एसडीओपी नीरज नामदेव ने की थी उत्कृष्ट विवेचना

नीरज नामदेव की SDOP सिंगरौली पदस्थापना के दौरान पुलिस थाना जियावन ज़िला सिंगरौली में फरियादी छोटेलाल यादव पिता कन्हैयालाल यादव उम्र 22 साल साकिन हर्राविर्ती थाना जियावन जिला सिंगरौली ने थाना आकर मौखिक सूचना दिया कि दिनांक 27.05.2020 के सुबह 8 बजे उसकी पत्नी प्रेमकुमारी यादव, उम्र 20 साल की घर से शौच करने बाहर गई थी जो वापस नहीं आई। उसके द्वारा थाना जियावन में जाकर गुम इसान की कायमी कराई गयी थी।

वह अपने पत्नी की पता तलास कर रहा था कि दिनांक 02.06.2020 को समय करीब 10 बजे दिन गांव के कल्लू पंडित उसे बूढाबांक की पहड़ी में बुलाये तथा बताए की छिउला के पेड में एक औरत अपनी साड़ी से फांसी लगाकर लटकी थी लाश से गंध आ रही थी। उसने कपड़ा देखकर पहचाना उसकी पत्नी प्रेमकुमारी फांसी लगाकर लटकी थी जिसकी मृत्यु हो गई थी। तब वह अपने भाई राजकुमार यादव, कल्लू पंडित वगैरह को अपनी पत्नी प्रेमकुमारी की लाश होना बताया। उसकी पत्नी फांसी क्यों लगाई उसे नहीं मालूम। उक्त आशय की सूचना थाना जियावन पर प्राप्त होने पर मर्ग क्रमांक 35/2020 धारा 174 दण्ड प्रक्रिया संहिता,दिनांक 02.06.2020 को 13.06 बजे पंजीबद्ध किया गया।

सम्पूर्ण मर्ग जांच एसडीओपी नीरज नामदेव द्वारा की गई, जांच के दौरान नामदेव द्वारा मृतका की मां बबुली देवी, पिता कन्हैयालाल यादव, भाई राममनोहर यादव, भाई रमेश यादव, चचेरा भाई दिनेश यादव एवं चाचा बिहारीलाल यादव सभी निवासी ग्राम मटिया, थाना सरई जिला सिंगरौली एवं पण्डित लक्ष्मीकांत चतुर्वेदी निवासी ग्राम पुरैल, थाना सरई जिला सिंगरौली के विस्तृत कथन लेख किए गए। पाया गया कि मृतका का विवाह छोटेलाल यादव से दिनांक 06.05.2020 को हुआ था। मृतका नव विवाहिता थी। मृतका के माता-पिता द्वारा अपनी सामर्थ्य अनुसार घरेलू सामान दिया गया था। शादी के कुछ दिनों बाद से मृतका का पति छोटेलाल यादव, जेठ राजकुमार यादव, जेठानी राजकली यादव, देवर सोनू यादव द्वारा दहेज में मोटरसायकल, सोने की चैन व अंगूठी की मांग कर गाली गलौज व मारपीट करते हुए शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। साथ ही मृतका को उसके पति, जेठ, जेठानी व चचेरे देवर द्वारा काली-कलूटी भैंस कहकर नापसंद किया जाने लगा। इससे तंग आकर मृतका द्वारा दिनांक 27.05.2020 को अपने ससुराल ग्राम हर्राविर्ती के जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई।

मृतका के लापता होने की स्थिति में थाना जियावन में दिनांक 28.05.2020 को गुमशुदी गुम इसान क्र. 12/2020 में दर्ज कराई गई, गुमशुदा के शव की सूचना दिनांक 02.06.2020 को सूचनाकर्ता कल्लू पण्डित द्वारा थाना जियावन में दिए जाने के फलस्वरूप शव का पंचनामा व शिनाख्तगी कार्यवाही कराई गई। शिनाख्ती कार्यवाही में मृतका के पति द्वारा उसकी साड़ी एवं शरीर के बनावट से पहचान की गई। पश्चात शव का पंचनामा तहसीलदार देवसर से कराया जाकर शव का पीएम सीएचसी देवसर से कराया गया। पीएम रिपोर्ट प्राप्त हुई जिसने डाक्टर द्वारा मृत्यु फांसी लगाकर आत्महत्या करने से श्वास अवरुद्ध होने के कारण मृत्यु होना लेख किया गया। 

सम्पूर्ण मर्ग की जांच से आरोपी पति छोटेलाल यादव, जेठ राजकुमार यादव, जेठानी राजकली यादव एवं चचेरा देवर सोनू यादव सभी निवासी ग्राम हर्रा विर्ती थाना जियावन का कृत्य धारा 304 बी, 498 ए, 34 भादवि एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम का अपराध पाए जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया तथा दिनांक 22.07.2020 को माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण में फरियादियों के बयान, ज़ब्ती व अन्य सुसंगत साक्ष्यों के आधार पर चारों अभियुक्तगण को दिनांक 09.12.2024 को माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश देवसर जिला सिंगरौली श्री विजय कुमार सोनकर द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से श्री मारकंडेय मणि त्रिपाठी अपर लोक अभियोजक ने बहुत ही मज़बूत पक्ष रखा।

प्रकरण की विशेष बात यह थी की विवेचक DSP नीरज नामदेव द्वारा अपने अखंडित साक्ष्य तथा सूक्ष्म विवेचना से प्राप्त तथ्यों को न्याय हेतु प्रमाणित पाया गया जिसके आधार पर सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई। DSP नीरज नामदेव वर्तमान में अलिराजपुर जिले की जोबट तहसील में SDOP के रूप में पदस्थ हैं। इनके द्वारा की गई गंभीर विवेचनाओं में सभी प्रकरणों में सजा हुई है। इसलिए पुलिस विभाग इनको उत्कृष्ट विवेचक के रूप में देखता है।

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