शा. हाई स्कूल चुरकी में आयोजित युवा समारोह में स्वामी विवेकानंद से जुड़े प्रश्नों का छात्र छात्राओं ने दिया उत्तर
Newspost, Regional Desk, A. Anand.
सिंगरौली (म.प्र.) भारत। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर शासकीय हाई स्कूल चुरकी में आयोजित युवा दिवस समारोह में सामूहिक सूर्य नमस्कार व योगाभ्यास के उपरांत छात्र- छात्राओं ने मुख्य अतिथि द्वारा पूछे गए प्रश्नों का त्वरित उत्तर दिया।
युवा समारोह में वरिष्ठ पत्रकार, ‘हस्ताक्षर’ साहित्य परिषद् के अध्यक्ष व विद्वत परिषद् के सचिव रोहित गुप्त मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सरपंच चुरकी रामलल्लू सिंह की उपस्थिति थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सविता मिश्रा कर रही थीं। संचालन उ. मा. शिक्षक संजय कुमार द्विवेदी व संत कुमार वैस द्वारा किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक सर्वश्री रामकृपाल शाह, राम गोविंद प्रजापति, गौतम प्रसाद विश्वकर्मा, श्रीमती वर्षा द्विवेदी, पंचायत सचिव व स्टाफ की उपस्थिति रही।

सर्वप्रथम माँ सरस्वती, स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्राओं द्वारा स्वागत गीत के उपरांत अतिथियों एवं विद्यालय परिवार के साथ बच्चों ने एक साथ सूर्य नमस्कार तथा योगाभ्यास किया।
जिज्ञासा ने बालक नरेन्द्र को बना दिया विवेकानंद–
युवा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि रोहित गुप्त ने कहा कि हम आज एक उत्कृष्ट विद्यार्थी स्वामी विवेकानंद की जयंती मना रहे हैं। आज ही छत्रपती शिवाजी महाराज की माता श्री जीजा बाई जी की भी जन्म जयंती है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि आप में जिज्ञासा है और उसका समाधान ढूंढ़ने के लिये गुरु के मार्गदर्शन में ईमानदार प्रयास करेंगे तो आप भी अपने लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। उन्होंने अनेक प्रसंगों को उद्धृत करते हुए कहा कि जिज्ञासु बालक नरेन्द्र आगे चलकर स्वामी विवेकानंद बना जिनकी जयंती हम सभी मना रहे हैं। श्री गुप्त ने कहा कि आप सभी विशिष्ट हैं। आप सभी में कुछ न कुछ विशेष है, उसे पहचानें और आगे बढ़ें। संबोधन के क्रम में उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से जुड़े कुछ प्रश्न छात्र छात्राओं से पूछा, जिसका बच्चों ने तत्परता से उत्तर दिया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि सरपंच रामलल्लू सिंह ने कहा- उठो जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या श्रीमती मिश्रा ने आभार ज्ञापन किया।
