Newspost, MP State Desk. Report by Suraj K Tiwari
भोपाल/सिंगरौली।
जारी शैक्षणिक सत्र की परीक्षाएं अब संपन्न हो गई हैं। आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश भी शुरू हो चुका है। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है। मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय नई शिक्षा नीति पर अधिक जोर दे रहा है जिसमें कौशल आधारित शिक्षा शामिल है। विभिन्न प्रकार के ट्रेड अब स्कूली शिक्षा में शामिल किए गए हैं। जो पहले विद्यार्थियों को पॉलिटेक्निक कॉलेज, आईटीआई कॉलेजों में जाकर शिक्षा प्राप्त करनी पड़ती थी, वह अब 9वीं से लेकर 12वीं तक के सेलेबस में शामिल कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश में समग्र शिक्षा के अंतर्गत नवीन व्यवसायिक, स्टार परियोजना, पीएम श्री आईसीटी जैसी योजनाएं हाई स्कूलों व हायर सेकेंड्री स्कूलों में चलाई जा रही हैं। जिसका उद्देश्य ही बच्चों में परंपरागत विषयों के साथ- साथ कम्प्यूटर की शिक्षा व व्यवयायिक शिक्षा देना है।
700 नए विद्यालयों सहित कुल 3084 स्कूलों में शुरू होगी व्यवसायिक शिक्षा
प्रदेश में और 700 हाई स्कूलों व हायर सेकेंड्री स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा सत्र 2025-26 में शुरू होने जा रही है। 2384 विद्यालयों में पहले से ही व्यवसायिक शिक्षा संचालित है। नए सत्र के लिए शासन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए विभिन्न ट्रेड़ों में आउट सोर्स पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
व्यवसायिक शिक्षा पर जोर
विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा में विद्यार्थियों का अधिक से अधिक एडमिशन हो इसके लिए प्रचार प्रसार, पैरेंट्स मीटिंग, काउंसलिंग, वीडियो, फोटो, पैम्पलेट्स, बैनर, पोस्टर आदि का सहारा लिया जा रहा है। बच्चों को कौशल आधारित शिक्षा का महत्व बताया जा रहा है ताकि बच्चों में इसके प्रति रुचि पैदा हो।
जरूरी है कौशल आधारित शिक्षा
देश में बढ़ती जनसंख्या व बेरोजगारी को देखते हुए सरकार परंपरागत विषयों के साथ- साथ कौशल आधारित विषयों को लेकर आई है। नई शिक्षा नीति में कोशिश की गई है कि बच्चों में ज्ञान के साथ- साथ हुनर भी डेवलप हो। जिसके द्वारा बच्चों को नौकरी पाने में आसानी हो। यदि नौकरी न भी मिले तब भी बच्चे खुद का कोई उद्यम करने योग्य बन सकें।
