शक्तिबाण से लक्ष्मण हुए बेदम, भावुक दर्शकों की आंखें हुईं नम
Newspost, Corporate/Culture Desk, सिंगरौली।
आदित्य बिड़ला समूह के हिंडालको महान के कर्मियों द्वारा मंचित राम लीला की ख्याति अब क्षेत्रीय सीमाओं के बाहर तक पहुंचने लगी है। इस वर्ष भी रामलीला की अद्वितीय प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस भव्य राम लीला में भगवान श्रीराम और उनके भाई लक्ष्मण के शक्तिबाण लगने वाले दृश्य ने विशेष रूप से दर्शकों को भावुक किया। भगवान श्रीराम का अपने प्रिय भाई लक्ष्मण पर शक्तिबाण लगने पर विलाप करना इतना जीवंत था कि उपस्थित दर्शकों की आँखें नम हो गईं।
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राम लीला का शुभारंभ विधिवत भगवान गणेश और प्रभु श्रीराम की पूजा के साथ किया गया। इकाई प्रमुख एस. सेंथिलनाथ ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और भगवान राम के जीवन से जुड़ी सहनशीलता, धैर्य और परिवार के प्रति समर्पण जैसे गुणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एबीजी के मूल्यों में भी इन आदर्शों का समावेश है, जो कंपनी और समाज दोनों के विकास के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम में मानव संसाधन प्रमुख डॉ विवेकानंद मिश्रा ने प्रभु श्रीराम के विषय मे बताया कि भगवान राम में दयालुता का गहरा भाव था, जिससे उन्होंने हर प्राणी के प्रति दया दिखाई। उन्होंने सुग्रीव, हनुमान, केवट, निषादराज, जाम्बवंत और विभीषण को समय-समय पर नेतृत्व का अधिकार दिया।भगवान राम एक कुशल प्रबंधक थे, जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे। उनके नेतृत्व में लंका जाने के लिए पत्थरों का सेतु बना और उन्होंने सामान्य लोगों की शक्ति को एकत्रित कर रावण को पराजित किया। उन्होंने संगठन में शक्ति की महत्ता को रेखांकित किया।
हम राम के चरित्र को आत्मसात करके अपने संस्थान व कार्यक्षेत्र में सफल हो सकते हैं। वही कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों का रामलीला परिषद के उपाध्यक्ष सुशान्त नायक द्वारा स्वागत किया गया। कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति में पहले दिन एबीपीएस के छात्रों द्वारा लव व कुश के द्वारा रामानन्द सागर की रामायण धारावाहिक का गाया हुआ गीत “हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की, ये रामायण है ,पुण्य कथा श्री राम की” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हालांकि लवकुश प्रसंग मंचित नहीं किया गया, लेकिन गीत की मधुरता और बच्चों की आवाज़ ने सभी को भावनाओं में डुबा दिया।
राम लीला की शुरुआत शिव-पार्वती संवाद और श्रवण कुमार के मार्मिक दृश्य से हुई, जिसने लीला को भावनात्मक ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इस भव्य आयोजन में स्मेल्टर प्रमुख एस. शशिकुमार, सीपीपी प्रमुख प्रांजल पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राम लीला के निर्देशक अभिषेक उपाध्याय और कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सभी ने सराहना की। कार्यक्रम के अंत में राम लीला परिषद के सचिव रामजतन गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

