News Desk, सिंगरौली,एमपी।
कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सिंगरौली स्थित एक प्रमुख अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) अपने खनन क्रियाकलापों को डिजीटली संचालित करने के लिए अपनी 4 खदानों में प्रोजेक्ट “डिजीकोल” की शुरुआत कर चुकी है।
क्या है प्रोजेक्ट डिजिकोल ?
कोल इंडिया की परिकल्पना ‘प्रोजेक्ट डिजीकोल, खदानों के समयबद्ध एवं सुरक्षित संचालन के लिए एक प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्था है जो अमूमन आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा नियंत्रित की जाती है। एनसीएल ने अपनी चार प्रमुख खदानों में ड्रोन टेक्नोलॉजी का प्रयोग भी प्रारम्भ किया है। इससे खदान संचालन के विभिन्न कार्य आसान हो जाएंगे। एनसीएल द्वारा बड़े पैमाने पर खदान डिजिटलीकरण कर एआई आधारित नवीन प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर्मचारियों में सुरक्षा के भाव के साथ ही परस्पर प्रतिस्पर्धा (Competition) को बढ़ावा देगा।

एनसीएल ने ड्रोन टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके 2 माह की अवधि में खदान का 30,000 हेक्टेयर से अधिक के उत्खनन क्षेत्र का मानचित्रण किया गया है। जिसकी मदद से प्राप्त हुए खदान के डेटा से कंपनी को आने वाले समय में बेहतर प्लानिंग, वर्तमान परिचालन की स्थिति, सुरक्षित खनन आदि में मदद मिलेगी। साथ ही कम समय और लागत में 3-डी मॉडल्स, स्लोप रिपोर्ट और अन्य खदान संबंधी गतिविधियों के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण डेटासेट्स प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
एनसीएल में उत्पादकता, सुरक्षा एवं खदान मानकीकरण के नए पैमाने स्थापित करने हेतु कंपनी की 4 खदानों– निगाही , जयंत , दूधीचुआ , खड़िया में प्रोजेक्ट डिजिकोल शुरू किया गया है। जिसमें 17 अलग अलग मॉड्यूल में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए कंपनी कर्मियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
