📌 नकाबपोश बदमाशों द्वारा अकेली महिला को बेदम पीटकर लाखों के जेवरात व नकदी उड़ा लेने का मामला, माड़ा पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने में हीलाहवाली पर एसपी ने की कार्रवाई
Newspost, Regional Desk.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। माड़ा थाना क्षेत्र के करामी गांव में दिनदहाड़े हुई लूट की घटना चर्चा में है। घटना 12 जून की दोपहर 1 बजे की बताई गई है। उक्त घटना की पीड़िता एक गृह स्वामिनी है जिसके घर में दो नकाबपोश बदमाश घुसे और बेल्ट से बुरी तरह से मारा पीटाकर उसे बंधक बना लिया। फिर उसके घर से लाखों कीमत के सोने चांदी के गहने और 50 हजार नकदी को लेकर रफूचक्कर हो गए।
घटना विस्तार से...
माड़ा थानाक्षेत्र के ग्राम करामी निवासी रामलल्लू विश्वकर्मा के घर में बीते 12 जून को दो नकाबपोशधारी घूसे और अकेली महिला शांति देवी पर टूट पड़े। बदमाशों ने चमड़े के बेल्ट से शांति देवी को बेरहमी से मारा पीटा और उसे बंधक बनाकर लाखों कीमत के सोने-चांदी के आभूषण एवं 50 हजार रुपये नगद उड़ा ले गये। पीड़ित पक्ष के सत्यम विश्वकर्मा ने बताया कि यह घटना दिन दहाड़े हुई है। उसने बताया कि जब मेरे पिता रामलल्लू विश्वकर्मा शासकीय आईआईटी पचौर से ड्यूटी कर शाम 7 बजे वापस घर पहुंचे तो वहां मेरी माँ शांति देवी बेहोशी की हालत में पड़ी थी, उसके हाथ, पैर एवं मुंह बंधे हुये थे। करीब आधा घण्टा बाद उसे होश आया तब उसने पूरी कहानी बताई।
सूचना के बाद डायल 100 पुलिस वाहन व अन्य पुलिस अधिकारी माड़ा से ग्राम करामी पहुंचे और पीड़ित पक्ष को थाने ले गये। वहां पूछताछ के बाद दूसरे दिन 13 जून को किसी तरह एफआईआर दर्ज की गई। उसमें भी मारपीट एवं लूट डकैती जैसी घटना का जिक्र न कर पुलिस ने घर में तोड़फोड़ व चोरी के अपराध की धारा लगाकर कार्रवाई की है। जबकि मेरी माँ ने जितने भी आभूषण पहने थे उन सभी को लूटेरों ने उतार लिया था।
माड़ा थाना इंचार्ज लाईन अटैच
माड़ा क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर पिछले महीनों से आरोप लग रहे थे। थाना क्षेत्र में गत चार महीने से रेत सहित अवैध कारोबारी निर्भय हो गये थे। अपराध लगातार बढ़ने, चोरी की वारदातों के आम होने की शिकायत मिलने पर एसपी निवेदिता गुप्ता ने थाना प्रभारी उप निरीक्षक एनपी तिवारी को लाईन अटैच कर दिया तथा उप निरीक्षक निपेन्द्र सिंह को माड़ा थाना का प्रभारी बनाया दिया है।
केके पाण्डेय, एसडीओपी ने यह कहा …
इनका कहना है-
करामी गांव में चोरी की वारदात हुई है। अपराध दर्ज कर पतासाजी की जा रही है। विवेचना के दौरान एफआइआर में अन्य धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
