पार्षदों को विस्थापन संबंधी बैठकों में शामिल करने की मांग की
Newspost, Corporate Desk, सिंगरौली, MP।
आज शुक्रवार को, नगर निगम सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल ने मोरवा ज़ोन के पार्षदों के साथ एनसीएल सीएमडी से भेंट की और मोरवा शहर के विस्थापन के विषय में एनसीएल द्वारा की जा रही विसंगतियों पर चर्चा करने के उपरांत 11 सूत्री ज्ञापन सीएमडी को सौंपा। उन्होंने एनसीएल सीएमडी बी साईंराम को सभी बिंदुओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने हेतु आग्रह किया।
इस मौके पर महापौर रानी अग्रवाल के साथ वार्ड क्रमांक 9 के पार्षद शेखर सिंह, वार्ड 7 के पार्षद शिव शंकर प्रसाद, वार्ड 10 के पार्षद राजबहादुर पनिका, वार्ड 8 से आशीष अग्रहरी, वार्ड 5 से चन्द्रिका वर्मा व नीरज कुशवाहा मौजूद रहे। चर्चा के दौरान एनसीएल सीएमडी से मांग की गई कि विस्थापन संबंधी बैठकों में स्थानीय पार्षदों को भी बुलाया जाय।
ज्ञापन के बिंदु:
ज्ञापन पत्र में वर्णित सभी 11 बिंदुओं में-
1 विस्थापितों को नगर निगम क्षेत्र में ही बसाहट दिए जाने. 2पुनर्स्थापना स्थल में बसाहट एवं दी जाने वाली सारी सुविधाओं का रोड मैप स्थानीय अखबारों, मीडिया, प्रचार प्रसार माध्यमों एवं सार्वजनिक सभा द्वारा स्पष्ट करने के उपरांत ही नापी एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कराये जाने।- 3संपत्ति एवं परिसंपत्तियों का मूल्यांकन नगर निगम 45 वार्डों में से जिस वार्ड की भूमि सबसे ज्यादा मूल्य की हो, उसके आधार पर मूल्य निर्धारण कराये जाने।
- 4संपत्ति एवं परिसंपतियों के मूल्यांकन के लिये गणना पत्रक का प्रारूप एनसीएल एवं विस्थापितों के द्वारा संयुक्त रूप से तैयार कराये जाने।
5विस्थापन पूरे सिंगरौली (मोरवा) शहर का हो रहा है। इसलिए जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नापी एक साथ कराए जाने।6विस्थापितों को कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की लागू वार्षिक योजना के तहत कोल इंडिया लिमिटेड की अन्य अनुषंगी इकाइयों की तरह ही आजीवन इक्कीस हजार रुपये प्रतिमाह दिये जाने।- 7धारा 9(1) के तहत अर्जित की जाने वाली भूमि एवं परिसंपत्तियों एवं पुनर्वास पुनर्स्थापना के तहत दिए जाने वाले समस्त लाभों का भुगतान एकमुश्त में किये जाने. 8परिसंपत्तियों को हटाने के लिए शपथ पत्र के माध्यम से 12 माह की समय सीमा दिये जाने।
- 9डिसेंडिंग ऑर्डर के तहत नौकरी देने.
- 10
सभी विस्थापित परिवार के उपचार कार्ड के माध्यम से एनसीएल के अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज की सुविधा प्रदान कराने इत्यादि मांगों को सौंपे गये ज्ञापन पत्र में शामिल किया गया है।
