🕉️🙏🪷 शुभ मंगलवार 🪷🙏🕉️
परोपकार के बेर चुनते जाएंगे, तभी आपके घर ..राम आएंगे..!!!
Newspost, Motivational. 🔸Swami Dayanand Sharma.
परोपकार एक ऐसा प्रयास है जो कोई व्यक्ति या संगठन मानव कल्याण को बेहतर बनाने की परोपकारी इच्छा के आधार पर करता है। जिन फलों को वृक्ष द्वारा बाँटा नहीं जाता..एक समय उन फलों में अपने आप सड़न आने लगती है और वो सड़कर वृक्ष को भी दुर्गंधयुक्त कर देते हैं । इसी प्रकार समय आने पर प्रकृति द्वारा सब कुछ स्वतः ले लिया जायेगा। अब ये आप पर निर्भर करता है.. कि आप बाँटकर सुगंध को बिखेरना चाहते हैं.. या संभालकर, संग्रह और आसक्ति की दुर्गंध को रखना चाहते हैं.. ।
परोपकार ऐसा गुण है जो मानव को पशु से अलग कर देवत्व की श्रेणी में ला खड़ा करता है । पशु और पक्षी भी अपने ऊपर किए गए उपकार के प्रति कृतज्ञ होते हैं। सच तो यह है कि जीवन का संपूर्ण विकास धर्म पालन से ही संभव हो सकता है। मानव जीवन दुर्लभ माना गया है। इसलिए जीवन को सुख-शांति व सौहार्द्रपूर्ण बनाने के लिए यह आवश्यक है कि हम परोपकार के महत्व को समझें। 'परोपकार' से ही मनुष्यत्व और पशुत्व में भेद समझा जा सकता है।
कहा गया हैतरुवर फल नहीं खात है, नदी न संचै नीर।
परमारथ के कारने, साधु न धरा शरीर।।

