बीजेपी की शतरंजी चाल से I.N.D.I. Alliance चारों खाने चित

कांग्रेस के आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा ‘कई रोगों से ग्रसित I.N.D.I.A. वेंटीलेटर पर पहुंच गई थी, नीतीश ने किया अंतिम संस्कार ‘
Newspost, Political Desk. @RohitGupta
पटना, नई दिल्ली, सिंगरौली। भाजपा, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध गढ़े गए इंडी गठबंधन नामक कुनबे में नीतीश कुमार के फिर से पाला बदल लेने से भूचाल आ गया है। भाजपा व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हर हाल में फिर से सत्ता में आने से रोकने के लिये जेडीयू नेता तथा बिहार के मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार उर्फ सुशासन बाबू ने करीब डेढ़ साल पहले मोदी से घृणा करने वालों को एक मंच पर पटना में लाने का प्रयास किया था। इस गठबंधन की दूसरी बैठक बंगलुरू में हुई और इसका नामकरण ‘इंडिया’ कर दिया गया। मजे की बात यह है कि कांग्रेस के विरोध में चुनाव लड़ने वाले दल भी एक साथ होने का दावा करने लगे। लेकिन अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा, जेडीयू के अध्यक्ष रहे ललन सिंह की आरजेडी से करीबी, ममता बनर्जी द्वारा मल्लिकार्जुन खड़गे को संयोजक बनाने का प्रस्ताव और केजरीवाल द्वारा इसका समर्थन करने की घटना के बाद जननायक स्व. कर्पूरी ठाकुर को मोदी सरकार द्वारा भारत रत्न सम्मान ने विचलित नीतीश कुमार को फिर से पुराने रिश्तों की याद ताजा करा दी।
रविवार, 28 जनवरी की सुबह नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंच कर अपना इस्तीफा और फिर से सरकार बनाने का दावा पेश किया था। शाम को राजभवन के राजेंद्र मंडप में नीतीश कुमार ने 9वीं बार बिहार के सीएम की शपथ ग्रहण कर लिया। नीतीश के साथ ही भाजपा के दो नेताओं को उप मुख्यमंत्री, हम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष मांझी तथा एक निर्दलीय ने मंत्री पद का शपथ ले लिया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश के अलावा 8 सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम बने हैं।
नीतीश सहित 9 ने ली शपथ:
नीतीश कुमार जहां मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा उप मुख्यमंत्री बने हैं। शपथ लेने वालों में जेडीयू से विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव, बीजेपी से प्रेम कुमार और जेडीयू के श्रवण कुमार शामिल हैं. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन भी मंत्री बन रहे हैं। जेडीयू कोटे से निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह को भी कैबिनेट में जगह दी गई है। बिहार में फिर से एनडीए की सरकार आ गई है। 2020 का फार्मूला इस बार भी लागू करने की बात कही जा रही है, जिसमें बीजेपी के 16, जेडीयू के 12, हम के एक और एक निर्दलीय मंत्री हो सकते हैं। मंत्रिमंडल का विस्तार आगामी दिनों होगा।
नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, हम संरक्षक जीतनराम मांझी, एलजेपीआर चीफ चिराग पासवान और आरएलजेडी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा समेत एनडीए के तमाम बड़े चेहरे मौजूद रहे।नीतीश कुमार को 128 विधायकों का समर्थन: 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 128 विधायक हैं. इसमें जेडीयू के 45, बीजेपी के 78, हम के 4 और एक निर्दलीय विधायक शामिल हैं।
इस घटना का साईड इफेक्ट
राम मंदिर उद्घाटन के तुरंत बाद जननायक स्व. कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान देकर मोदी सरकार ने हिंदी पट्टी के एक बड़े राज्य बिहार की राजनीति के साथ ही सामाजिक खलबली पैदा कर दी। बिहार में सत्ता परिवर्तन का असर बंगाल और झारखंड पर भी पड़ेगा। एनडीए ने फिलहाल इंडी एलायंस से ‘N’ गायब कर दिया है। अब स्थिति I.-D.I.A. है ??
