल में ठहर जाने के लिए कहा।
गत 4 अगस्त को ट्रक शराब से लोड हुआ और करतारपुर से राजस्थान होते हुए आगरा मार्ग से ग्वालियर, झांसी के रास्ते से होकर छतरपुर,पन्ना, सतना, रीवा, सीधी से होकर सिंगरौली होते हुए अनपरा उत्तरप्रदेश से गढ़वा झारखण्ड के रास्ते से बिहार राज्य में ले जाने की योजना बनायी थी और शराब तस्कर गिरोह वाट्सअप काल के माध्यम से ही आरोपियों से बातचीत कर रहे थे। किन्तु जियावन पुलिस ने तस्करों के इस मंशा को चकनाचूर कर दिया। वहीं पुलिस के अनुसार ट्रक का नंबर प्लेट भी कूट रचित है। सिंगरौली पुलिस वाहन के वास्तविक मालिक की तलाश में जुटी है। इधर सूत्र बता रहे हैं कि सिंगरौली के रास्ते से पहले भी इस तरह का खेला हुआ है। लेकिन इस बार शराब तस्करों के मंशा पर पानी फिर गया।
यूपी एसटीएफ पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि जिस समय जियावन पुलिस थाना परिसर में अवैध शराब के साथ ट्रक को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही थी ऐन उसी दौरान यूपी की एसटीएफ टीम भी वहाँ पहुंच गयी और उक्त ट्रक को अपने कब्जे में लेने की बात करने लगी। अब यहीं पर सवाल उठता है कि यूपी के एसटीएफ टीम को इस घटना की सटीक जानकारी कैसे मिली? की शराब से भरे ट्रक को जियावन पुलिस ने पकड़ा है। चर्चाएं यहां तक की जा रही हैं कि उक्त एसटीएफ टीम इस कारोबार में पर्दे के पीछे संलिप्त तो नहीं है या फिर रास्ता दिखाया जाता रहा हो। सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि यदि एसटीएफ टीम को पहले से भनक थी तो झांसी से लेकर यहां तक कई जिलों के रास्ते का पार किया फिर दबोचा क्यों नहीं गया। कहीं न कहीं मामला संदिग्ध लग रहा है। ऐसी चर्चाएं जोर-शोर से हैं।
