साहित्यकारों ने किया नमन, दी श्रद्धांजलि
Newspost, Literature/Editorial Desk.
ऋंगि ऋषि की धरती सिंगरौली के ख्यातिलब्ध रचनाकार एवं हस्ताक्षर साहित्य परिषद् के संरक्षक कमलेश्वर ओझा जी की पूजनीय माता श्रीमती चंद्रावती देवी ने गत 31 जनवरी को मृत्यु लोक को त्याग दिया और गो-लोक प्रस्थान कर गईं। उन्होंने भोपाल में अंतिम सांस ली जहाँ उनके कनिष्ठ पुत्र व कमलेश्वर ओझा के अनुज राजेश ओझा ने मुखाग्नि दी। शेष सभी संस्कार उनके सिंगरौली स्थित निवास से पूर्ण किये जा रहे हैं।
स्वर्गीय माता जी का जन्म 01.01.1936 एवं देहांत दिनांक 31.01.2024 को हुआ। अपने 88 वर्ष के दीर्घ जीवन काल में आपने 5 पीढ़ियों को फलते फूलते देखा। अपने पीछे पुत्र- कमलेश्वर ओझा, शिव कुमार ओझा, राजेश ओझा, पुत्री – नागवंती तिवारी, आशा मिश्रा, संगीता शुक्ला का हरा-भरा परिवार छोड़कर स्वर्ग सिधार गईं।
इस दुःखद सूचना के बाद हस्ताक्षर साहित्य परिषद् के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रोहित गुप्त के आह्वान पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया। उक्त सभा में साहित्यकारों ने दिवंगत माता जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के उपरांत मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ साहित्यकार व शिक्षाविद प्रोफेसर विंध्यवासिनी प्रसाद पाण्डेय, एनसीएल से सेवानिवृत राजभाषा प्रबंधक रमाशंकर पाण्डेय, साहित्यकार पाणि पंकज पाण्डेय, सुरेश गुप्त ‘ग्वालियरी’, धनंजय कुमार, रजनीश शुक्ला, अमित तिवारी, रजनीश द्विवेदी, जीएल प्रसाद, दिलीप गुप्ता, श्रीमती पल्लवी शर्मा, सुश्री जतिंदर कौर, राजेन्द्र श्रीवास्तव, महेश गुप्त, अजय चतुर्वेदी ‘कक्का’, कृपा शंकर माहिर ‘मिर्जापुरी’, ददन सिंह सहित अनेक साहित्यकारों ने प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से अपनी गहन संवेदना व्यक्त की है।
