Newspost, Editor’s Desk. @rohitgupta
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हृदय रोग से बाधित शिशुओं का आंकड़ा चिंता में डालने वाला है। हाल ही विश्व हृदय दिवस पर जिला चिकित्सालय में 'राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम' के अंतर्गत आयोजित विशेष शिविर में आए 25 में से 8 शिशुओं का दिल बीमार पाया गया। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से सितंबर 2025 तक 55 बच्चों की सर्जरी आरबीएसके के तहत कराई गई है। अभी भी 70 ऐसे बच्चे बताए गए हैं जिन्हें निगरानी में रखा गया है। डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सिंगरौली के निर्देशन में विश्व हृदय दिवस पर आयोजित शिविर में 25 बच्चों के दिल की जांच आरबीएसके चिकित्सकों ने इको मशीन के द्वारा की थी, जिनमें 8 शिशु हृदय- रोगी मिले हैं।
आरबीएसके की सहायता से हो रहा नि: शुल्क उपचार
डीईआईएम भूभारती सिंह ने साझा जानकारी में बताया कि वर्ष 2023 से अभी तक सिंगरौली जिले में 55 बच्चों के दिल की सर्जरी करवाई जा चुकी है। अप्रैल 2025 से अभी तक आरबीएसके चिकित्सकों द्वारा 70 बच्चे दिल की बीमारी के चिन्हित किये जा चुके हैं जिसमें से 46 बच्चे अभी फ़ॉलोअप में हैं। इनकी हर 3 माह में इको मशीन से जांच की जाती है। अधिक गंभीर लक्षण नहीं होने पर दवा एवं परामर्श व इको जाँच करवाने की सलाह दी जाती है। जबकि गंभीर लक्षण वाले बच्चों को आयुष्मान भारत चिन्हित हॉस्पिटल में भेजकर उनका नि: शुल्क इलाज सुनिश्चित करवाया जाता है।
एनसीएल भी करती है सहयोग
उन्होंने बताया कि इस वर्ष मार्च 2025 से अब तक नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) सीएसआर के सहयोग से "नन्हा सा दिल" अभियान के अंतर्गत 8 बच्चों की सर्जरी करवाई जा चुकी है। अन्य 4 बच्चों की सर्जरी एसआरसीसी चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल मुंबई में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत नि:शुल्क करवाया गया है। विश्व हृदय दिवस पर आयोजित शिविर में 25 बच्चों की इको जाँच की गई जिसमें से चिन्हित 8 बच्चों के दिल अस्वस्थ पाये गए हैं। इन्हें नि:शुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जायेगी।
शिविर में डॉ. मनोज गौतम शिशु रोग विशेषज्ञ, श्रीमती भूभारती सिंह डीईआईएम सिंगरौली, सुभाष भार्गव स्टाफ नर्स व स्टाफ जिला चिकित्सालय शामिल रहे।
