एनसीएल एनएससी ने लगाई जागरुकता कार्यशाला: कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध व निवारण) अधिनियम 2013 की दी जानकारी
Newspost, National/Corporate Desk. @rohitgupta
सिंगरौली/कोलकाता। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में बीते 9 अगस्त को घटित हृदय विदारक रेप-मर्डर कांड के बाद पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश के चिकित्सक कार्यस्थल पर अपनी सुरक्षा को लेकर आंदोलित हैं। आज भारत का सर्वोच्च न्यायालय में इस केस की सुनवाई होनी है। सीबीआई ने इस केस के जांच के लिए पर्याप्त समय मांगा है। दूसरी ओर गत रविवार की शाम कोलकाता में चिकित्सक हाथों में मशाल लेकर श्याम बाजार तक गए। दो अक्टूबर गांधी जयंती के दिन कोलकाता के चिकित्सक मेगा रैली निकालेंगे।

देशभर में चिकित्सकों के चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कोल इंडिया की कंपनी एनसीएल के सबसे बड़े अस्पताल नेहरू शताब्दी चिकित्सालय (एनएससी) ने “कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध व निवारण) अधिनियम 2013” की जागरुकता के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। इस दौरान सीएमएस, एनएससी डॉ. विवेक खरे बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।
महिला कर्मचारियों ने पॉश ऐक्ट के प्रावधानों को समझा
कार्यशाला के दौरान पॉश ऐक्ट के तहत गठित एनसीएल की आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्षा एवं स्टाफ अधिकारी (कार्मिक) सीडब्ल्यूएस श्रीमती रेजीना बा और अन्य सदस्यों ने उपस्थित महिलाओं को पॉश अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और महिला कर्मियों को प्राप्त अधिकारों के बारे में बताया। इसके अतिरिक्त पॉश अधिनियम के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका और शिकायत प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की।
90 महिला कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
कार्यशाला के दौरान 90 महिला प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और लिंग आधारित भेदभाव के बारे में शिकायत दर्ज करने और अपने मौलिक अधिकारों के बारे में ज्ञान अर्जन किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एनएससी डॉ. संगीता प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एनएससी, डॉ. प्रतिमा कुमारी, पॉश अधिनियम के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति सदस्य प्रवेश कुमार, स्टाफ अधिकारी (कार्मिक), श्रीमती रचना दुबे, प्राचार्य (डी.ए.वी.) ककरी, सदस्य सचिव/ सुश्री सफूरा रूबाब, प्रबंधक (कार्मिक) सीडब्ल्यूएस एवं डॉ. मौलिना चौरसिया, डॉ. उमा महेश्वरी, डॉ. नाहिद नसीम उपस्थित रहे।

