मऊगंज में उपद्रव के दौरान प्रशासनिक टीम पर हुए हमला में एएसआई की हुई थी मौत, तहसीलदार व अन्य अधिकारी गंभीर रूप से हुए घायल
Newspost, MP State Desk, Mauganj/Rewa.
मध्य प्रदेश का नया बना जिला मऊगंज अब सुर्खियों में है। बीते शनिवार को इस जिले की रमनगरी पंचायत के गड़रा गांव में जो कुछ हुआ, उसने तरह तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया। जनजातीय बाहुल्य इस गांव के एक युवक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। दुर्घटना के लिए जिम्मेदार एक युवक को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया जिससे कानून व्यवस्था और द्विपक्षीय विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। इस विवाद को सुलझाने और बंधक को मुक्त कराने गई पुलिस व प्रशासन की टीम पर उग्र ग्रामीणों ने हमला कर दिया। थाना प्रभारी शाहपुर संदीप भारती, हनुमना तहसीलदार पनिका, एएसआई जवाहर सिंह यादव और बृहस्पति पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के दौरान एएसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
वहाँ पहुंची एसडीओपी अंकिता सुल्या को भी आक्रोशित ग्रामीणों ने घेर लिया। हिंसा पर उतारू भीड़ ने पुलिसकर्मियों के लिए भारी मुश्किलों को खड़ा कर दिया था। हालात इतने बिगड़ गए कि कई पुलिसकर्मी वहां फंस गए और उन्हें चोटें आईं। सभी घायलों को सिविल अस्पताल एवं आशीर्वाद अस्पताल, मऊगंज में भर्ती कराया गया।
हालत अनियंत्रित होता देख सुरक्षा बढ़ाई गई
घटनास्थल पर लगातार बढ़ते तनाव के कारण अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कई घायल पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए और आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई।
पांच निरुद्ध, पुलिस ने संज्ञेय धाराओं में की कार्यवाही
मऊगंज में इस घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। यहाँ निषेधाज्ञा लगा दी गई। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। बताया जा रहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों और स्थानीय लोगों के बयान व वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने फिलहाल बीएनएस की विभिन्न संज्ञेय धाराओं में 5 को आरोपी बनाया है।
ग्रामीणों द्वारा मारपीट के दौरान हुई बंधक सनी द्विवेदी की मौत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गत दिनों सड़क हादसे में अशोक कुमार आदिवासी की मौत हो गई थी। आदिवासी परिवार ने इसे हादसा न मानते हुए सनी द्विवेदी नामक युवक पर हत्या का आरोप लगाया था। होली के दिन शाम करीब 4 बजे आदिवासी परिवार ने सनी द्विवेदी को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। मारपीट में सनी की मौके पर मौत हो गई।
हमले में 25वी बटालियन के जवान भी घायल
मऊगंज पुलिस अधीक्षक रसना ठाकुर ने बताया कि बंधक बनाकर युवक की पिटाई की सूचना मिलते ही शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कमरे को खुलवाया तो देखा कि युवक सनी द्विवेदी की मौत हो चुकी है। फोर्स को देखकर घबराए आरोपियों ने पुलिसवालों पर भी हमला कर दिया। जिसमें 25वीं बटालियन के जवाहर सिंह यादव समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हमले में थाना प्रभारी संदीप भारतीय, हनुमना तहसीलदार कुंवारे लाल पनिका, एएसआई बृहस्पति पटेल, एसडीओपी अंकिता सूल्या और 25वीं बटालियन के जवाहर सिंह यादव समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल एएसआई राम चरण गौतम की मौत हो गई।
पुलिस अंदर घुसी और गांव में 144 धारा लगाई
एसडीओपी अंकिता सूल्या और एसआई आरती वर्मा ने खुद को गांव में ही एक कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद भारी पुलिस फोर्स पहुंची। फायरिंग करते हुए पुलिस अंदर घुसी और गांव में 144 धारा लगाई। फोर्स ने तब एसआई-एसडीओपी को बाहर निकाला।
सीएम, डीजीपी ने जताया दुःख, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर बोला हमला
एएसआई रामगोविंद गौतम की मौत पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव व डीजीपी ने शोक प्रकट किया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला दिया। जीतू पटवारी ने कहा- जंगलराज से भी बदतर हुई मप्र की कानून व्यवस्था में अब तो पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। सबसे असफल गृहमंत्री का तमगा लेकर भी यदि आप निश्चिंत हैं, तो फिर मप्र की जनता भगवान भरोसे ही है। इस दुखद घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। बेलगाम अपराधों और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए भी सरकार को विधानसभा में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करनी चाहिए।
एएसआई गौतम को दिया शहीद का दर्जा, आश्रितों को मिलेगी एक करोड़ की सहायता राशि, एक को शासकीय सेवा का मौका भी- सीएम
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपने वक्तव्य में कहा है कि, मृतक एएसआई गौतम को शहीद का दर्जा, परिवार को एक करोड़ की सहायता राशि एवं एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
