पारिवारिक आर्थिक तंगी बन रही थी छात्रा के अध्ययन में बाधा
Newspost, MP- Regional Desk. अरविंद मिश्र की रपट.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। कलेक्टर सिंगरौली चन्द्रशेखर शुक्ला की प्रशासनिक सूझ-बूझ एवं मानवीय संवेदनशीलता की चर्चा व्यापक हो गई है। प्रसंग यह है कि… उन्होंने एक बुझते हुए दीपक को तेल से लबालब कर उसे नव जीवन प्रदान कर दिया। हुआ कुछ ऐसा कि आगे पढ़ने के मार्ग में पारिवारिक आर्थिक तंगी को बाधक जान एक छात्रा अपने जीवन से निराश हो चुकी थी। कलेक्टर श्री शुक्ला ने इस ग्रामीण छात्रा को न केवल नव -जीवन प्रदान किया, वरन् उसकी पढ़ाई में भरपूर सहयोग के आश्वासन के साथ साथ सब सामाज के लिए एक सुखद संदेश भी दिया है।
अपने माता-पिता की आर्थिक विपन्नता के चलते पूर्णतया हताश निराश होकर लगातार रो रही छात्रा को कलेक्टर श्री शुक्ला ने यह कहते हुए संबल प्रदान किया कि “तुम बहादुर लड़की हो…रोओ मत और डरो भी नहीं…तुम कलेक्टर के पास बैठी हो… तुम्हारी शिक्षा संबंधी सभी बाधाओं का निदान होगा।”
ऐसा रहा यह घटनाक्रम...
जिला क्षेत्र के हर आम और खास को सुखद अहसास से भर देने वाली यह घटना गत बुधवार को कलेक्टर कार्यालय में उस समय घटित हुई जब कलेक्टर श्री शुक्ला अपने चेम्बर में आम जनमानस की समस्याओं को सुन रहे थे। तभी एक छात्रा वहां पहुंची और रोने -विलखने लगी। छात्रा की गंभीर हालत को भांप श्री शुक्ला ने महिला तहसीलदार - सविता यादव एवं वन स्टाप सेण्टर की महिला काउंसिलर को बुलाया। फिर उसे समझाते हुए उसकी शिक्षा व्यवस्था प्रशासनिक सहयोग से कराने एवं अध्ययन के दौरान रहने की व्यवस्था छात्रावास में कराने का आश्वासन दिया। सुबह से भूखी-प्यासी बच्ची को भोजन कराते हुए उसमें जीवन के प्रति फिर से उमंग भरने का प्रयास किया गया। इसी बीच जिला मुख्यालय से लगभग 35-40 किलोमीटर दूर बंधौरा गांव से छात्रा के परिजनों को बुलाकर आगे पढ़ने हेतु बच्ची को प्रोत्साहित करते रहने की समझाइश भी दी गई। छात्रा के संतुष्ट होने पर उसे और उसके परिजनों को तहसीलदार की गाड़ी से सकुशल उनके घर भेजवाया गया।
कहीं पारिवारिक लिंग भेद का मामला तो नही!
"बेटी पढ़ाओ -बेटी बचाओ" ,बेटा -बेटी एक समान जैसे आकर्षक संदेश के साथ बेटा-बेटी में भेदभाव जैसी कुरीति के उन्मूलन हेतु शासन-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बीच इस तरह की घटना का सामने आना पारिवारिक लिंग भेद के पनपने जैसे यक्ष प्रश्न को भी जन्म देता प्रतीत हो रहा है। क्योंकि उपलब्ध वीडियो में इस संकेत को भी बल मिल रहा है।
