हमारे संविधान में भगवान राम के मर्यादा की व्याख्या: रोहित गुप्त
Newspost, City Desk, A. Anand
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। गत 22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्रीराम की ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा का अच्छा खासा असर गणतंत्र दिवस के 75वें समारोह में देखने को मिला। लगभग सभी संस्थाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राष्ट्र भक्ति के साथ ही भगवान राम के गीत, एकल व सामूहिक नृत्य की सुंदर प्रस्तुति की गई।

शासकीय पूर्व माध्यमिक व हाई स्कूल देवरीडांड द्वारा आयोजित गणतंत्र दिवस के संयुक्त समारोह में लगभग एक सैकड़ा छात्र छात्राओं ने शारीरिक के साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। इनमें से कई कार्यक्रम राष्ट्र एवं राम को समर्पित रहे। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार, हस्ताक्षर साहित्य परिषद के अध्यक्ष व विद्वत परिषद के सचिव रोहित गुप्त एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पार्षद ननि राज बहादुर, सेनि प्राचार्य आरएन सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्राचार्य ए के दुबे ने स्वतंत्रता के बलिदानियों को नमन करते हुए अतिथियों का स्वागत किया और गणतंत्र दिवस पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि रोहित गुप्त ने कहा कि संविधान में भगवान श्रीराम की मर्यादा और उनके मर्यादित राम राज्य के विधानों की व्याख्या की गई है। उन्होंने प्रभु राम पर लिखे अपने गीत को भी सुनाया। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि श्री सिंह ने भी संबोधित किया। संचालन वरिष्ठ शिक्षक मनोज कुमार कर रहे थे।
इस अवसर पर शिक्षक- शिक्षिकाएं आरएन कुशवाहा, आरएन वर्मा, डीएन सिंह, श्रीमती संगीता सोनी, सरोज साकेत, केके दुबे, माध्यमिक विभाग से प्रधानाध्यापक सीएल सिंह, श्रीमती मंजू शर्मा, वंदना सिंह, आनन्द पनिका, कु. मोनिका दुबे व अतिथि शिक्षक दीपशिखा दुबे एवं दोनों विद्यालयों के स्टाफ तथा भारी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
