🕉️🙏🌹 शुभ शनिवार 🌹🙏🕉️
Newspost, Spiritual Desk, Swami Dayanand Sharma.
जिस प्रकार वृक्षारोपण करने से आपको शीतल छाया स्वतः प्राप्त हो जाती है उसी प्रकार शुभ कार्य करने से समय आने पर सुख की प्राप्ति भी स्वतः हो जाती है। आपके द्वारा संपन्न ऐसा कोई शुभ और सद्कार्य नहीं जिसके परिणाम स्वरूप प्रकृति द्वारा आपको उचित पुरस्कार देकर सम्मानित ना किया जाए।
कुँआ खोदा जाता है तो फिर आपकी प्यास बुझाने के लिए शीतल जल की प्राप्ति भी स्वतः हो जाती है। जब-जब आपके द्वारा किसी और की भलाई के लिए निस्वार्थ भाव से कोई कार्य किया जाता है, तब-तब आपके द्वारा वास्तव में अपनी भलाई की ही आधारशिला रखी जा रही होती है।
आज आप किसी जरूरतमंद के लिए सहायक बनोगे तो आवश्यकता पड़ने पर कल आपकी सहायता और सहयोग के लिए भी कई लोग खड़े होंगे। सबकी प्रसन्नता के लिए जीने का भाव ही परमात्मा को प्रसन्न करने का मूलमंत्र भी है।
सुरपति दास
इस्कॉन/भक्तिवेदांत हॉस्पिटल
