एबीकेएमएस (महासंघ) ने कोल इंडिया में आंदोलनात्मक कार्यक्रम की जानकारी दी
कुल 17 मांगों को लेकर कोल उद्योग में बीएमएस आंदोलनरत, एनसीएल की सभी यूनिटों में हुआ धरना प्रदर्शन
Newspost, National Corporate Desk. Rohit Gupta
नागपुर/कोलकाता/सिंगरौली। कोल उद्योग में कार्यरत मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने आंदोलन छेड़ दिया है। गुरुवार, 26 सितंबर को सीएमएस के संघठन भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ ने एनसीएल की सभी इकाइयों में महाप्रबंधक कार्यालय के सामने धरना किया तथा प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की। महासंघ द्वारा कोल इंडिया के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को सौंपे गए पत्र में अपनी कुल 17 मांगों को जायज बताते हुए उनके शीघ्र समाधान हेतु ध्यान आकृष्ट कराया गया है।
कोल इंडिया लिमिटेड के मजदूरों से संबंधित मांगें :
1. सभी अनुषांगिक कंपनी में एक जैसा सदस्यता सत्यापन/चेक ऑफ़ सिस्टम, औ.सं. (IR) पध्दति सुनिश्चित किया जाए।
2. वेतन समझौता-11 में मंजूर मांगों का संपूर्ण क्रियान्वयन किया जाए।
3. सभी अनुषांगिक कंपनी में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण किया जाए एवं पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती कर कंपनी अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएँ उपलब्ध किया जाए।
4. कैडर स्कीम में सुधार कर कंपनी मे पुराने पद नाम जैसे (जनरल मजदूर, माइनिंग सरदार, ओवरमैन, डेटा एन्ट्री ऑपरेटर) इत्यादी में बदलाव किया जाए।
5. कोल उद्योग में कार्यरत महिला सशक्तिकरण हेतु सभी अनुषांगिक कंपनी में कमेटी का गठन किया जाए।
6. भूमि अधिग्रहण के मुआवजा में बढ़ोत्तरी कर भू-आश्रित को पदस्थ करने में हो रही गड़बड़ी में सुधार किया जाए।
7. सीपीआरएमएस (CPRMS) स्कीम में कैशलेस ईलाज सुनिश्चित किया जाए और स्मार्ट कार्ड सभी को यथाशीघ्र दिया जाए।
8. रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट धारक मायनिंग संवर्ग के गैर अधिकारी से अधिकारी वर्ग में पदोन्नति हेतु पॉलिसी में आवश्यक सुधार किया जाए।
9. सेवानिवृत कर्मचारियों का पेंशन रिवाईज किया जाए और बकाया एरिअर्स का भुगतान शीघ्र किया जाए।
10. ठेका मजदूरों की समस्या जैसे 8 घंटा ड्यूटी बायो मेट्रिक हाजरी, वेतन, भत्ते, सुरक्षा, कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, बोनस/पीएलआर, एचपीसी वेजेस आदि का क्रियान्वयन किया जाए।
11. कोल उद्योग में कार्यरत मजदूरों को दुर्घटना होने पर सिंगरेनी कंपनी के तर्ज पर स्थाई मजदूरों को 1 करोड़ 15 लाख एवं ठेका मजदूरों को 40 लाख का एक्सीडेंट इन्शुरन्स लागू किया जाए।
12. सुरक्षा संबंधी सभी मानदंडों (एसओपी), कानून इत्यादि का सख्ती से क्रियान्वयन किया जाए, दुर्घटनामुक्त उत्पादन को सुनिश्चित किया जाए, दुर्घटना के लिये दोषियों को दंडित किया जाए।
13. सीएमपीएफ में हुई निवेश धांधली की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को दंडित करने व राशि की वसूली कर क्षतिपूर्ति की जाए।
14. प्रबंधन द्वारा बीएमएस/एबीकेएमएस के साथ विशेषकर सीएमपीएफ में अपनाई जा रही पक्षपात नीति पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
15.सीएमपीएफ में ऑनलाइन प्रक्रिया शीघ्र अमल किया जाए।
16. LPF के तर्ज पर कम से कम 15000 रुपये पर वित्त मंत्रालय द्वारा 1.16 का अंशदान पेंशन स्कीम में जमा किया जाए।
17. न्यूनतम पेन्शन 1000/- रुपये तुरंत एरियर्स समेत भुगतान किया जाए।
महामंत्री का कहना-
महासंघ के महामंत्री सुधीर घुरडे ने बताया है कि उपरोक्त सभी समस्याओं को लेकर संघठन द्वारा मौखिक चर्चा, पत्राचार, आंदोलनात्मक कार्यक्रम के माध्यम से कोल इंडिया प्रबंधन का ध्यानाकर्षण इसके पूर्व में कई बार की गई। बावजूद इसके प्रबंधन द्वारा टालमटोल की नीति अपनाने के कारण कामगारों में प्रबंधन के प्रति काफी रोष व्याप्त है। इससे किसी भी समय औद्योगिक शांति भंग होने की प्रबल संभावना है। इसलिए अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ पदाधिकारी बैठक दिनांक 13 अगस्त 2024 को नागपुर में संपन्न हुई। उक्त बैठक में प्रबंधन के अनदेखी रवैये पर चिंता व्यक्त की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रबंधन द्वारा उपरोक्त सभी समस्याओं का निराकरण यथाशीघ्र न करने पर संघठन द्वारा आंदोलनात्मक कार्यक्रम किया जाएगा।
एबीकेएमएस का आंदोलनात्मक कार्यक्रम -
प्रथम चरण दिनांक 01 सितम्बर से 10 सितम्बर 2024 तक प्रत्येक ईकाई स्तर पर श्रमिक जागरण हेतु द्वार सभा की गई।
द्वितीय चरण हेतु निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 26 सितम्बर 2024 को सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन एवं नारेबाजी किया गया।
आंदोलन का तृतीय चरण
दिनांक 30 सितम्बर 2024 को एनसीएल सहित सभी कंपनी मुख्यालय के समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन किया जायेगा। इसके उपरांत भी प्रबंधन द्वारा समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर संघठन द्वारा तीव्र आंदोलन किया जायेगा, फलस्वरूप उत्पन्न स्थिति के लिए प्रबंधन पूर्ण रूप से जिम्मेदार रहेगा।

